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फेनीटोइन इंजेक्शन की गुणवत्ता की शिकायत के प्रकरण पर त्वरित कार्रवाई, जांच जारी

*फेनीटोइन इंजेक्शन की गुणवत्ता संबंधी प्रकरण पर सीजीएमएससीएल का स्पष्टीकरण *शिकायत पर त्वरित कार्रवाई, जांच जारी – गुणवत्ता से कोई समझौता नह...

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*फेनीटोइन इंजेक्शन की गुणवत्ता संबंधी प्रकरण पर सीजीएमएससीएल का स्पष्टीकरण

*शिकायत पर त्वरित कार्रवाई, जांच जारी – गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं

छत्तीसगढ़  .

असल वात news.

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSCL) ने निम्न गुणवत्ता के इंजेक्शन की आपूर्ति, जंग लगी सर्जिकल ब्लेड, और आयुर्वेदिक औषधियों की आपूर्ति एवं भंडारण व्यवस्था के संबंध में आज स्पष्टीकरण दिया है. कार्पोरेशन प्रबंधन की ओर से दिए गए अधिकृत बयान में बताया गया है कि संस्था Zero Tolerance Policy का पालन करती है और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाता। शिकायत प्राप्त होते ही त्वरित, पारदर्शी एवं निर्णायक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।सर्जिकल ब्लेड के बैच (G-409) के उपयोग पर प्रदेश के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में रोक लगाई गई है और सर्जिकल ब्लेड के उपलब्ध सभी बैचों की पुनः जांच की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। वही यह भी दावा किया गया है कि रायपुर स्थित श्री नारायण प्रसाद अवस्थी शासकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय एवं महाविद्यालय में सभी आयुर्वेदिक दवाओं को अनुमोदित दिशानिर्देशों के अनुरूप ही संग्रहित किया जाता है।

हाल ही में फेनीटोइन इंजेक्शन की गुणवत्ता को लेकर प्राप्त शिकायत के संदर्भ में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSCL) द्वारा स्थिति को स्पष्ट करते हुए बताया गया है कि संस्था ने शिकायत पर तत्काल प्रभाव से गंभीरता और पारदर्शिता के साथ संज्ञान लेते हुए समुचित कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।

राज्य के एक शासकीय स्वास्थ्य संस्थान से Phenytoin Sodium Injection IP 100mg/ml (Batch No. 409B) में कणीय संदूषण (particulate matter) की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत मिलते ही CGMSCL द्वारा उक्त बैच का उपयोग तत्काल रोकने के निर्देश जारी किए गए तथा सभी संबंधित संस्थानों को "Stop Use Advisory" भेजी गई।

शिकायत की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए संबंधित निर्माता फर्म (दिल्ली स्थित) को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया गया है। साथ ही कंपनी से QC संबंधित दस्तावेज, विनिर्माण विवरण तथा परीक्षण रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने हेतु कहा गया है।

यह बैच प्रदेश के अन्य संस्थानों में भी वितरित किया गया था, किंतु अब तक किसी अन्य जिले से गुणवत्ता संबंधी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। इसके बावजूद CGMSCL ने सभी जिलों को अपने स्टॉक की सतर्कता से जांच करने के निर्देश जारी किए हैं। 

संबंधित बैच के नमूने NABL मान्यता प्राप्त तृतीय पक्ष प्रयोगशालाओं को परीक्षण हेतु भेजे गए हैं। परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत, यदि दोष प्रमाणित होता है, तो निर्माता के विरुद्ध अनुबंध समाप्ति, ब्लैकलिस्टिंग और आपूर्ति पर स्थायी प्रतिबंध जैसी कठोर कार्यवाही की जाएगी।

CGMSCL अपनी स्थापना के उद्देश्य के अनुरूप राज्य के नागरिकों को गुणवत्तायुक्त, सुरक्षित एवं प्रमाणित औषधियाँ उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है। 

यह उल्लेखनीय है कि Phenytoin Injection एक जीवन रक्षक औषधि है, जिसका उपयोग मिर्गी के दौरे, सिर की चोट, न्यूरोलॉजिकल आपात स्थिति एवं ऑपरेशन के दौरान किया जाता है। इस कारण इसकी गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिकोण से अस्वीकार्य है।

निष्कर्षतः, CGMSCL ने प्राप्त शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लिया है एवं समुचित कदम उठाए जा चुके हैं। समस्त संबंधित विभागों, संस्थानों एवं नागरिकों को यह विश्वास दिलाया जाता है कि राज्य के किसी भी स्वास्थ्य सेवा उपयोगकर्ता को गुणवत्ता से संबंधित संकट न हो, इसके लिए CGMSCL हर आवश्यक कदम पारदर्शिता और तत्परता के साथ उठा रहा है।

 *सर्जिकल ब्लेड की आपूर्ति से संबंधित प्रकरण पर सीजीएमएससी का खंडन

यह छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन लिमिटेड (CGMSCL) के संज्ञान में आया है कि कुछ मीडिया संस्थानों में यह दर्शाया गया है कि महासमुंद मेडिकल कॉलेज अस्पताल को भेजे गए सर्जिकल ब्लेड (Blade No. 22) में से कुछ पर जंग लगी हुई थी और इन्हें ऑपरेशन थियेटर तक भेजा गया। इस संबंध में CGMSCL द्वारा अपना स्पष्ट किया गया है कि उक्त बैच (Batch No. G-409) की आपूर्ति मार्च 2024 में Goldwin Medicare Pvt. Ltd., Mumbai द्वारा की गई थी, जिसकी शेल्फ लाइफ मई 2029 तक है। यह उत्पाद प्राप्ति के समय सभी मानकों पर खरा उतरा था और भंडारण से पूर्व गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रिया के अंतर्गत अनुमोदित किया गया था।

