भिलाई . असल बात news. आरोपी एक प्राइवेटबैंक में रिलेशनशिप मैनेजर था लेकिन, आरोप है कि वह अपने पद का लाभ उठाकर बड़े रकम वाले खाताधारकों की जा...
भिलाई .
असल बात news.
आरोपी एक प्राइवेटबैंक में रिलेशनशिप मैनेजर था लेकिन, आरोप है कि वह अपने पद का लाभ उठाकर बड़े रकम वाले खाताधारकों की जानकारी प्राप्त कर उन्हें गोल्ड ईटीवी में निवेश एवं अधिक लाभ का प्रलोभन दिया जाता था।आरोपी निवेशकों से चेक प्राप्त कर मुख्य आरोपी योगेश साहू के खाते में राशि जमा करता था तथा निवेशकों को अपने खाते से लाभांश की राशि प्रदान करता था।थाना सुपेला में आरोपी के विरुद्धधारा 318(2), 318(4), 61(2), 111(4) बीएनएस के प्रकरण में निवेश के नाम पर ठगी का प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी राजू नामदेव, निवासी सेक्टर-07, भिलाई द्वारा थाना सुपेला में लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई थी कि आरोपी योगेश साहू एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा निवेश पर प्रतिमाह 10 प्रतिशत लाभांश देने का प्रलोभन देकर उसे विश्वास में लिया गया। आरोपियों द्वारा अन्य ग्राहकों के बैंक खाते के स्टेटमेंट दिखाकर निवेश योजना को विश्वसनीय बताया गया। इसके बाद प्रार्थी से बैंक खाता एवं मोबाइल संबंधी जानकारी प्राप्त की गई।
आरोपियों द्वारा प्रार्थी से 21मार्च 2025 को लगभग 15 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर करा लिया गया । प्रारंभिक अवधि में प्रार्थी के खाते में लाभांश की राशि भेजी गई, जिसके बाद लाभांश देना बंद कर दिया गया तथा राशि वापस करने का आश्वासन दिया जाता रहा। बाद में प्रार्थी को जानकारी हुई कि अन्य निवेशकों से भी इसी प्रकार बड़ी रकम प्राप्त की गई है।
विवेचना में पता चला कि आरोपी राजकुमार तिवारी HDFC बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत रहते हुए बड़े रकम वाले खाताधारकों की जानकारी प्राप्त करता था। इसके बाद निवेशकों को गोल्ड ईटीवी में निवेश कर अधिक लाभ कमाने का प्रलोभन दिया जाता था। आरोपी द्वारा निवेशकों से चेक प्राप्त कर राशि मुख्य आरोपी योगेश साहू के खाते में जमा किए जाने का पता चला।
उक्त कार्यवाही में थाना सुपेला के थाना प्रभारी एस.एन. सिंह, उनि धनेश्वर साहू, आरक्षक कमल साहू एवं प्रदीप सिंह की भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस के द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी निवेश योजना में राशि लगाने से पहले संबंधित संस्था, योजना एवं उसके अधिकृत होने की स्वतंत्र रूप से जांच करें। असामान्य रूप से अधिक अथवा निश्चित लाभ का प्रलोभन देने वाली योजनाओं में बिना सत्यापन राशि जमा न करें तथा संदिग्ध निवेश प्रस्ताव, बैंक खाते या लेन-देन की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।


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