भिलाई . असल बात news. स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, हुडको, भिलाई में नवप्रवेशित विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों के स्वागत एव...
भिलाई .
असल बात news.
स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, हुडको, भिलाई में नवप्रवेशित विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों के स्वागत एवं अभिमुखीकरण हेतु "दीक्षा आरंभ" कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक परंपराओं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-दोहजारबीस, विभिन्न संकायों, पाठ्यक्रमों, रोजगारोन्मुखी अवसरों एवं महाविद्यालय की उपलब्धियों से परिचित कराना था। कार्यक्रम का शुभारंभ नवप्रवेशित विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों का चंदन एवं कुमकुम तिलक लगाकर स्वागत, दीप प्रज्वलन तथा माँ सरस्वती की वंदना के साथ हुआ।
महाविद्यालय की राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रभारी एनईपी प्रभारी एवं रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. रजनी मुदलियार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-दो हजार बीस के प्रमुख प्रावधानों, बहुविषयक शिक्षा, कौशल विकास तथा क्रेडिट प्रणाली की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि महाविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने वाला संस्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार एवं उत्कृष्ट नागरिक निर्माण की पाठशाला है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन के साथ-साथ कौशल विकास, नवाचार, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि "डिग्री आपको रोजगार दिला सकती है, लेकिन आपकी वास्तविक पहचान आपके कौशल से बनती है।" उन्होंने अभिभावकों को विश्वास दिलाया कि महाविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
शंकराचार्य शैक्षणिक परिसर के निदेशक डॉ. दीपक शर्मा व डॉ. मोनीषा शर्मा ने नव प्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की
कार्यक्रम में कला संकाय से श्री गोल्डीय सिंह राजपूत, वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय से श्रीमती खशबू पाठक एवं डाW. शर्मिला समल , कंप्यूटर साइंस से श्रीमती रूपाली खर्चे तथा विज्ञान संकाय से डा. शमा ए. बैग द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभागों के शैक्षणिक एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों, उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों, विद्यार्थियों की उपलब्धियों, प्लेसमेंट तथा विभिन्न अवसरों की जानकारी दी गई। साथ ही विद्यार्थियों को जनरल इलेक्टीव एवं वैल्यू एडेड कोर्स विषयों के चयन एवं उनके महत्व से अवगत कराया गया।
विद्यार्थियों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से सीपीआर का विशेष प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया। डॉ. ज्ञानेश मिश्रा, प्रोफेसर] शिशु रोग विभाग] श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस ने बताया कि हृदय गति या श्वास रुकने जैसी आपातकालीन स्थिति में समय पर दिया गया सीपीआर किसी व्यक्ति का जीवन बचा सकता है। उन्होंने कहा कि अपातकालीन स्थिति में एक सौ बारह, एक नम्बर सबो बर पर सहायता हेतु संपर्क करें एवं गाड़ी के पहुचते तक सही तकनीक से चेस्ट कंप्रेशन देने तथा आवश्यक होने पर रेस्क्यू ब्रीदिंग देने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का संचालन वाणिज्य विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री अमरजीत सिंह ने किया तथा आभार प्रदर्शन कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष श्रीमती रूपाली खर्च ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, विभागाध्यक्ष, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, आत्मीयता एवं प्रेरणा से परिपूर्ण रहा।



"
"
" alt="" />
" alt="" />


