Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

नक्सलियों के खात्मे के लिए पहले कांग्रेस का करना होगा खात्मा - सीएम साय

  रायपुर । छत्तीसगढ़ समेत देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने को लेकर अभूतपूर्व उत्साह है. मैं लगातार छत्तीस...

Also Read

 रायपुर। छत्तीसगढ़ समेत देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने को लेकर अभूतपूर्व उत्साह है. मैं लगातार छत्तीसगढ़ की सभी 11 लोकसभा सीट का दौरा कर रहा हूं. शहर से लेकर दूरस्थ अंचल तक पीएम मोदी और उनकी अगुआई में चल रही डबल इंजन की सरकार को लोग अपना स्नेह और आशीर्वाद दे रहे हैं. ये कहना है प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जो एक साक्षात्कार में हुए प्रश्नों का जवाब दिए. सीएम साय ने कहा कि मतदाता इस लोकसभा चुनाव में भाजपा को वोट करके विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित करना चाहते हैं. हमारे पास विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता नरेंद्र मोदी का नेतृत्व है. केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाएं लोगों के जीवन स्तर में बदलाव लेकर आई हैं. हम छत्तीसगढ़ में सभी 11 लोकसभा सीट जीतकर भाजपा के अबकी बार 400 पार के नारे को सफल बनाएंगे

भूपेश बघेल और कांग्रेस की ओर से सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हो रही मुठभेड़ को फर्जी कहने पर मुख्यंत्री साय ने इसे कांग्रेस का चरित्र बताया. उन्होंने कहा कि नक्सल समस्या को लेकर कांग्रेस का हमेशा दोहरा चरित्र रहा है और उन्हें लगता है कि नक्सल समस्या के खात्मे के लिए पहले कांग्रेस को खत्म करना होगा. वो बोले हमारे वीर जवानों ने 16 अप्रैल को कांकेर के छोटेबेठिया क्षेत्रांतर्गत बिनागुंडा और कोरोनार के मध्य हापाटोला के जंगल में मुठभेड़ में 29 नक्सलियों को मार गिराया गया है. यह छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान को मिली अब तक की सबसे बड़ी ऐतिहासिक सफलताओं में एक है. हमारे जवानों के इस पराक्रम पर गर्व की जगह कांग्रेस एनकाउंटर पर सवाल उठा रही है. नक्सलियों को शहीद बताने वाली कांग्रेस के हाथ नक्सलवाद के खून में रंगे हैं. मोदी जी जब से प्रधानमंत्री बने हैं, नक्सलवाद में कमी आई है. राज्य के एक छोटे से हिस्से में सिमटे नक्सलवाद को हम जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

सीएम साय ने कहा कि हम एक ओर जहां नीयद नेल्लानार जैसी योजनाओं की बदौलत विकास और सुशासन से नक्सलवाद को परास्त कर रहे हैं. वहीं हमारे जिला पुलिस और अर्धसैनिक बलों को नक्सलियों को उनकी भाषा में भी जवाब देना आता है जो वो दे रहे है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं एक बार फिर दुहराना चाहता हूं कि ‘ हिंसा का रास्ता ठीक नहीं है, नक्सलियों को विकास की मुख्यधारा में शामिल होना चाहिए. स्थानीय लोग विकास और तरक्की चाहते हैं.’

नक्सलवाद के खात्मे के लिए कांग्रेस को समाप्त करने की बात पर सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से नक्सलवाद की पोषक रही है. नक्सलवाद के जरिए वह वोटों की खेती करना चाहती है. जनता अब कांग्रेस की मंशा को समझ चुकी है. राजनीति में हर व्यक्ति और दल को अपनी बात कहने का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक मूल्यों के विपरीत चलने वालों का समर्थन लेना और देना, यह लोकतंत्र के लिए खतरा है. आपातकाल की जनक कांग्रेस का वैसे भी लोकतंत्र पर भरोसा नहीं रहा है. नक्सलियों और आतंकवादियों को सम्मानजनक शब्दों से अलंकृत करने वालों को जनता स्वयं जड़ से उखाड़ फेंकेगी.

