Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

Automatic Slideshow


हथियार छोड़ दें, वरना हमारे जवानों की भुजाओं की ताकत नई कहानियाँ लिखने को तैयार है

  रायपुर। मुठभेड़ में PLGA कंपनी नंबर 2 के कमांडर मोडियम वेल्ला सहित 18 माओवादियों के ढेर होने के बाद उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एक बार फि...

Also Read

 रायपुर। मुठभेड़ में PLGA कंपनी नंबर 2 के कमांडर मोडियम वेल्ला सहित 18 माओवादियों के ढेर होने के बाद उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एक बार फिर नक्सलियों से हथियार छोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि आप आएं, पुनर्वास करें, आप हथियार छोड़ें और उसके बाद अपने विचारों के आधार पर संवैधानिक दायरे के अंतर्गत जनता के कल्याण के लिए आप अपना मार्ग भी चुन सकते हैं।


उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सांस्कृतिक तौर पर बस्तर अत्यंत संपन्न है। बस्तर के लघु वन उपज और विस्तीर्ण भूभाग बस्तर के आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रसस्त करते हैं। पूर्ण संभावनाओं के उपरांत भी बस्तर का क्षेत्र पीछे रह गया है। यहां तक कि बस्तर के गांव तक मौलिक सुविधाएं स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी ,बिजली, पानी, सड़क ,मोबाइल के टावर, उन्नत किस्म के बीज, सिंचाई की व्यवस्थाएं जैसी मूलभूत सुविधाए नहीं पहुंच पाई, इसका कारण सिर्फ और सिर्फ माओवाद है



उन्होंने कहा, माओवादियों के द्वारा बिछाए हुए आईइडी, माओवादियों के द्वारा आदिवासी समुदाय के नृशंस सामूहिक हत्याएं इन सब के कारण नक्सलवाद का पूर्ण समापन आवश्यक है। इस दिशा में सशस्त्र बल अपना काम कर रहे हैं। केंद्र की सरकार और राज्य की सरकार एक गोली नहीं चलाना चाहती, बार-बार इस बात का निवेदन सबसे किया गया है कि माओवाद का रास्ता छोड़कर मूलधारा में, मुख्य धारा में पुनर्वास करें और इसके लिए सरकार लाल कालीन बिछाकर आपका स्वागत करती है।


गृहमंत्री शर्मा ने कहा है कि मैं इस बात को दोहराता हूं कि बस्तर में जितने भी लोग हैं इन सभी से मेरी अपील है कि आप आएं, पुनर्वास करें, आप हथियार छोड़ें और उसके बाद अपने विचारों के आधार पर संवैधानिक दायरे के अंतर्गत जनता के कल्याण के लिए आप अपना मार्ग भी चुन सकते हैं। आप विभिन्न माध्यमों से समाज की सेवा कर सकते हैं और आप यह अवश्य करें। इसके लिए कहीं कोई रुकावट नहीं है, परंतु इससे पहले मुख्य धारा में आना आवश्यक है। अगर ऐसा नहीं होता है तो सशस्त्र बल, हमारे जवान की भुजाओं की ताकत कथाएं लिखने के लिए तैयार है।।