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स्वरूपानंद महाविद्यालय में वर्क लाईफ बैलेंस पर एफडीपी

  भिलाई. असल बात न्यूज़.    स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय हुडको भिलाई में आईक्यूसी सेल प्रबंधन एवं वाणिज्य विभाग के संयुक्त तत्व...

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भिलाई.

असल बात न्यूज़.   

स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय हुडको भिलाई में आईक्यूसी सेल प्रबंधन एवं वाणिज्य विभाग के संयुक्त तत्वाधान में वर्क लाईफ बैलेंस एफिशियेन्स वर्किंग एफिशियेन्ट वर्किंग वर्सेज चैलेंजेस” विषय पर शिक्षकों के लिये फैकल्टी डेव्हलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता के रूप मे सीए पायल जैन सीआईसीएएस अध्य्यन आईसीएआई भिलाई उपस्थित हुई।

कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुये डॉ. शर्मिला सामल विभागाध्यक्ष वाणिज्य ने बताया घरेलू महिलाओं की तुलना में कामकाजी महिलाओं पर काम का बोझ ज्यादा है इन महिलाओं को कार्यक्षेत्र और घर का दोहरा कार्यभार है कार्यस्थल में व परिवार के बीच सामंजस्य स्थापित नहीं कर पाने के कारण महिलायें तनावग्रस्त हो जाती है फैकल्टी डेवलपमेंट इस व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम के तहत महिलाओं के समस्याओं को जानने व हल करने का प्रयास करना है। 

स.प्रा. खुशबू पाठक विभागाध्यक्ष प्रबंधन ने अतिथियों का स्वागत किया व कहा यह व्यक्तित्व विकास कार्यशाला कामकाजी महिलाओं के समस्याओ को समझने व उसका समाधान ढूढने में सहायक होगा।

प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने कहा गृहप्रबंधन एवं दोहरी जिम्मेदारियों के चलते तनाव एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है कार्यरत महिलाओं की प्रमुख समस्या अपने आपको परिवार व कार्यालय के अनुभार सामंजस्य करने की है। अन्यथा कार्यस्थल का तनाव घर में व घर का तनाव कार्यस्थल में दिखाई देता है।

महाविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. दीपक शर्मा ने आज के ज्वलंत समस्या पर कार्यक्रम आयोजन के लिए बधाई दी।

मुख्य वक्ता सीए पायल जैन ने अपने उद्बोधन में कहा हर व्यक्ति के जीवन में समस्यायें आती है और समस्यायें ही बताती है हम जिन्दा है हमें जीवन में सामंजस्य स्थापित कर चलना होता है। अपने काम को खुश होकर करें, काम को टालें नहीं अपितु समय पर पूरा कर लें, जब हम स्वयं खुश रहेंगे तो हम अपने परिवार व मित्रों को खुश रख सकते है। कार्यस्थल में कितने भी व्यस्थ रहें पर अपने शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को सही रखने के लिए अपने शौक को पुरा करने के लिए समय निकालिये। अगर काम ज्यादा है तो हर काम में दूसरे की मदद लें, आप काम को न कहना भी सीखें अन्यथा हम पर कार्यभार बढ़ता जायेगा और हम तनावग्रस्त हो जायेंगें। अगर कोई हमारा काम करने से मना करें तो उसके पीछे के कारण को समझने का प्रयास करें। दूसरे की भी मदद करें। मेरे पास बहुत काम है दूसरे खाली है यह न सोचें बल्कि यह समझे की आप अपना समय का प्रबंधन कैसे करें। अगर हम अपने समय को प्रबंधित कर लें तो कार्यस्थल और घर दोनों में सांमजस्य बैठाकर तनाव मुक्त रह सकते है। इस अवसर पर संयुक्ता पाढ़ी स.प्रा. अंग्रेजी के पूछे गये प्रश्न अगर काम करने के बाद भी महत्व नहीं मिलता तो तनाव होता है का जवाब देते हुये कहा आप अपने किये गये काम को दूसरों को अवश्य बतायें। 

कार्यक्रम में मंच संचालन हितेश सोनवानी स.प्रा. अंग्रेजी ने व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शर्मिला सामल, विभागाध्यक्ष वाणिज्य ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में दीपाली किंगरानी स.प्रा. वाणिज्य, अमरजीत स.प्रा. वाणिज्य ने विशेष योगदान दिया।