▪️ *थाना भिलाई नगर पुलिस की टीम द्वारा गुजरात पहुंचकर दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया गया तथा प्रकरण में धारा 3(5) बीएनएस जोड़ी गई ...
▪️ *थाना भिलाई नगर पुलिस की टीम द्वारा गुजरात पहुंचकर दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया गया तथा प्रकरण में धारा 3(5) बीएनएस जोड़ी गई
▪️ *दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर वैधानिक कार्यवाही की गई, प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है।
दुर्ग,भिलाई .
असल बात news.
अब ऐसी भी ऑनलाइन ठगी होने लगी है कि कोई आपको व्हाट्सएप पर मैसेज भेजता है,आप उसे ओपन करते हैं डाउनलोड और इंस्टॉल करते हैं उसके बाद आपके मोबाइल से ओटीपी और अन्य नंबर स्वत:फॉरवर्ड होने लगते हैं.और तब आप कुछ भी कर पाने में असमर्थ हो जाते हैं और लाखों की ठगी के शिकार हो सकते हैं. ऐसे ही मामले में यहां एक व्यक्ति से दादरा एवं नगर हवेली से ऑनलाइन ठगी की गई है. यह घटना फरवरी महीने की है. हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों को अब पकड़ लिया है. पुलिस ने साइबर सेल के तकनीकी सहायक से बैंक खाता मोबाइल नंबर एवं डिजिटल ट्रांजैक्शन का विश्लेषण कर और उपयोग का लोकेशन ट्रेस करने में सफलता प्राप्त कर ली और उन्हें पकड़ लिया गया.
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी संजय झा,निवासी सेक्टर-05, भिलाई को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप के माध्यम से एक संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें एक APK फाइल भेजी गई थी। उक्त फाइल को डाउनलोड एवं इंस्टॉल करने के पश्चात उनके मोबाइल पर प्राप्त होने वाले ओटीपी एवं अन्य संदेश स्वतः अन्य नंबर पर फॉरवर्ड होने लगे। इसके फलस्वरूप उनके बैंक खाते से ₹4,02,728/- की अनधिकृत ऑनलाइन निकासी कर साइबर ठगी की गई।
शिकायत के आधार पर थाना भिलाई नगर में धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान साइबर सेल के तकनीकी सहयोग से बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल ट्रांजेक्शन एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों का लोकेशन गुजरात राज्य में प्राप्त होने पर थाना भिलाई नगर पुलिस की टीम तत्काल गुजरात रवाना हुई। पतासाजी कर दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया गया। प्रकरण में एक से अधिक आरोपियों की संलिप्तता पाए जाने पर धारा 3(5) बीएनएस भी जोड़ी गई। गिरफ्तार आरोपियों को ट्रांजिट प्रक्रिया पूर्ण कर दुर्ग लाया गया तथा माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
▪️ जप्त सामग्री
1. घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन।
2. इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्य।
3. अन्य दस्तावेज एवं सामग्री (विवेचना अनुसार)।
▪️ सराहनीय भूमिका :
उक्त कार्यवाही में थाना भिलाई नगर पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों के संकलन एवं अंतर्राज्यीय समन्वय के माध्यम से आरोपियों को गुजरात से गिरफ्तार कर प्रकरण का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया।
▪️ दुर्ग पुलिस की अपील :
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल, लिंक अथवा मोबाइल एप्लिकेशन को बिना सत्यापन डाउनलोड न करें। अपने मोबाइल, बैंक खाते, ओटीपी, यूपीआई पिन एवं अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा निकटतम पुलिस थाना में सूचना दें।


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