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मुख्य सचिव की विभागीय सचिवों के साथ उच्चस्तरीय बैठक: रिटायरमेंट से पहले प्रकरणों के निराकरण के निर्देश, अधिकारियों को दिए जरूरी दिशा-निर्देश

  रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भारसाधक सचिवों की उच्च स्तरीय बैठक ली। बैठक में ...

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 रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भारसाधक सचिवों की उच्च स्तरीय बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा की गई।


सेवा निवृत्ति से पहले करें प्रकरणों का निराकरण

मुख्य सचिव ने कहा है कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विभिन्न प्रकरणों के निराकरण उनके सेवा निवृत्त होने से पहले ही तैयार कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी कर्मचारियों की सूची विभागावार नियतकालिक अवधि में बनायी जाए। विभागों में रिक्त पदों की सूची एवं बैकलॉक के पदों पर सेटअप बनाकर भर्ती प्रक्रिया पूरी करें।





योजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश

मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को उनके विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में लोक सेवा गारंटी, सूचना के अधिकार, सेवा सेतु, लोक सेवा गारंटी, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति, डी रेगुलेशन, ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। बैठक में बताया गया कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 728 सेवाएं को नोटिफाइड हो चूकी है।


iGOT के तहत विभागवार प्रशिक्षण पर जोर

मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि आई-गॉट के तहत विभागवार चिन्हित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग की जाये। अधिकारी-कर्मचारियों को आई-गॉट के तहत विभाग की आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण दिलाने कहा है। अधिकारी- कर्मचारियों के लिए आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण के कार्ययोजना बनायें। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि रिफार्म के तहत अपने-अपने विभागवार जानकारी तैयार करें। आगामी दिनों में रिफार्म उत्सव अभियान का आयोजन होगा।


बैठक में ये रहे शामिल

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव शहला निगार, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, मुख्यमंत्री एवं सुशासन अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव एस.प्रकाश, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजु एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव भुवनेश यादव सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।