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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिलाओं का सम्मान,साई बाबा विमेंस हॉस्पिटल महिलाओं के लिए आयोजित करने जा रहा है निशुल्क चेकअप कैंप

रायपुर . असल बात न्यूज़.   अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में राजधानी रायपुर में साई बाबा विमेंस हॉस्पिटल ने महिलाओं को खास सौगात दी है...

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रायपुर .

असल बात न्यूज़. 

 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में राजधानी रायपुर में साई बाबा विमेंस हॉस्पिटल ने महिलाओं को खास सौगात दी है.यह हॉस्पिटल महिलाओं के कैंसर की  जांच करने के लिए निशुल्क चेकअप कैंप आयोजित करने जा रहा है. इस दौरान स्वास्थ्य संबंधित दूसरी और भी कई जाँच की जाएगी तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा आवश्यक परामर्श दिया जाएगा. अस्पताल के द्वारा आज एक गरिमापूर्ण समारोह आयोजित कर इस कैंप का औपचारिक शुभारंभ किया गया. हॉस्पिटल के द्वारा वहीं इस अवसर पर उत्कृष्ट काम करने वाली क्षेत्र की प्रतिभाशाली महिलाओं का सम्मान किया गया.

इस अवसर पर बोलते हुए अस्पताल की संचालक डॉ श्रीमती स्वाति महोबिया ने कहा कि आज हम वूमेंस डे सेलिब्रेट कर रहे हैं. समाज में अब महिलाएं सुपीरियर है. सृष्टि को बढ़ाने का काम सिर्फ हमारी माताए करती है. ईश्वर ने नारी को इस काम के लिए सिलेक्ट किया है. और ईश्वर में हमें यह जो गिफ्ट दिया है वह नारी को पुरुष से सुपीरियर बनाता है. ईश्वर ने समाज में महिलाओं को विशिष्ट स्थान दिया है. भारतीय संस्कृति में नारी को बहुत अधिक महत्व, सम्मान दिया गया है. उन्होंने कहा कि नारी शक्ति को. आगे भी बढ़ता है और बड़ों की सुनना भी है. हमें जरूरतमंदों की  हेल्प भी करनी चाहिए. महिलाओं को समाज में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी प्रयास किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा मैं जो कुछ भी है अपने फैमिली की वजह से हूँ.अपने पेरेंट्स की वजह से अपने पति की वजह से हूँ .उन्होंने कहा कि मौका मिले तो महिलाएं हर काम सफलतापूर्वक कर सकती हैं कुछ भी कर सकती हैं. उन्होंने घोषणा करते हुए बताया कि उनके अस्पताल में महिलाओं को प्रेग्नेंट होने पर वाले कैंसर की जांच  के लिए फ्री ओपीडी के सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है.  यहां अभी कॉस्मेटिक गायक्रोनोलॉजी के सुविधा भी  फ्री है.

 कार्यक्रम  में रिटायर्ड डीएसपी संध्या द्विवेदी का भी सम्मान किया गया.. इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने  कहा कि महिलाए आज भी अपने अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ रही हैं  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के माध्यम से सामाजिक जागरूकता लाने की कोशिश की जा रही है कि पुरुष भी महिलाओं के अधिकारों के बारे में समझ सके. और महिलाओं को समाज में बराबरी का दर्जा मिल सके. उन्होंने कहा कि आज भी महिलाएं शिक्षा में पीछे हो रही हैं,महिलाओं को अच्छे शिक्षा मिलनी चाहिए. अभी हमारे देश में महिलाओं के शिक्षा का प्रतिशत काफी कम है. एक समय था समाज में सारे निर्णय पुलिस के द्वारा दिए जाते थे. अब समय काफी कुछ बदल रहा है. महिलाएं शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है. उन्होंने इस अवसर पर महिलाओं के कानूनी अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी. भारतीय दंड संहिता की धारा  344 को गैर जमानतीय बना दिया गया है ताकि कोई भी रास्ते में चलने वाली लड़कियों महिला उसके साथ छेड़खानी ना कर सके. उन्होंने कहा कि कोई महिला काम करने जाती है और वहां भी उसके साथ दुर्व्यवहार होता है तो वह वहां चुप ना रहे और इसकी शिकायत करें तो कार्रवाई होगी. महिलाएं जॉइंट फैमिली में रह रहे हैं उन्हें घर के बड़े बुजुर्गों को माता-पिता, सास ससुर का सम्मान करना चाहिए.

वित्त विभाग की अधिकारी श्रीमती ने अपने संबोधन में कहा कि  नारी अपनी खुशियों से पहले दूसरों की जिंदगी मैं खुशियों की बिखेरती है. मां थकी भी  रहती है तो भी अपने सपनों को जीती हो.