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छठी पीढ़ी के फाइटर जेट FCAS बनाने की दिशा में भारत सक्रिय, अमेरिका और चीन के पास भी नहीं है ऐसी तकनीक

 भारत छठी पीढ़ी के फाइटर जेट विकसित करने के लिए बहुत बड़ी रणनीतिक योजना पर काम शुरू कर सकता है। इसके तहत यूरोप के फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम ...

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 भारत छठी पीढ़ी के फाइटर जेट विकसित करने के लिए बहुत बड़ी रणनीतिक योजना पर काम शुरू कर सकता है। इसके तहत यूरोप के फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम ( FCAS ) प्रोग्राम में शामिल होने की बात है। रिपोर्ट है कि भारत इस कार्यक्रम के तहत फ्रांस और जर्मनी के साथ साझेदारी करने की तैयारी में है। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के स्तर पर हाल ही में छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान पर पहल किए जाने के संकेत मिल चुके हैं। इस दौरान डिफेंस डॉट इन की एक रिपोर्ट के अनुसार रक्षा मंत्रालय ने छठी पीढ़ी के फाइटर जेट बनाने की योजना पर अपनी ओर से पहल शुरू कर दी है।

भारतीय वायु सेना को अत्याधुनिक फाइटर जेट की बहुत ज्यादा आवश्यकता है। भारत में पांचवीं पीढ़ी के स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट ( AMCA ) बनाने पर पहले से ही काम चल रहा है। लेकिन, इसके साथ-साथ छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने की योजना पर भी चर्चा शुरू की गई है।


छठी पीढ़ी पर फ्रांस-जर्मनी भी काम रहे

इस समय अमेरिका और चीन की ओर से छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने पर काम चल रहा है। लेकिन, किसी ने भी इसे बना लेने का दावा नहीं किया है। इसी तरह के मिशन पर जर्मनी और फ्रांस भी लगे हैं, लेकिन यूरोप में मौजूदा अस्थिरता की वजह से इसका विकास फंसा हुआ है और यही भारत के लिए अवसर बनकर उभरा है।


फ्रांस-जर्मनी को भारत में दिख रही संभावना

फ्रांस और जर्मनी की योजना के तहत पहले फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम (FCAS) बनाने का टारगेट 2026 की शुरुआत में ही था। लेकिन, दिक्कत ये रही कि फ्रांस को परमाणु क्षमता वाले लड़ाकू विमान की चाहत है, वहीं जर्मनी यूरोपीय माहौल के लिए मॉड्यूलर इंटरसेप्टर चाहता है। ऐसे में यूरोप को भारत में संभावना दिख रही है।





2043 तक IAF को मिल सकता है FCAS

भारत ने फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन के साथ अच्छी पार्टनरशिप निभाई है और अब वह भारत में प्रोडक्शन पर भी काम कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार अगर भारत और यूरोप में छठी पीढ़ी के फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम बनाने पर सहमति बनी तो भारतीय वायु सेना को यह 2042 से 2043 तक मिल सकता है।


छठी पीढ़ी की टेक्नोलॉजी पर भारत की तैयारी

  • भारत अभी पांचवीं पीढ़ी के स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के प्रोटोटाइप पर काम कर रहा है।
  • भारत में छठी पीढ़ी के फाइटर जेट बनने की संभावना को लेकर पहली बार डीआरडीओ के एयरोनॉटिकल सिस्टम की डायरेक्टर जनरल के राजलक्ष्मी मेनन ने पिछले साल (सितंबर,2025) सकारात्मक जानकारी दी थी।
  • राजलक्ष्मी मेनन ने कहा था कि देश छठी पीढ़ी के फाइटर जेट बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य हासिल करने को तैयार है।
  • फरवरी,2025 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ के वैज्ञानिकों से कहा कि उन्हें छठी पीढ़ी के फाइटर जेट के इंजन बनाने पर भी काम शुरू कर देना चाहिए।