भिलाई . असल बात news. स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, हुडको के शिक्षा विभाग द्वारा गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा, सम्मान ...
भिलाई .
असल बात news.
स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, हुडको के शिक्षा विभाग द्वारा गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा, सम्मान एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को रेखांकित करते हुए गुरुजनों के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता का भाव जागृत करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात कार्यक्रम संयोजक डॉ. मंजू कन्नोजिया ने स्वागत उद्बोधन देते हुए गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि जीवन को सही दिशा, श्रेष्ठ संस्कार एवं नैतिक मूल्यों से भी परिचित कराते हैं। गुरु के मार्गदर्शन से ही व्यक्ति अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होता है।
शंकराचार्य शैक्षणिक परिसर के निदेशक डॉ. दीपक शर्मा ने कहा कि गुरु ज्ञान, विवेक और जीवन मूल्यों के वास्तविक पथप्रदर्शक हैं उनका मार्गदर्शन विद्यार्थियों को सफलता के शिखर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने अपने शुभकामना संदेश में सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। विद्यार्थियों को सदैव अपने गुरुजनों का सम्मान करते हुए उनके आदर्शों एवं शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।
शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. अजरा हुसैन ने अपने संदेश में कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण एवं चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गुरु के प्रति सम्मान एवं समर्पण ही विद्यार्थी जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है।
कार्यक्रम के दौरान बी.एड. तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थी दिकेश चंद्राकर ने गुरु महिमा पर आधारित भावपूर्ण कविता प्रस्तुत की। इसके अतिरिक्त राहुल साहू, रश्मि वर्मा, आकांक्षा साहू, उजमा खातून, ट्विंकल, खुशबू, लक्ष्मी सिन्हा, अनीशा, आशीष नायक, हर्ष साहू, श्रेय चंद्राकर एवं वाणी ने गुरु के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए गुरुजनों के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता प्रकट की।
मंच संचालन बी.एड. तृतीय सेमेस्टर के छात्र रश्मि वर्मा ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ मंजू कनोजिया ने दिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम श्रद्धा, अनुशासन एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से ओत-प्रोत वातावरण में संपन्न हुआ।


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