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राजद्रोह कहलायेगा अब देशद्रोह

  * अब अपराधी जेल जाने के साथ करेंगे सामुदायिक सेवा का भी कार्य > महिला बच्चों की सुरक्षा के संबंध में नये कानून में नया अध्याय   रायपुर ...

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* अब अपराधी जेल जाने के साथ करेंगे सामुदायिक सेवा का भी कार्य

> महिला बच्चों की सुरक्षा के संबंध में नये कानून में नया अध्याय

  रायपुर .    

असल बात न्यूज़..    

रायपुर पुलिस द्वारा एक दिवसीय सेमीनार का आयोजन कर  जिला पुलिस बल रायपुर के 65  विवेचकों एवं जिला अभियोजन अधिकारियों को देश के नवीन कानून के बारे में जानकारियां दी गई.सेमिनार में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की विधि विभाग की सहायक प्रध्यापक एवं विधि विशेषज्ञ श्रीमती प्रिया राव द्वारा नवीन कानून के सम्बन्ध में वक्तव्य दिया गया.इसमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, भारतीय न्याय संहिता 2023 एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के संबंध में विस्तार से जानकारियां दी गई.विधि विशेषज्ञ श्रीमती राव ने बताया कि नए क़ानून में वैवाहिक जीवन में 18 वर्ष से कम उम्र होने पर ही पत्नि के द्वारा पति के विरुद्ध रेप का अपराध कायम कराया जा सकता है. 

 सेमिनार में  पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज रायपुर  श्री अमरेश मिश्रा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर श्री संतोष सिंह के मार्ग दर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक IUCAW श्रीमती ममता देवांगन उप पुलिस अधीक्षक IUCAW सुश्री ललिता मेहर की उपस्थित थे.

डॉ प्रिया राव ने सेमीनार के दौरान नवीन कानूनों के बारिकियों के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुये बताया गया है कि वर्तमान के नवीन कानून में महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को विशेष महत्व की श्रेणी में मानते हुये इसके लिये पृथक से अध्याय रखा गया है ! पूर्व के कानून में अपराधियों की जेल जाने का प्रावधान था, किन्तु वर्तमान के नवीन न्याय संहिता में अपराधियों से सामुदायिक सेवा कराये जाने के संबंध में नवीन प्रावधान जोड़े गये है, पूर्व में जो राजद्रोह कहलाता था, उसका नाम संशोधित कर देशद्रोह रखा गया है एवं लोगों के वाणी के स्वतंत्रता के अधिकार में वृद्धि की गयी है। अब देश के विरूद्ध अपराधिक कृत्य किये जाने पर ही देशद्रोह का अपराध  माना जायेगा। सात वर्ष एवं उससे अधिक सजा संबधी अपराधों में अपराध पंजीबद्ध होने पर पुलिस विवेचना के दौरान अब अनिवार्य रूप से घटना स्थल, गवाही का कथन, का विडियोग्राफी एवं एफएसएल निरीक्षण एवं रिपोर्ट प्राप्त किया जाकर प्रकरण में संलग्न किया जाना अनिवार्य किया गया है। जिससे अपराध  विवेचना पूरी तरह डिजिटलाइजेशन से हो जायेगी. 

 उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उपरोक्त नवीन कानूनों में न केवल पुलिस बल्कि न्यायालय कार्य के समय सीमा निर्धारित की गयी है, जिससे पूर्व में न्यायालयों के निराकरण में होने वाले अत्यधिक विलंब समाप्त हो सकेगी। विधि  विशेषज्ञ  श्रीमती प्रिया राव ने बताया कि वर्ततमान नवीन कानून में सबसे पहले स्थान महिलाओं एवं बच्चों के साथ हुये अत्याचार को दिया गया है एवं महिलाओं एवं बच्चों के गौरव को प्रस्थापित करने का काम किया है इस प्रकार से जिला पुलिस बल रायपुर में पदस्थ समस्त विवेचक स्तर के अधिकारियों को नवीन कानूनों के प्रति जागरुकता लाने के लिये लगातार विभिन्न सेमीनार एवं प्रशिक्षण के माध्यम से सक्षम बनाया जा रहा है। जिससे आने वाले समय में नवीन कानून के लागू होने के पश्चात जिला पुलिस बल रायपुर बेहतर दक्षता एवं तत्परता पूर्वक कार्यवाही कर सके।