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पश्चिम एशिया संकट के बीच छत्तीसगढ़ में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल एवं उर्वरकों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य, कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन और तेल कंपनियां के द्वारा सघन कार्रवाई

  छत्तीसगढ़ में में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल और उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति जारी, सरकार का भरोसा कायम छत्तीसगढ़ में आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त ...

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छत्तीसगढ़ में में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल और उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति जारी, सरकार का भरोसा कायम

छत्तीसगढ़ में आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़: सरकार

 छत्तीसगढ़   .
असल बात news.  

वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद छत्तीसगढ़ में पेट्रोलियम उत्पादों रसोई गैस (एलपीजी), पेट्रोल एवं डीजल तथा कृषि उर्वरकों की आपूर्ति पूरी तरह सुचारु और नियंत्रित बनी हुई है। राज्य शासन और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की कमी या संकट की स्थिति नहीं है।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध गतिविधियों के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी है।कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन और तेल कंपनियां संयुक्त रूप से सघन कार्रवाई कर रही हैं। अब तक राज्यभर में 419 छापेमारी की गई हैं, 105 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और 3946 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं।


प्रेस वार्ता में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के मुख्य महाप्रबंधक (मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़) श्री अजय कुमार श्रीवास्तव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की संचालक डॉ. फरीहा आलम सिद्दीकी तथा कृषि एवं कृषि उत्पादन आयुक्त की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि राज्य में आपूर्ति तंत्र पूरी तरह सुदृढ़ है और मांग के अनुरूप निरंतर वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 72 हजार एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है, जो सामान्य मांग के अनुरूप है। राज्य में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की कुल पांच बॉटलिंग इकाइयों में पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। इसके साथ ही 539 वितरकों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

कम खपत वाले उपभोक्ताओं, विद्यार्थियों, प्रवासी श्रमिकों और अस्थायी निवासियों की सुविधा के लिए पांच किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्रों उरला, सिलतरा, तिफरा, सिरगिट्टी, पाथरपाली और भूपदेवपुर में विशेष शिविरों के माध्यम से इनकी पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।

डिजिटल व्यवस्था के विस्तार से वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आई है। वर्तमान में लगभग 98 प्रतिशत एलपीजी बुकिंग एसएमएस, इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स सिस्टम और मिस्ड कॉल जैसी डिजिटल सेवाओं के माध्यम से हो रही है। साथ ही, डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड प्रणाली लागू होने से उपभोक्ताओं को पारदर्शी और जवाबदेह सेवा मिल रही है।

 

पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता भी पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। राज्य में 2587 पेट्रोल पंपों के माध्यम से उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप आपूर्ति की जा रही है। टर्मिनल और बल्क पेट्रोलियम, ऑयल और लुब्रिकेंट डिपो में पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित है तथा पाइपलाइन और रेल नेटवर्क के जरिए नियमित आपूर्ति बनाए रखी जा रही है।

कृषि क्षेत्र के संदर्भ में प्रमुख सचिव कृषि श्रीमती शहला निगार ने बताया कि किसानों के लिए उर्वरकों और अन्य कृषि आदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए अग्रिम भंडारण किया जा रहा है, जिससे किसी प्रकार की कमी की आशंका नहीं है।

अधिकारियों ने आम नागरिकों और किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यक वस्तुओं का अनावश्यक भंडारण न करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य में आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ है और सरकार किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क एवं प्रतिबद्ध है, जिससे आम जनजीवन और कृषि गतिविधियां निर्बाध रूप से संचालित होती रहें।