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रायगढ़ में ड्रोन ‘एरियल स्ट्राइक’: अवैध अफ़ीम खेती का खुलासा, प्रशासन का कड़ा शिकंजा

  रायगढ़। छत्तीसगढ़ में अफ़ीम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रायगढ़ जिले में जिला प्रशासन को बड़ी सफलता मिली है। लैलूंगा विकासखंड के ग्...

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 रायगढ़। छत्तीसगढ़ में अफ़ीम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रायगढ़ जिले में जिला प्रशासन को बड़ी सफलता मिली है। लैलूंगा विकासखंड के ग्राम नवीन घटगांव में ड्रोन सर्वे के जरिए अवैध अफ़ीम की खेती का भंडाफोड़ करते हुए प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।


यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में अफ़ीम और अवैध नशे के कारोबार पर सख्त रोक लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने हाल ही में अधिकारियों को तकनीक का उपयोग कर अवैध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा था।



ड्रोन निगरानी से खुलासा

रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि पूरे जिले में ड्रोन के माध्यम से सतत निगरानी की जा रही है। हाई रेज्यूलेशन ड्रोन की खरीद की गई है, जिसकी मदद से पूरे जिले और सीमावर्ती इलाकों में गहन निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में नवीन घटगांव क्षेत्र में एक खेत में संदिग्ध फसल की पहचान हुई। मौके पर पहुंची टीम ने जांच के दौरान किसान साध राम नाथ के खेत में लगभग 11×22 वर्ग फीट क्षेत्र में अवैध अफ़ीम की खेती पाई, जिसे तत्काल जब्त कर लिया गया।


साक्ष्य मिटाने की कोशिश नाकाम

कार्रवाई के दौरान ग्राम के ही एक अन्य आरोपी अभिमन्यु नागवंशी के घर में अफ़ीम की सूखी फसल रखे होने की सूचना मिली। टीम के पहुंचने पर आरोपी द्वारा साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए इसे विफल कर दिया और पूरी फसल जब्त कर ली।



दोनों आरोपी हिरासत में

पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस अवैध खेती के पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो नहीं है।



प्रदेशभर में सख्ती के संकेत

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप अफ़ीम के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। ड्रोन सर्वे, खुफिया तंत्र और स्थानीय निगरानी के जरिए अवैध अफ़ीम की खेती और तस्करी पर कड़ी नजर रखी जा रही है।