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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में पर रायपुर में ‘’शक्ति’’ यंग इंडियन का किया गया आयोजन

  रायपुर । अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में पर रायपुर में ‘’शक्ति’’ यंग इंडियन का आयोजन किया गया. छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए प्री...

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 रायपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में पर रायपुर में ‘’शक्ति’’ यंग इंडियन का आयोजन किया गया. छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए प्रीमियर वूमेन कानक्लेव (महिला उद्यमी सम्मेलन) “शक्ति” का आयोजन सीआईआई (भारतीय उद्योग परिसंघ) और यंग इंडियंस (वाय आई) रायपुर चेप्टर की ओर से किया गया. इस आयोजन में अलग-अलग विषयों पर खुली चर्चा हुई. साथ ही अलग-अलग क्षेत्र से आई महिलाओं ने अपनी कठिनाइयों के बारे में बात रखी है. इतना ही नहीं एक्सपर्ट्स महिलाओं ने अपना मार्गदर्शन भी दिया.

वोमेंस कांक्लेव को लेकर “वाय आई” (यंग इंडियंस) रायपुर चेप्टर के चेयरपर्सन अनुजा भंडारी ने बताया कि इस तरह का यह पहला कानक्लेव है. जिसमें रायपुर की 80 से अधिक महिला सदस्यों सहित विभिन्न क्षेत्र की महिला उद्यमी करीब सैकडो की संख्या में भाग ली है. आयोजन में हिस्सा लेने से महिलाओं को अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर मिला है. साथ ही हमारा उद्देश्य है कि महिलाओं को किस तरह से शशक्त बनाया जाए. चेंज मेकर्स को पहचानना, सीखना, पैनल चर्चा, नेटवर्किग, बिजनेस कोच और मनोरंजन कानक्लेव में प्रमुख रूप रखा गया.

इन विषयों को लेकर “शक्ति” महिला उद्यमी सम्मेलन में हुई चर्चा

आशायें खुलें दिल की

सामाजिक उद्यमी के रूप में डिंपल कौर (छत्तीसगढ़ को पैडवुमन ), कविता देव नदीमपल्ली (मिलेट मां), नम्रता जैन( संस्थापक एक्यूलेगल और संस्थापक स्वयंसेवक हेडस्टार्ट छत्तीसगढ़) एवं प्रेमलता अग्रवाल (पदमश्री) ने अपने विचार रखें.

कर हरचट्टान फतेह

साहस के शिखर विषय पर पद्म श्री प्रेमलता अग्रवाल, दुनिया की सात चोटियों पर चढऩे वाली पहली भारतीय महिला हैं.. उन्होंने बताया कि पिछले कई सालों से परिवार और समाज के सहयोग से ऐसे मुकाम को हासिल कर पाई हूं.

मेरी आवाज ही मेरी पहचान है

दृष्टि से परे मेनुका पौडेल, इंडियन आइडल 14 के शीर्ष दस फाइनलिस्ट, सालार के लिए प्लेबैक सिंगर अपने विचार रखें. मेनुका पौडेल ने अपनी जीवन की कठिनाइयों और भविष्य की तैयारियों से सभी को रूबरू कराया. उन्होंने बताया कि बचपन से दृष्टि नहीं होने के कारण बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा था. लेकिन समाज ने हमेशा आगे बढ़ाने के लिए रास्ता दिखाया है. मेरा आत्मविश्वास कभी मुझे दृष्टि नहीं होने का एहसास नहीं होने दिया.