जैसे ही महासमुंद मेडिकल कॉलेज द्वारा 50 ब्लेड में जंग लगे होने की सूचना प्राप्त हुई, CGMSCL ने तुरंत संज्ञान लेते हुए राज्य के सभी संबंधित संस्थानों को उक्त बैच का उपयोग रोकने हेतु निर्देश जारी किए। साथ ही संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं (DHS) एवं संचालनालय चिकित्सा शिक्षा (DME) को पत्र लिखकर सभी उपलब्ध बैचों की जांच हेतु विषय विशेषज्ञों की एक संयुक्त टीम गठित करने का अनुरोध किया गया है। जांच के आधार पर निर्माता कंपनी को नोटिस जारी कर उसकी जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।

प्रारंभिक जांच में यह पाया गया है कि संबंधित उत्पाद की पैकिंग और स्थिति वितरण के समय संतोषजनक थी। CGMSCL के वेयरहाउस में उपलब्ध इसी बैच (G-409) के सर्जिकल ब्लेड की सघन जांच की गई, जिसमें यह पुष्टि हुई कि सभी नमूने जंग रहित (Rust-Free) पाए गए और ब्लेड की पैकिंग उपयुक्त पाई गई। संचयन (storage) एवं हैंडलिंग में संभावित त्रुटि की संभावना को भी जांच के दायरे में लिया गया है।

महासमुंद ड्रग वेयरहाउस के सहायक प्रबंधक (Assistant Manager) द्वारा इसी बैच के सर्जिकल ब्लेड प्राप्त करने वाले अन्य तीन संस्थानों—CHC छूरा, CHC बागबहरा, एवं CHC बसना—से संपर्क कर स्थिति की पुष्टि प्राप्त की गई है। तीनों संस्थानों ने सूचित किया है कि उन्हें प्राप्त ब्लेड सही स्थिति में हैं, कहीं भी जंग नहीं पाई गई, और ब्लेड प्रयोग योग्य हैं तथा किसी प्रकार की गुणवत्ता संबंधी कोई समस्या नहीं है।

बैच G-409 के सर्जिकल ब्लेड राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में वितरित किए गए हैं। परंतु अब तक राज्य के किसी अन्य संस्थान से इसको लेकर कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

प्रदेश स्तर की आपूर्ति श्रृंखला में किसी एक संस्थान में उत्पन्न हुई शिकायत को पूरे सिस्टम की विफलता के रूप में प्रस्तुत करना अनुचित है। CGMSCL राज्यभर में लाखों चिकित्सीय सामग्री की सतत आपूर्ति करता है और गुणवत्ता नियंत्रण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

CGMSCL यह स्पष्ट करता है कि प्राप्त शिकायत को पूर्ण पारदर्शिता एवं गंभीरता से लिया गया है। संबंधित  जांच में निर्माता दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध अनुबंध की शर्तों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

आमजन को यह आश्वस्त किया जाता है कि CGMSCL राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास और सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु संकल्पबद्ध है तथा ऐसे मामलों में "Zero Tolerance" की नीति का पालन करता है।

 *आयुर्वेदिक औषधियों की आपूर्ति एवं भंडारण व्यवस्था के संबंध में सीजीएमएससी का स्पष्टीकरण

कतिपय मीडिया संस्थान में प्रकाशित खबर में दर्शाया गया है कि हाल ही में रायपुर स्थित श्री नारायण प्रसाद अवस्थी शासकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय एवं महाविद्यालय  में सीजीएमएससीएल द्वारा आपूर्ति की गई दवाएं अस्पताल परिसर के बाहर खुले में पड़ी है जिससे उनकी गुणवत्ता  पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उक्त संदर्भ में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSCL) द्वारा स्थिति स्पष्ट की गई है कि CGMSCL द्वारा राज्य के समस्त आयुष संस्थानों को उनकी स्वीकृत वार्षिक मांग के अनुरूप औषधियों की आपूर्ति की जाती है। रायपुर स्थित श्री नारायण प्रसाद अवस्थी शासकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए प्रस्तुत मांग के आधार पर ही संबंधित दवाओं की आपूर्ति की गई थी। यह प्रक्रिया पूर्णतः नियमानुसार और मांग आधारित है।

यह उल्लेखनीय है कि CGMSCL का दायित्व उच्च गुणवत्ता वाली, परीक्षण-प्रमाणित औषधियों की समय पर आपूर्ति तक सीमित है। औषधियों का सुरक्षित भंडारण, वितरण और स्थानीय प्रबंधन संबंधित स्वास्थ्य संस्था की जिम्मेदारी होती है।

इस संदर्भ में उक्त चिकित्सालय के अधीक्षक द्वारा CGMSCL को सूचित किया गया है कि सभी आयुर्वेदिक दवाओं को अनुमोदित दिशानिर्देशों के अनुरूप ही संग्रहित किया जाता है। दवाओं की गुणवत्ता को बनाए रखने हेतु सख्त निगरानी व सतर्क प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है और प्रत्येक दवा चिकित्सकीय परामर्श अनुसार मरीजों को विधिवत वितरित की जा रही है।

CGMSCL सदैव गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के सिद्धांत पर कार्य करता है। सभी औषधियाँ Quality Control परीक्षण में उत्तीर्ण होने के उपरांत ही संबंधित संस्थाओं को वितरित की जाती हैं।

दवाओं के भंडारण से संबंधित परिस्थिति एक स्थानिक और अस्थायी प्रशासनिक व्यवधान मात्र है। CGMSCL को बिना संदर्भित जानकारी के एकतरफा रूप से उत्तरदायी ठहराना अनुचित है।