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छत्तीसगढ़ राज्य में कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति के लिए प्राथमिकता श्रेणियां निर्धारित,देश में हर जगह एलपीजी का पर्याप्त भंडार, चिंता की कोई बात नहीं, लोगों से ऊर्जा की बचत का फिर से आग्रह

  पेट्रोलियम पदार्थों के सभी विक्रय केन्द्र सामान्य रूप से संचालित; देश भर में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता घरेलू खपत पूरी करने के ल...

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पेट्रोलियम पदार्थों के सभी विक्रय केन्द्र सामान्य रूप से संचालित; देश भर में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता

घरेलू खपत पूरी करने के लिए रिफाइनरियों द्वारा घरेलू एलपीजी उत्पादन में बढ़ोतरी

सरकार ने प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026 अधिसूचित किया, देशव्यापी पाइपलाइन विस्तार के लिए समयबद्ध ढांचा प्रदान किया गया

26 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने गैर-घरेलू एलपीजी के लिए आवंटन आदेश जारी किए

110 भौगोलिक क्षेत्रों में कल 9,046 पीएनजी कनेक्शन (नए और गैस-इन) दिए गए

जिला कलेक्टरों और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारियों को नियमित प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश

लोगों से दैनिक उपयोग में ऊर्जा बचत का अनुरोध किया गया

पश्चिम एशियाई क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित

नौवहन महानिदेशालय ने अब तक 635 ​​से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की

नई दिल्ली,छत्तीसगढ़ .

असल बात news. 

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और उससे निर्मित तनाव की स्थिति के बीच देश में 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने गैर घरेलू एलपीजी के लिए आबंटन आदेश जारी कर दिया है. सरकार घरेलू एलपीजी और पीएनजी आपूर्ति को प्राथमिकता दे रही है तथा कहा गया है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और चिंता की कोई बात नहीं है. इधर छत्तीसगढ़ राज्य में कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति के लिए प्राथमिकता श्रेणियां तय की गई है तथा कहा गया है कि कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ता संस्थाओं एवं प्रतिष्ठानों को कुल खपत का अधिकतम 20% तक ही एलपीजी प्रदान किया जाएगा.सरकार ने ताजा स्थितियों को देखते हुए आम उपभोक्ताओं  से ऊर्जा बचत करने का आग्रह भी किया है.इधर पश्चिम एशियाई क्षेत्र में 28 फरवरी से फंसे चार लाख से अधिक भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाया गया है. 

छत्तीसगढ़ राज्य में राज्य सरकार ने एलपीजी के उपलब्ध स्टॉक को ध्यान में रखते हुए विभिन्न संस्थानों के लिए प्राथमिकता श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें शैक्षणिक संस्थान एवं चिकित्सालय, सैन्य एवं अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, होटल, समाज कल्याण विभाग के संस्थान, रेलवे एवं एयरपोर्ट कैंटीन, शासकीय कार्यालय, गेस्ट हाउस, पशु आहार उत्पादक इकाइयां तथा रेस्टोरेंट शामिल हैं।

प्रदेश में गैस की उपलब्धता एवं वितरण प्रणाली के संबंध में ऑयल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहब कंगाले ने समीक्षा बैठक ली।

बैठक में एलपीजी की उपलब्धता, वितरण प्रणाली एवं उपभोक्ता संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ता संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों को विगत माह की कुल खपत के अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही एलपीजी प्रदाय किया जाएगा। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में 25 दिवस तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिवस के भीतर एलपीजी रिफिल की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके।

जिला प्रशासन को सभी एलपीजी वितरकों के कार्यालय एवं गोदामों में पुलिस एवं होमगार्ड के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे भीड़भाड़ एवं अव्यवस्था की स्थिति न बने। साथ ही वितरकों को अपने दूरभाष नंबर सक्रिय रखने एवं उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

बैठक में यह भी तय किया गया कि कमर्शियल एलपीजी स्टॉक की उपलब्धता एवं वितरण की दैनिक समीक्षा ऑयल कंपनियों द्वारा की जाएगी तथा इसकी जानकारी प्रतिदिन विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी।

इस अवसर पर खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव श्री राजीव कुमार जायसवाल, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के मंडल एलजी प्रमुख श्री श्रीपाद बक्षी, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के प्रादेशिक प्रबंधक श्री दिलीप मीणा, हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री मंगेश डोंगरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 भारत सरकार की ओर से कहा गया है कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर नियमित अंतर-मंत्रालयी संवाद क्रम में, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में प्रेस वार्ता की। ब्रीफिंग में पश्चिम एशिया क्षेत्र की नवीनतम घटनाओं की जानकारी दी गई, जिसमें ईंधन आपूर्ति और उपलब्धता, क्षेत्र में समुद्री संचालन और भारतीय नागरिकों के लिए जारी सहायता उपायों जैसे प्रमुख पहलु शामिल रहे। 

यह स्पष्ट किया जाता है कि ऐसा कोई बदलाव नहीं किया गया है। रिफिल बुकिंग की मौजूदा समय-सीमा पूर्ववत बनी हुई है जो इस प्रकार है:

शहरी क्षेत्रों में 25 दिन , और

ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन , कनेक्शन की श्रेणी से कोई सरोकार नहीं।

नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें और न ही उन्हें फैलाएं तथा एलपीजी रिफिल की अनावश्यक या घबराहट में बुकिंग से बचें।

यह दोहराया जाता है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और चिंता का कोई कारण नहीं है।

रसोई गैस

मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति की वजह से एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

एलपीजी वितरकों के यहां आपूर्ति बंद होने की कोई घटना सामने नहीं आई है।

घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है।

सरकार उपभोक्ताओं को एलपीजी की आंशिक वाणिज्यिक आपूर्ति (20 प्रतिशत) पहले ही बहाल कर चुकी है। इसके अलावा, भारत सरकार ने 18.03.2026 के पत्र द्वारा पीएनजी विस्तार सुधारों से संबंधित अतिरिक्त 10 प्रतिशत आवंटन का प्रस्ताव किया है।

भारत सरकार ने दिनांक 21.03.2026 के पत्र के माध्यम से राज्यों को वाणिज्यिक एलपीजी का 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन स्वीकृत किया है, जिससे कुल आवंटन 50 प्रतिशत हो जाएगा (इसमें पीएनजी विस्तार के लिए सुगमता संबंधी सुधारों के आधार पर 10 प्रतिशत आवंटन शामिल है)। यह अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन रेस्तरां, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, खाद्य प्रसंस्करण/डेयरी, राज्य सरकार या स्थानीय निकायों द्वारा संचालित रियायती कैंटीन/आउटलेट, सामुदायिक रसोई और प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलो फुल ट्रक लोड जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा।

26 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने गैर-घरेलू एलपीजी के लिए आवंटन आदेश जारी किए हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां आपूर्ति कर रही हैं। 14 मार्च 2026 से अब तक लगभग 22,268 मीट्रिक टन वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति की गई है।