दुर्ग, . असल बात news. प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव के प्रथम नगर आगमन पर भ व्य स्वागत क...
दुर्ग, .
असल बात news.
प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव के प्रथम नगर आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। स्थानीय सर्किट हाउस में पुलिस के जवानों द्वारा सलामी दी गई। वहीं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा पुष्प गुच्छ एवं पुष्प माला से भव्य स्वागत किया गया। यहां पर आम नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी कैबिनेट मंत्री श्री यादव जी का स्वागत एवं सम्मान किया। प्रथम नगर आगमन एवं नगर भ्रमण के दौरान नगरवासियों ने भी आत्मीय स्वागत किये।
कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जिले में पदस्थ अपर कलेक्टरों श्री अभिषेक अग्रवाल, श्रीमती योगिता देवांगन एवं श्री वीरेन्द्र सिंग के मध्य कार्य विभाजन किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री अभिषेक अग्रवाल को अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट जिला दुर्ग के न्यायालयीन कार्य, तहसील दुर्ग/भिलाई-3/धमधा/पाटन के अवैध उत्खनन के प्रकरणों का प्रावधान अनुसार निराकरण, रोस्टर के अनुसार तहसील/अनुविभाग कार्यालय/उप पंजीयक कार्यालय/जनपद कार्यालय का निरीक्षण, समयावधि में पेश शस्त्र लाईसेंसो का नवीनीकरण, शस्त्र अनुज्ञप्ति स्वीकृति एवं नवीनीकरण ओदश के पश्चात लाइसेंस बुक तथा लायसेंस पंजी के प्रविष्टियों पर हस्ताक्षर एवं सत्यापन, अस्थायी पटाखा लाईसेंसों का नवीनीकरण, नोडल अधिकारी चिटफंड शाखा जिला कार्यालय दुर्ग, नोडल अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, नोडल अधिकारी धान उपार्जन धान संग्रहण, नोडल अधिकारी कस्टम मिलिंग, नोडल अधिकारी एग्रीस्ट्रेक परियोजना, नोडल अधिकारी डिजिटल क्रॉप सर्वे, नोडल अधिकारी वेटलैंड सर्वे, नोडल अधिकारी वन भूमि सत्यापन, नोडल अधिकारी जनगणना, नोडल अधिकारी पी.डी.एस, नोडल अधिकारी ई-ऑफिस एवं कलेक्टर द्वारा समय-समय पर सौंपे गए अन्य कार्य शामिल है।
अपर कलेक्टर श्री अभिषेक अग्रवाल के माध्यम से विभिन्न शाखाओं की नस्तियाँ अपर कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी, जिनमें सामान्य/स्थानीय निर्वाचन, सहायक अधीक्षक, सामान्य शाखा, सांख्यिकी लिपिक/सिविल सूट व्यवहारवाद शाखा, सहायक अधीक्षक राजस्व, राजस्व मोहर्रिर शाखा, प्रोटोकॉल शाखा, भू-अभिलेख शाखा, डायवर्सन शाखा, भू-अर्जन, भू-बंटन शाखा, लाइसेंस शाखा, जनगणना शाखा, पासपोर्ट शाखा, काउंटर शाखा, नोडल अधिकारी, मानव अधिकार आयोग के प्रकरण, नागरिकता प्रमाण पत्र शाखा, नोडल अधिकारी व्यापक एवं परीक्षा प्रभारी, परीक्षा शाखा, चिटफंड कंपनी के प्राप्त आवेदन पत्रों का निराकरण शामिल है। इसी प्रकार विभिन्न विभागों की नस्तियां अपर कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें खाद्य शाखा, खनिज शाखा, जेल, होमगार्ड, सैनिक कल्याण बोर्ड, सहकारिता विभागों की नस्तियां अपर कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर को प्रस्तुत किए जाएंगे।
अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन को न्यायालय अपर कलेक्टर दुर्ग (अनुभाग धमधा व पाटन हेतु), शासकीय कर्मचारियों के लिए शासन से प्राप्त होने वाले स्वत्वों के संबंध में वैध वारिसान प्रमाण पत्र जारी करना, शासकीय कार्यालयों के उपयोग हेतु भवन के किराया निर्धारण, प्रमाण पत्र जारी करना (2500/रूपए तक के किराया) इसके उपर के प्रकरणों की नस्तियों को कलेक्टर को प्रस्तुत करना। अनुपयोगी डेड स्टॉक जो 5000 रू. तक की कीमत का हो, को अपलेखन करने का अधिकार, चोरी हुए 2000 रू. तक की सामग्री को अपलेखन करने का अधिकार, 20,000 रू. तक आवर्ती व्यय स्वीकृति का अधिकार (उप जिलाध्यक्ष एवं तहसीलदारों के यात्रा भत्ता एवं औषधि देयकों की स्वीकृति), सेवानिवृत्त तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के परिवार कल्याण निधि, समूह बीमा योजना की राशि, ग्रेच्युटी एवं जी.