कोंडागांव असल बात News 18 सितंबर 2026 राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छतीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा सं...
कोंडागांव
असल बात News
18 सितंबर 2026
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छतीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा संचालित 60 दिवसीय मेगा ड्राइव नालसा योजना 2026 के तत्वाधान में चल रहे ग्राम पंचायत तोतर में विशेष विधिक एवं जनसमस्या समाधान शिविर के दूसरे दिन भी ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए विभागों तक पहुंचने की जरूरत नहीं पड़ी, बल्कि विभिन्न विभागों की सेवाएं शिविर स्थल पर ही उपलब्ध कराई गईं।
शिविर का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव श्री खिलावन राम रिगरी के मार्गदर्शन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री गायत्री साय के नेतृत्व एवं उपस्थिति में किया गया।
शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं को गहनतापूर्वक सुना एवं समझा गया तथा प्रत्येक समस्या के निराकरण की दिशा में संबंधित विभागों के समन्वय से आवश्यक कार्यवाही की गई। स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, आयुष्मान सेवा, आधार सेवा, बैंक, डाकघर , शिक्षा विभाग एवं श्रम विभाग सहित विभिन्न विभागों के माध्यम से ग्रामीणों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराते हुए उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्य किया गया।
इस पहल के तहत जिन ग्रामीणों के आधार कार्ड नहीं बने थे, उनके आधार कार्ड बनवाने की कार्यवाही की गई। इसी प्रकार पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड एवं राशन कार्ड बनवाने, श्रमिकों के श्रम कार्ड तैयार कराने तथा बैंकिंग सुविधा से वंचित ग्रामीणों के नए बैंक खाते खुलवाने का कार्य भी किया गया। साथ ही ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं उनके लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं को केवल सुनने तक सीमित न रखते हुए समस्या की प्रकृति को समझकर संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए उसके समाधान की दिशा में कार्य किया गया। इससे ग्रामीणों को आवश्यक दस्तावेज एवं शासकीय सेवाएं प्राप्त करने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी से राहत मिली।
शिविर के दौरान ग्रामीणों को विधिक सहायता एवं उनके अधिकारों के साथ-साथ विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। ग्रामीणों की समस्याओं को केवल दर्ज करने के बजाय उन्हें संबंधित विभागों से जोड़कर निराकरण की दिशा में ठोस पहल की गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की यह पहल न्याय, विधिक सहायता और जनसेवा को एक ही मंच पर जोड़ने का प्रयास है। तोतर में दूसरे दिन भी जारी रहा यह शिविर ग्रामीणों के लिए अपनी समस्याएं सीधे रखने और उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम बना।
“शिविर ने यह संदेश दिया कि विधिक सेवा का उद्देश्य केवल न्यायालय तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति तक न्याय और सहायता पहुंचाना भी है।”तोतर में जारी रहा यह शिविर ग्रामीणों के लिए अपनी समस्याएं सीधे रखने और उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम बना।
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