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प्रयास आवासीय विद्यालय में छात्रों का फूटा गुस्सा, अव्यवस्थाओं पर SDM ने दिए निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश

  जगदलपुर। देश के भविष्य को संवारने का दावा करने वाले प्रयास आवासीय विद्यालय में अब बच्चों का भविष्य ही सवालों के घेरे में नजर आ रहा है। जग...

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 जगदलपुर। देश के भविष्य को संवारने का दावा करने वाले प्रयास आवासीय विद्यालय में अब बच्चों का भविष्य ही सवालों के घेरे में नजर आ रहा है। जगदलपुर के धुरगुड़ा स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय के छात्रों ने अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन के सामने खुलकर आवाज उठाई। छात्रों का आरोप है कि जिस समय उनकी कक्षाएं चलती हैं, उसी दौरान परिसर में निर्माण कार्य कराया जाता है, जिससे मशीनों का शोर पढ़ाई में लगातार बाधा बन रहा है।



बच्चों का कहना है कि आईआईटी-जेईई और नीट की तैयारी कराने वाले अनुभवी शिक्षकों को अचानक हटा दिया गया, जबकि उनकी जगह योग्य शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई। विरोध करने पर उनकी बात सुनने के बजाय टाल दिया जाता है और कथित तौर पर “पढ़ना है तो पढ़ो, नहीं तो मत पढ़ो” जैसी बातें कही जाती हैं।


छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार शिक्षकों को बदला जाता है, जिससे उनकी तैयारी प्रभावित हो रही है। कई छात्रों ने दावा किया कि विरोध करने पर टीसी काटने, नोटिस देने और एफआईआर की धमकी तक दी गई। सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, छात्रों ने हॉस्टल की बदहाल व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए।


उनका कहना है कि बाथरूम, पीने के पानी और साफ-सफाई की स्थिति खराब है। भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायत करते हुए छात्रों ने खाने में कीड़े मिलने तक के आरोप लगाए। छात्रों ने अपने पसंदीदा शिक्षकों और वार्डन को वापस लाने की मांग करते हुए कहा कि वही उन्हें जेईई-नीट की सही तैयारी, मार्गदर्शन और मोटिवेशन देते थे।


वहीं मामले को लेकर एसडीएम मनीष वर्मा ने छात्रों की शिकायतों को गंभीर बताते हुए भोजन व्यवस्था, हॉस्टल, पानी, बाथरूम और स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि वे हर सप्ताह हॉस्टल का निरीक्षण करेंगे और आवश्यक सुधार कराएंगे।

कोऑर्डिनेटर के व्यवहार को लेकर मिली शिकायतों पर एसडीएम ने कहा कि पहले समझाइश दी जाएगी और यदि सुधार नहीं हुआ तो नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आश्वासन से बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा, या फिर प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही प्रयास विद्यालय की व्यवस्थाओं में वास्तविक बदलाव दिखाई देगा?