पी.एफ./डी.पी.एफ. जमा राशि का भुगतान, शासकीय वाहन के टायर, ट्यूब एवं बैटरी नियमानुसार क्रय करने की स्वीकृति, शासन के नियमों एवं निर्देशों के अनुरूप टेलीफोन, विद्युत, पीओएल, शासकीय वाहनों के मरम्मत के व्यय की स्वीकृति, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की यात्रा देयकों एवं चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयकों की स्वीकृति, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के अधिकतम 60 दिन के अवकाश की स्वीकृति, सक्षम प्राधिकारी नगर भूमि सीमा दुर्ग (अधिनियम समाप्ति उपरांत शेष अनुसांगिक कार्यवाही हेतु), सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रथम अपील प्रकरणों के निराकरण, एवं नजूल जांच से संबंधित समस्त नस्तियों एवं प्रकरणों का अंतिम निराकरण (भूमि आबंटन के प्रकरणों को छोड़कर), नजूल नजूल शाखा के केवल हुडको भिलाई से संबंधित समस्त नस्तियों का जिसमें कलेक्टर का आदेश अनिवार्य ना हो अपर कलेक्टर के रूप में निराकरण करेंगे। हुडको से संबंधित समस्त अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी करना, नजूल शाखा के प्रकरणों एवं नस्तियों का जिनमें कलेक्टर का आदेश अनिवार्य न हो अपर कलेक्टर के रूप में निराकरण, 4000 वर्गफुट तक नजूल पट्टे का नवीनीकरण, नोडल अधिकारी चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति शासकीय महाविद्यालय कचान्दूर, नोडल अधिकारी कौशल विकास, नोडल अधिकारी नशा मुक्ति अभियान दुर्ग का प्रभार सौंपा गया है।
इसी प्रकार विभिन्न शाखाओं की नस्तियां अपर कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें अधीक्षक/वित्त स्थापना शाखा/नोडल अधिकारी पेंशन, नजूल, नजूल जांच, जिला नाजिर शाखा, वरिष्ठ लिपिक-1,2,3 शाखा, प्रपत्र एवं लेखन सामग्री/लाइब्रेरी शाखा, चिप्स परियोजना, च्वाईस सेंटर शाखा, स्वान परियोजना, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणाली का संचालन, नोडल अधिकारी सेवोत्तम अभियान, नोडल अधिकारी कौशल विकास, वेब इनफार्मेशन मैनेजर जिला वेबसाईट, चिप्स परियोजना/च्वाईस सेंटर शाखा/स्वान परियोजना/वीडियो कॉफ्रंेसिंग प्रणाली का संचालन शामिल है। इसी प्रकार विभिन्न विभागों की नस्तियां अपर कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें जिला कोषालय/अल्प बचत शाखा, जिला योजना मंडल, जवाहर नवोदय विद्यालय बोरई/केन्द्रीय विद्यालय दुर्ग/शिक्षा के अधिकार कानून के अंतर्गत/नेहरू युवा केन्द्र/खेल विभाग दुर्ग, आदिम जाति कल्याण विभाग के नस्तियों का निराकरण(स्थानांतरण/पदस्थापना/अनुशासनात्मक कार्यवाही से संबंधित नस्तियां कलेक्टर को प्रस्तुत किए जाएंगे), अन्त्यावसायी वित विकास निगम, पिछड़ा वर्ग वित विकास निगम के नस्तियों का अंतिम निराकरण (स्थानांतरण/पदस्थापना/अनुशासनात्मक कार्यवाही से संबंधित नस्तियां कलेक्टर को प्रस्तुत किए जाएंगे), महिला एवं बाल विकास विभाग के नस्तियों का निराकरण (स्थानांतरण/पदस्थापना/अनुशासनात्मक कार्यवाही से संबंधित नस्तियां कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएंगी), स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के नस्तियों का निराकरण (स्थानांतरण/पदस्थापना/अनुशासनात्मक कार्यवाही से संबंधित नस्तियां कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएंगी) की नस्तियां अपर कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर को प्रस्तुत करेंगी एवं समय-समय पर कलेक्टर द्वारा सौंपे गए अन्य कार्य शामिल है।
अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंग को न्यायालय अपर कलेक्टर दुर्ग(अनुभाग दुर्ग व भिलाई-3 हेतु), राजस्व विभाग से संबंधित विधानसभा प्रश्नों की जानकारी समय पर भेजने हेतु नस्ती कलेक्टर महोदय के समक्ष पेश करना, जिले में प्राकृतिक आपदा के प्रकरणों का निराकरण (आरबीसी 6-4), माननीय मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव द्वारा आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का कार्य, शिकायत शाखा के समस्त नस्तियों (आवश्यकता अनुसार नस्ती महत्वपूर्ण होने से कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी), पी.जी.एन. के आवेदन पत्रों का निराकरण, अन्य मदोे से प्राप्त होने वाली शिकायतों की समय-समय पर समीक्षा करना तथा व्यक्तिगत रूचि लेकर निराकरण करवाना, विभागीय जांच अधिकारी जिला कार्यालय दुर्ग, जिला विवाह अधिकारी, नोडल अधिकारी जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, नोडल अधिकारी बायोमेट्रिक सिस्टम स्थापना जिला कार्यालय दुर्ग, नोडल अधिकारी कॉल सेंटर शाखा जिला कार्यालय दुर्ग, नोडल अधिकारी जिला दुर्ग के अंतर्गत सड़क मरम्मत निर्माण एवं मरम्मत कार्याे के पर्यवेक्षण, नोडल अधिकारी उद्यानिकी विभाग दुर्ग, नोडल अधिकारी छ.ग.रजत महोत्सव एवं कलेक्टर द्वारा समय-समय पर सौंपे गए कार्य शामिल है।
इसी प्रकार विभिन्न शाखाओं की नस्तियां अपर कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी, जिनमें सीएसआर मद, छ.ग. आवास साफ्टवेयर/भवन निर्माण नियमितीकरण, राजस्व अभिलेखागार/आंग्ल अभिलेखागार, राजस्व लेखा शाखा/बाढ़ राहत एवं आपदा प्रबंधन/सूखा राहत शाखा, जिला कार्यालय परिसर के कार्यालयों/विभिन्न शाखाओं का आकस्मिक निरीक्षण, स्वेच्छानुदान/जनसम्पर्क शाखा, मुख्यमंत्री सहायता , संजीवनी कोष शाखा, सी एम घोषणा, प्रेषक व मुद्रलेखन शाखा, मुख्य प्रतिलिपि शाखा, पर्यावरण अधोसंरना मद, 20 सूत्रीय, 15 सूत्रीय एवं अल्पसंख्यक आयोग, सचिव रविशंकर स्टेडियम/मानस भवन, नगरीय निकाय/शहरी विकास अभिकरण (डूडा), लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जानकारी प्रस्तुत करना, आवास आबंटन शाखा, शिकायत एवं सर्तकता अधिकारी/जिला जनदर्शन शाखा, पी.जी. पोर्टल शाखा/लोक सुराज अभियान/पी.जी.एन. एवं शासन से प्राप्त शिकायत आवेदन पत्रों का निराकरण, शासन/आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं जिला कार्यालय में आयोजित विभिन्न बैठकों की आवश्यक व्यवस्था, फाईल फोल्डर कार्यवाही विवरण तैयार करना आदि संबंधी कार्य। शपथ पत्र एवं प्रमाण पत्र सत्यापन, नोडल अधिकारी राजीव गांधी आश्रय योजना 2019 एवं पट्टाधृति अधिनियम 1984/1998 के अंतर्गत प्रकरणों का निराकरण, ऋण मुक्ति अधिनियम 1976, नोडल अधिकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल, नोडल अधिकारी दिव्यांग जन शिकायत निवारण, नोडल अधिकारी भिलाई स्टील प्लांट से संबंधित मुद्दों के निराकरण हेतु शामिल है। इसी प्रकार विभिन्न विभागों की नस्तियां अपर कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी, जिनमें श्रम विभाग, बाल श्रमिक परियोजना एवं आबकारी विभाग शामिल है।
अपर कलेक्टर श्री अभिषेक अग्रवाल के लिंक अधिकारी अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंग, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन के लिंक अधिकारी अपर कलेक्टर श्री अभिषेक अग्रवाल तथा अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंग के लिंक अधिकारी अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन होंगे।
