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लोकसभा चुनाव की तिथियों का स्वागत, हमारी तैयारियां पूरी- कांग्रेस  देश में बदलाव की लहर चल रही कांग्रेस की नेतृत्व में इंडिया गठबंधन की सरका...

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लोकसभा चुनाव की तिथियों का स्वागत, हमारी तैयारियां पूरी- कांग्रेस


 देश में बदलाव की लहर चल रही कांग्रेस की नेतृत्व में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी- दीपक बैज


रायपुर 16 मार्च 2024। चुनाव आयोग द्वारा चुनावों की तिथियों की घोषणा का कांग्रेस पार्टी स्वागत करती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि चुनाव की तिथि के घोषणा के बाद पूरे देश में, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के कार्यकर्ता उत्साहित है। हमारी चुनावी तैयारियां पूरी हो चुकी है। देश में बदलाव की लहर चल रही है। केन्द्र में कांग्रेस के नेतृत्नव में इंडिया गइबंधन की सरकार बनेगी। छत्तीसगढ़ में  हमारे 23 हजार बूथों पर कार्यकर्ता पूरी तरह से सजग है। जिला कांग्रेस कमेटियां, ब्लाक कांग्रेस कमेटियां, विधानसभा कांग्रेस कमेटियां और जो कांग्रेस की वार्ड स्तर की कमेटियों ने चुनाव में जाने के लिये तैयारियां पूरी कर ली है।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि इस चुनाव में कांग्रेस मोदी की 10 साल की नाकामियों को लेकर जनता के बीच जायेंगे। मोदी ने 100 दिन में महंगाई कम करने वादा किया था, किसानों की आय दुगुनी का करने का वादा किया था, हर साल 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था। यह सब वादे विफल साबित हुये है। मोदी विफलता को लेकर हम जनता के बीच जायेंगे। मोदी को सरकार चलाते 10 साल पूरे हो गये लेकिन मोदी ने अपने एक भी वायदे को पूरा नही किया। मोदी के दोनों कार्यकाल कोरी बयानबाजी और लक्षेदार भाषणों में निपट गया।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने जनता से वादा किया है युवा, किसान, महिलाओं सभी को न्याय देने का हमारे चुनाव प्रचार के केन्द्र में कांग्रेस की न्याय घोषणायें भी होगी। कांग्रेस पार्टी ने युवा न्याय दिया है, जिसमें 30 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार देने का वादा किया है। हर महिला के खाते में 1 लाख रू प्रतिवर्ष का देने का वादा किया है। किसानों को समर्थन मूल्य की गारंटी देने का वादा किया है। इन सारे विषयों को लेकर जनता के बीच में जायेंगे। हमें पूरा भरोसा है चुनाव में हमे सफलता मिलेगी।






मोदी सरकार की विदाई की तिथि घोषित- कांग्रेस


रायपुर/16 मार्च 2024। मोदी सरकार की विदाई की तिथि घोषित हो चुकी है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जनता 7 चरणों में चरणबद्ध तरीके से पूरे देश से मोदी सरकार से विदा लेगी। मोदी की वादा खिलाफी का हिसाब करने को तैयार बैठी है। 10 साल पहले जनता से बड़े-बड़े वादा कर सरकार में आये नरेंद्र मोदी की सरकार हर मोर्चे में विफल साबित हुई। 2014 लोकसभा चुनाव में मोदी ने प्रदेश में आकर जनता से वादा किया था कि केंद्र में उनकी सरकार बनेगी तो सभी के खाते में 15-15 लाख रूपए आएंगे। बीते 10 साल से प्रदेश की जनता 15 लाख रूपए खाते में आने का इंतजार कर रही है, किस तारीख को पैसा जनता के खाते में ट्रांसफर होगा? दो करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष देने का वादा था, 10 साल में प्रदेश के 43 लाख युवाओं को रोजगार मिलना था जो अब तक केंद्र सरकार ने नहीं दिया है। वह रोजगार प्रदेश के युवाओं को कब मिलेगा तारीख बताने की कृपा करें? 100 दिन में महंगाई कम करने का वादा किया गया था आज हालात यह है कि मोदी सरकार के गलत नीतियों के चलते बढ़ती महंगाई से जनता हताश और परेशान है। महंगाई से जनता को राहत किस तारीख को मिलेगी यह बता दे? 2023 भी निकल चुका है लेकिन किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई है? लोकसभा चुनाव में यह मुद्दे प्रभावी होंगे।


