भिलाई . असल बात news. शासकीय उचित मूल्य की दुकान में ऑनलाइन रिकॉर्ड से वहां उपलब्ध चावल के स्टॉक का भौतिक सत्यापन करने पर लगभग 1000 क्वि...
भिलाई .
असल बात news.
शासकीय उचित मूल्य की दुकान में ऑनलाइन रिकॉर्ड से वहां उपलब्ध चावल के स्टॉक का भौतिक सत्यापन करने पर लगभग 1000 क्विंटल से अधिक चावल कम पाया जाना दुकान की समिति के अध्यक्ष और संचालक को काफी भारी पड़ा है. दोनों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अपराध पंजीकृत कर लिया गया है. और वैधानिक कार्रवाई की गई है. दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है.प्रकरण में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 एवं छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2016 के प्रावधानों के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई जारी है। जिला खाद्य विभाग की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रकरण में खाद्य विभाग की शिकायत पर शासकीय उचित मूल्य कि उक्त दुकान में 1007.51 क्विंटल चावल की कमी पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।जांच के दौरान ऑनलाइन स्टॉक एवं भौतिक सत्यापन में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर संचालक/अध्यक्ष के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई। इस संबंध मेंकलेक्टर (खाद्य शाखा), जिला दुर्ग के आदेश के परिपालन में खाद्य निरीक्षक द्वारा थाना भिलाई नगर में 22 जुलाई को लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया।
आवेदन के आधार पर शासकीय उचित मूल्य दुकान, सेक्टर-07 मार्केट, भिलाई (दुकान आईडी-431004118) के अध्यक्ष धनंजय सिंह राजपूत एवं विक्रेता नमिता सिन्हा के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई हेतु प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
प्राप्त शिकायत के आधार पर कलेक्टर, जिला दुर्ग के आदेशानुसार गठित जांच समिति द्वारा दिनांक 24.07.2024 को संबंधित उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दुकान के अभिलेखों, उपलब्ध स्टॉक एवं ऑनलाइन प्रदर्शित खाद्यान्न की मात्रा का भौतिक सत्यापन किया गया।
जांच में वितरण पंजी, चावल उत्सव पंजी, बैठक पंजी एवं बारदाना पंजी उपलब्ध पाए गए, जबकि स्टॉक पंजी उपलब्ध नहीं थी। अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि स्टॉक पंजी विक्रेता के पास है।
भौतिक सत्यापन एवं ऑनलाइन रिकॉर्ड के मिलान में 1007.51 क्विंटल अरवा चावल की कमी पाई गई। जांच के समय दुकान में केवल 26.50 क्विंटल चावल उपलब्ध था, जबकि ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार 1034.01 क्विंटल चावल उपलब्ध होना चाहिए था। अध्यक्ष से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया, किन्तु संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया। मौके पर पंचनामा तैयार कर कथन दर्ज किए गए।
प्रारंभिक जांच में संबंधित संचालकों द्वारा छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2016 की कंडिका 5, 11, 12, 13, 14 एवं 15 तथा अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन पाया गया, जो कंडिका 16 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत दंडनीय है।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका) :
शासकीय उचित मूल्य दुकान के ऑनलाइन स्टॉक एवं वास्तविक भौतिक स्टॉक में अंतर उत्पन्न कर खाद्यान्न का नियमानुसार लेखा-जोखा संधारित नहीं किया गया तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया।
जप्त सामग्री :
प्रकरण से संबंधित अभिलेख एवं दस्तावेज विवेचना के दौरान परीक्षण हेतु संकलित।
प्रकरण में थाना भिलाई नगर पुलिस एवं खाद्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई के तहत खाद्य निरीक्षक, विवेचना अधिकारी एवं थाना स्टाफ द्वारा आवश्यक साक्ष्य संकलित कर वैधानिक कार्रवाई की गई।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस के द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाद्यान्न की कालाबाजारी, अनियमित वितरण अथवा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की जानकारी तत्काल पुलिस अथवा खाद्य विभाग को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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