*रैम्प योजना के अंतर्गत "उद्योग एवं बैंकर्स कनेक्ट" कार्यक्रम का सफल आयोजन
भारत सरकार की रैम्प योजना (रेजिंग एण्ड एक्सलेरेटिंग एमएसएमई परफामेंस) के अंतर्गत जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, दुर्ग के द्वारा होटल अमित पार्क इंटरनेशनल, सुपेला भिलाई दुर्ग में “उद्योग एवं बैंकर्स कनेक्ट कार्यक्रम” का आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न बैंकों के 15 प्रतिनिधियों एवं 140 प्रतिभागियों/उद्योगपतियों/चार्टेड अकाउंटेंट्स ने भाग लिया। उक्त कार्यक्रम श्री अनंत माधव, (क्षेत्रीय प्रबंधक, बैंक ऑफ़ बड़ोदा), उद्योग संचालनलय के उपसंचालक श्री जागेश्वर साहू, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री संजय गर्ग, चौम्बर ऑफ़ कॉमर्स के प्रदेश महामंत्री श्री अजय भसीन, आईसीएआई भिलाई के सीए श्री प्रतिक अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर जिले के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), महिला उद्यमी, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के हितग्राहियों तथा स्टार्टअप्स से संबंधित प्रतिभागियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन एवं परिचय मुख्य महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, दुर्ग द्वारा दिया गया।
कार्यक्रम को प्रारंभ करते हुए श्री जागेश्वर साहू, उप संचालक, उद्योग द्वारा बैंक व उद्यमी की आपसी परिचर्चा के बारे में तथा ई एण्ड वाय के श्री प्रवीण द्वारा रैम्प योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रबंधक तुषार त्रिपाठी द्वारा औद्योगिक नीति के सम्बन्ध में, सीए श्री प्रदीप पाल द्वारा परियोजना प्रतिवेदन व एमएसएमई वित्त पोषण के सम्बन्ध में, श्री अजय भसीन चौम्बर ऑफ़ कॉमर्स द्वारा उद्योगों को शासन की योजनाओं का अधिकाधिक सरल तरीके से लाभ प्राप्ति के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी। जिले के प्रमुख वाणिज्यिक बैंकों, जैसे भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित अन्य बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उपस्थित उद्यमियों को विभिन्न वित्तीय योजनाओं, ऋण सुविधाओं, मुद्रा योजना अंतर्गत उपलब्ध लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
*प्राणीशास्त्र विभाग द्वारा शैक्षणिक भ्रमण
*-मत्स्य प्रजनन, पालन, आहार प्रबंधन के बारे में दी गई विस्तृत जानकारी
शासकीय वि.वाय.टी.पी.जी. स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग (छत्तीसगढ़) के प्राणीशास्त्र विभाग के एम.एससी. तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों को जिले के अर्जुंदा स्थित मत्स्य फार्म का भ्रमण कराया गया। इस शैक्षणिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मत्स्य पालन की व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना था। विद्यार्थियों को मत्स्य प्रजनन, पालन, आहार प्रबंधन, जल गुणवत्ता नियंत्रण तथा मत्स्यों की सामान्य बीमारियों और उनके उपचार के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। मत्स्य फार्म के प्रभारी अधिकारी एवं तकनीकी कर्मचारियों ने मत्स्य बीज उत्पादन की विभिन्न प्रक्रियाओं, हैचरी संचालन तथा विभिन्न प्रजातियों के मत्स्यों की पहचान संबंधी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मार्गदर्शन दिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने लाबियो रोहिता, कतला आदि प्रजातियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और उनके पालन के लिए आवश्यक तकनीकी पहलुओं को समझा। भ्रमण के दौरान जल परीक्षण, आहार मिश्रण की तैयारी तथा मत्स्यों के स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवहारिक विधियाँ भी प्रदर्शित की गईं। प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को पुस्तकात्मक ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक अनुभव भी प्राप्त होता है, जो भविष्य में उनके शोध एवं रोजगारोन्मुखी कौशल को विकसित करने में सहायक होगा। यह शैक्षणिक भ्रमण डॉ. अल्का मिश्रा एवम श्री अनुराग मिश्रा के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ।