प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को नियंत्रित करने में असफल और नकारा साबित हुई है। अभी हाल ही में देश भर में हुई सर्वे में एक बात सामने आई है कि मोदी सरकार की गलत नीतियों, रोजगार देने में असफलता, पेट्रोल, डीजल में मनमाना एक्साइज ड्यूटी, रेल यात्रा का महंगा होना, सड़कों पर टोल टैक्स के दरों में वृद्धि एवं आवश्यक वस्तुओं पर भी लगाई गई जीएसटी के चलते आम लोगों के आय एवं बचत घटी है और मुखिया को घर चलाने के लिए घर की आवश्यकताओं को पूर्ति करने के लिए 77 प्रतिशत तक के ऋण लेने पड़े है, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार को कोई वास्ता नहीं।


प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा के नेता बढ़ती महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी पर चर्चा करने से भाग रहे है। देश की जनता का महंगाई से बुरा हाल है। केंद्र में बैठी सरकार मात्र 2 लोग अडानी, अंबानी की आय बढ़ाने के लिये कर रही है। देश की अर्थव्यवस्था डूबने की कगार पर है, बैंक डूब रहे है, एलआईसी डूब रहे है, सरकारी कंपनियां बिक रही है, आम लोगों के रोजगार छीने जा रहे हैं, महंगाई का प्रकोप घर-घर में दिख रहा है पर जवाब देने से बचने के लिए भाजपा का नेता धर्म से धर्म को लड़ा कर, जात से जात को लड़ा कर वैमनस्यता फैलाकर राजनीतिक रोटी सेक रहे है।



प्रेस विज्ञप्ति


साय सरकार बनते ही भाजपाइयों का कमीशन का खेल शुरू राजस्व निरीक्षक भर्ती में भारी घोटाला


रायपुर/16 मार्च 2024। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि साय सरकार बनते ही भाजपाई अपना मूल काम कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार की काली खेल में जूट गये है। जनवरी 2024 में हुआ राजस्व निरीक्षक विभागीय परीक्षा में भारी गड़बड़ियां और घोटाला हुआ है। साय सरकार के मंत्रियों एवं भाजपा नेताओं ने अपने करीबियों को नियुक्त करने के लिए भारी भरकम लेनदेन किया है भ्रष्टाचार कर योग्य उम्मीदवारों के अधिकारो का हनन किया है। राजस्व निरीक्षक विभागीय परीक्षा को लेकर छत्तीसगढ़ राजस्व  निरीक्षक संघ  पटवारी संघ ने परीक्षा परिणाम में भारी गड़बड़ियां होने की शंका जाहिर की हैं. परीक्षा की जांच कराने की मांग की है।


प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि राजस्व निरीक्षक विभागीय परीक्षा में सरगुजा से ही 27 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन होना एक बड़ा हेरफेरी घोटाला और लेनदेन को उजागर कर रहा है। इस पूरी शिकायत की पारदर्शी तरीके से सीबीआई की जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों के ऊपर कार्रवाई होनी चाहिए। इस गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच के लिये राजस्व मंत्री को हटाया जाए।





भाजपा ने मान लिया कि वो राजनांदगांव सीट हार रही है इसीलिएराजनीति से प्रेरित एफ़आईआर दर्ज की गई - भूपेश बघेल


एफ़आईआर के विवरण में ही मेरा ज़िक्र नहीं, जबरन नाम डाला गया


अपराधियों के जिन बयानों को ईडी ने आधार बनाया है उनकी कोई विश्वसनीयता नहीं है


जो भाजपा छापे डलवा कर चंदा लेती है वह भ्रष्टाचार की बात किस मुंह से कर रही है?


