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टाटामारी में हरेली त्योहार पर हुआ फूड फेस्टिवल का आयोजन कायाकिंग और म्यूजियम का हुआ शुभारंभ

  कोंडागांव, असल बात News  13 अगस्त 2026 केशकाल के इको पर्यटन केंद्र टाटामारी में हरेली पर्व के अवसर पर प्रकृति, संस्कृति और स्थानीय व्यंजनो...

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कोंडागांव,

असल बात News 

13 अगस्त 2026

केशकाल के इको पर्यटन केंद्र टाटामारी में हरेली पर्व के अवसर पर प्रकृति, संस्कृति और स्थानीय व्यंजनों का अनूठा संगम देखने को मिला। वन विभाग के नेतृत्व में आयोजित फूड फेस्टिवल में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुसार विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए बस्तर और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का अतिथियों ने स्वाद लिया। कार्यक्रम के दौरान टाटामारी को प्लास्टिक मुक्त बनाने की विशेष मुहिम की शुरुआत की गई। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष बिहारीलाल सोरी के हाथों म्यूजियम और टाटामाड़ी में कायाकिंग सुविधा का भी शुभारंभ किया गया। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष बिहारीलाल सोरी, पार्षद भूपेश चंद्राकर, नम्रता भारद्वाज, महेश तारम, डीएफओ दिव्या गौतम, एसडीओ सुषमा नेताम, वरिष्ठ पत्रकार कृष्णदत्त उपाध्याय समेत वन विभाग की पूरी टीम एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।


प्लास्टिक मुक्त टाटामारी की दिशा में पहल- 


डीएफओ दिव्या गौतम ने बताया कि हरेली पर्व के आयोजन का उद्देश्य लोगों को प्रकृति और स्थानीय परंपराओं से जोड़ना है। महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा पर्यटकों और अतिथियों के लिए पारंपरिक व्यंजन तैयार किए गए। टाटामारी के तालाब में कायाकिंग सुविधा शुरू की गई है। साथ ही पूर्व में लिए गए प्लास्टिक मुक्त टाटामाड़ी के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय महिला समूहों और दुकानदारों को 10-10 रुपये के टोकन उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है, ताकि प्लास्टिक के उपयोग को कम किया जा सके और टाटामाड़ी को प्लास्टिक मुक्त बनाया जा सके।


प्रकृति संरक्षण का संदेश देता है हरेली आयोजन-


इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष बिहारीलाल सोरी ने हरेली त्योहार के अवसर पर वन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस आयोजन के माध्यम से लोगों को जंगल और हरियाली के संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश मिला है। उन्होंने इस आयोजन के लिए वन विभाग एवं महिला समूहों की सराहना करते हुए समस्त केशकालवासियों को हरेली पर्व की शुभकामनाएं दीं।


संस्कृति, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण का संगम : पार्षद


पार्षद भूपेश चन्द्राकर ने कहा कि वन विभाग द्वारा टाटामारी के माध्यम से अब केशकाल क्षेत्र के अन्य पर्यटन स्थलों को भी पहचान मिल रही है और बाहरी पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरेली का मूल भाव हरियाली और प्रकृति संरक्षण से जुड़ा है, इसलिए वन संरक्षण के साथ-साथ टाटामारी को प्लास्टिक मुक्त बनाने की पहल भी इस आयोजन को सार्थक बनाती है। 


पर्यटन से महिला समूहों का भविष्य संवर रहा है- 


वरिष्ठ पत्रकार कृष्णदत्त उपाध्याय ने कहा कि वन विभाग द्वारा विभिन्न जिम्मेदारियां महिला समूहों को सौंपना सराहनीय कदम है। इससे समूहों से जुड़ी महिलाओं की संख्या और उनके आय के साधन लगातार बढ़ रहे हैं। टाटामारी में देश-दुनिया से पर्यटकों का आगमन बढ़ने के साथ स्थानीय महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने महिला समूहों द्वारा तैयार किए गए बस्तर और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों की भी सराहना की।