*मध्यस्थता की नई पहल: मध्यस्थता में अब निष्पादन प्रकरण भी किए जाएंगे सम्मिलित
*-न्यायालयों में लंबित निष्पादन प्रकरणों की संख्या में आएगी कमी, पक्षकारों को मिलेगा सरल और त्वरित न्याय
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं उच्चतम न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (एमसीपीसी) के संयुक्त निर्देशन में 01 जुलाई 2025 से 07 अक्टूबर 2025 तक कुल 90 दिवस तक चलने वाले कार्यक्रम ’’मीडियेशन फॉर द नेशन’’ के संबंध में न्यायालयीन प्रणाली में लंबित वादों के शीघ्र और सौहार्दपूर्ण निपटारे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा मध्यस्थता की एक नई पहल की शुरुआत की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस पहल के अंतर्गत जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग के मध्यस्थता केन्द्र में अब मध्यस्थता की प्रक्रिया में निष्पादन प्रकरणों को भी सम्मिलित किया जाएगा। प्रायः न्यायालयों में डिक्री या आदेश पारित होने के बाद भी उनके निष्पादन में समय लगता है, जिससे पक्षकारों को अपेक्षित लाभ शीघ्र प्राप्त नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में मध्यस्थता के माध्यम से निष्पादन संबंधी विवादों का समाधान कराया जा सकेगा। इस व्यवस्था से पक्षकारों को शीघ्र और संतोषजनक समाधान मिलेगा, अनावश्यक लंबी न्यायिक कार्यवाही से राहत मिलेगी, आपसी सहमति एवं सौहार्दपूर्ण संबंधों को बनाए रखने में मदद मिलेगी। यह कदम न्यायालयों में लंबित निष्पादन प्रकरणों की संख्या को कम करने तथा जनता को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग की महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक पहल है। इस नई पहल से न्यायालयों में लंबित निष्पादन प्रकरणों की संख्या में कमी आएगी और पक्षकारों को सस्ता, सरल और त्वरित न्याय प्राप्त होगा।
*धान में काई की समस्या एवं निदान
कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा (अ), दुर्ग के वैज्ञानिकों ने धान के खेतों का भ्रमण किया तो यह पाया कि धान में काई की समस्या बहुतायत में बढ़ रही है। काई धान की खेती में आने वाली एक प्रमुख समस्या है, जिसके निदान हेतु प्रायः किसान भाई कोई उपाय नहीं करतें फलस्वरूप उपज में कमी आ जाती है। पानी भरे खेत में कंसे निकलने से पहले ही काई का जाल फैल जाता है, जिससे धान के पौधे तिरछे हो जाते है। पौधे में कंसे नही निकल पाते है एक से दो ही कंसे रह जाते है जिससे बालियों की संख्या कम बनती है और अंत में उत्पादन में कमी आ जाती है। सतह पर काई फैल जाने से धान में डाले जाने वाली उर्वरक की मात्रा जमीन तक नहीं पहुंच पाती, जिससे पौधे में पोषक तत्व की कमी के साथ-साथ डाले गए उर्वरक की भी हानि होती है।
*काई का समाधान -
नीला थोथा (कॉपर सल्फेट) की 500-600 ग्राम मात्रा को अच्छे से पीस कर सूती कपड़े की पोटली बनाकर 5-6 स्थानों पर सामान दूरी में खेत में भरे पानी में रख दें जिससे काई की पर्त फट जाती है। इस प्रकार काई पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
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