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कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बूढ़ा महादेव से रायपुर मार्ग के विभिन्न ग्रामों में कावड़ियों के लिए बनाए जा रहे विश्राम स्थलों का किया निरीक्षण,कलेक्टर ने मूलभूत सुविधा सुनिश्चित करने, कांवड़ स्टैंड लगाने के दिए निर्देश

 कवर्धा,असल बात बेमेतरा सहित अन्य जिलों से आने वाले कांवड़ियों के लिए रायपुर मार्ग में बनाए जा रहे विश्रामालय कवर्धा, । सावन माह में भगवान श...

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 कवर्धा,असल बात



बेमेतरा सहित अन्य जिलों से आने वाले कांवड़ियों के लिए रायपुर मार्ग में बनाए जा रहे विश्रामालय

कवर्धा, । सावन माह में भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए बेमेतरा सहित प्रदेश के अन्य जिलों से जल लेकर आने वाले कांवड़ियों की सुविधा, सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। इसी क्रम में कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने आज बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर से लेकर रायपुर मार्ग स्थित रानीसागर, बिरकोना और दशरंगपुर में बनाए गए विश्राम स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने तथा किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने देने के निर्देश दिए। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी उपस्थित रहे। 


निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर के समीप निर्माणाधीन डोम का अवलोकन किया और कांवड़ियों के लिए बेहतर विश्राम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने रानीसागर में बनाए गए कांवड़ स्टैंड का निरीक्षण किया तथा बिरकोना के पंचायत भवन में कांवड़ियों के ठहरने की व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए पृथक शौचालय, स्वच्छ पेयजल तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने दशरंगपुर स्थित विश्राम स्थल का निरीक्षण कर वहां भी सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने कहा कि कबीरधाम जिले के साथ-साथ बेमेतरा एवं अन्य जिलों से आने वाले कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए विश्राम, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि पदयात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।


उल्लेखनीय है कि ऐतिहासिक एवं धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र भोरमदेव मंदिर और पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर, कवर्धा में सावन माह के दौरान कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं द्वारा पदयात्रा कर भगवान शिव का जलाभिषेक करने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इस दौरान कबीरधाम सहित बेमेतरा एवं अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग के प्रमुख पड़ावों पर विश्राम, पेयजल, स्वच्छता, शौचालय तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम वातावरण में अपनी यात्रा पूर्ण कर सकें।

असल बात,न्यूज