नया मतांतरण निषेध कानून लाने की बात पर विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मतांतरण किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. कथित समाज सेवा के नाम पर भोले-भाले आदिवासियों की सांस्कृतिक अस्मिता के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कानून सख्ती से अपना काम करेगा. प्रलोभन देकर या जबरन मतांततरण करने वाले कानून की कमियों का फायदा उठाकर ऐसा करने की सोच भी न सकें, इसलिए हम और भी सख्त कानून बनाने जा रहे हैं. कानून को अंतिम रूप दिया जा रहा है. अगले विधानसभा सत्र में इसे पेश किया जाएगा. इस कानून में मतांतरण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हर हथकड़ों पर कार्रवाई करने का अधिकार पुलिस एवं प्रशासन को रहेगा.



सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस के लिए आदिवासी वोट बैंक हो सकते हैं, भाजपा के लिए वह परिवार हैं. आदिवासियों के विकास को लेकर यदि कोई दल प्रतिबद्ध है तो वह भारतीय जनता पार्टी है. केंद्र में आदिवासियों के लिए अलग मंत्रालय बनाने की बात हो या आदिवासी बहुल राज्य छत्तीसगढ़ का गठन, बीजेपी ने ही इसे साकार किया है. देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति पीएम मोदी की दूरदृष्टि से मिली हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासियों के बीच से निकले उनके परिवार के सदस्य को प्रदेश को पहला आदिवासी मुख्यमंत्री बनाया. केंद्र सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा जी जन्मजयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मान्यता दी. सिर्फ चार महीने के भीतर छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के कल्याण को लेकर हमने कई योजनाएं संचालित की हैं. हरा सोना कहे जाने वाले तेंदुपत्ता पर संग्राहकों को 5500 रुपये प्रति मानक बोरा संग्रहण दर प्रदान की जा रही है. हम गोंड़ी और हल्बी जैसी भाषाओं के अनुवाद के लिए आदिमजाति भाषा परिषद का गठन करने जा रहे हैं. सौ से अधिक वनोपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित की जा रही है. एक तरफ हमारी सरकार आदिवासियों के उत्थान पर जोर दे रही है, वहीं कांग्रेस पार्टी और उसके युवराज राहुल गांधी आदिवासियों को वनों से दूर करने वाली नई परिभाषा गढ़ रहे हैं. आदिवासियों को कांग्रेस ने हमेशा सत्ता सुख भोगने के लिए गुमराह किया है, लेकिन अब वह बेनकाब हो चुकी है. विधानसभा के बाद लोकसभा चुनाव में आदिवासी मतदाता कांग्रेस का अंतिम विसर्जन करेंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा में हर कार्यकर्ता संगठन का चेहरा है. पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को विकसित भारत की ओर आगे ले जाने में जुटा है. हमने राज्य में तीन महीने से कम समय में मोदी द्वारा दी गई कई बड़ी गारंटियों को पूरा किया है. 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी का रिकॉर्ड बना है. हमने किसानों को 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान बिक्री की सौगात दी है. कांग्रेस हमेशा बोनस-बोनस का राग अलापती रही. मेरी सरकार ने धान के बकाया बोनस के साथ कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत अंतर राशि भी प्रदान करने का काम किया है. प्रदेश में महतारी वंदन योजना के जरिए 12 हजार रुपए हर साल महिलाओं दिए जाने की शुरुआत हो चुकी है. मैंने तय किया था कि 18 लाख गरीब परिवारों को पीएम आवास का घर देने से जुड़ी फाइल पर दस्तखत के बाद ही सीएम हाउस में प्रवेश करूंगा. पहली कैबिनेट में ही इस प्रस्ताव को मंजूरी दी. भ्रष्टाचार को लेकर हम जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं. पीएससी परीक्षा में धांधली कर युवाओं के सपनों का सौदा करने वालों के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश की गई है. महादेव एप घोटाला हो या कोयला घोटाला, भ्रष्टाचार कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होकर रहेगी. प्रदेश की जनता छत्तीसगढ़ की तरक्की को लेकर हमारी प्रतिबद्धता देख रही है. लोकसभा चुनाव में भी वादाखिलाफी, भ्रष्टाचार और परिवारवाद की राजनीति करने वाली कांग्रेस को जनता सबक सिखाएगी.