प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुये पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि :-


आज भारतीय जनता पार्टी ने स्वीकार कर लिया कि वो राजनांदगांव संसदीय सीट हार रही है इसीलिए ईओडब्लू ने मेरे ख़लिफ़ महादेव ऐप मामले में नामजद रिपोर्ट दर्ज की है।

भाजपा मान रही है कि मेरी वजह से छत्तीसगढ़ की बाक़ी सीटों पर भी चुनाव परिणामों पर असर पड़ेगा इसीलिए मुझे बेवजह बदनाम करने का षडयंत्र रच रही है.

इसके लिए भाजपा अपने चरित्र के अनुरूप केंद्रीय एजेंसी ईडी और राज्य की एजेंसी ईओडब्लू का हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है.

एफ़आईआर में मेरा नाम जिस तरह से शामिल किया गया है वह क़ानूनी रूप से ग़लत है और यह दर्शाता है कि मेरा नाम सिर्फ़ राजनीतिक कारणों से शामिल किया गया है.

मेरे मुख्यमंत्रित्व काल में ही महादेव ऐप की जांच शुरु हुई थी और गिरफ़्तारियों का सिलसिला शुरु हुआ था.

महादेव ऐप की तरह की सट्टेबाज़ी को रोकने के लिए 2022 में हमने जुआ और सट्टा अधिनियम में परिवर्तन भी किया था.

हमने ही महादेव ऐप के संचालकों सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के ख़लिफ़ एलओसी यानी लुक आउट सर्कुलर जारी किया था.

हमने ही गूगल को पत्र लिखकर महादेव ऐप को गूगल प्ले स्टोर से हटाया था.

कांग्रेस की सरकार ने कार्रवाई शुरु की और हम पर ही इसे संरक्षण देने का आरोप लगाना न केवल हास्यास्पद है बल्कि यह भाजपा के चरित्र को भी दिखाता है.

यह आरोप वह भाजपा लगा रही है जिसने ‘चंदा दो धंधा लो’ और ‘हफ़्ता वसूली अभियान’ के तहत हज़ारों करोड़ का चुनावी बॉण्ड अपने खाते में जमा करवाए.

यह वही भाजपा है कि जिसमें देश के सबसे बड़े लॉटरी का धंधा करने वाली कंपनी फ़्यूचर गेमिंग से 1368 करोड़ रुपए चुनावी चंदे के रूप में लिए हैं.

एक बड़ा सवाल यह है कि पहले को मेरी सरकार पर महादेव ऐप को संरक्षण देने का आरोप था. पर महादेव ऐप तो अभी भी चल रहा है तो सवाल यह है कि हमारी सरकार हटने के बाद इसे कौन संरक्षण देता रहा, नरेंद्र मोदी की सरकार या विष्णुदेव साय की सरकार?


एफ़आईआर में जबरन नाम डाला गया


एफ़आईआर की जो कॉपी मुझे मिली है उसके अनुसार यह एफ़आईआर चार मार्च को रायपुर में दर्ज की गई है.

लेकिन इसे जारी किया गया दिल्ली में आज यानी 17 मार्च को.

आमतौर पर एफ़आईआर तुरंत ही सार्वजनिक कर दी जाती है तो क्यों इसे छिपा कर रखा गया और क्यों इसे दिल्ली से जारी किया गया?

एक इससे स्पष्ट होता है कि राजनीतिक उद्देश्य से ही यह एफ़आईआर की गई है.

जिस समय एफ़आईआर दर्ज की गई वह वही समय था जब मेरा नाम राजनांदगांव से कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी के रूप में अख़बारों और टेलीविज़न चैनलों में आ रहा था.

ज़ाहिर है कि इसी से डरकर भाजपा ने आनन फ़ानन में एफ़आईआर में मेरा नाम डालने की साज़िश रची.

मैं कह रहा हूं कि मेरा नाम एफ़आईआर में जबरन डाला गया क्योंकि एफ़आईआर के साथ जो विवरण दिए गए हैं, उसमें मेरा नाम कहीं नहीं है.

ऐसा कोई विवरण एफ़आईआर में नहीं है जिससे यह साबित हो कि महादेव ऐप के संचालकों को संरक्षण देने में मेरी कोई भूमिका थी.

इस एफ़आईआर में कहा गया है कि ‘वैधानिक कार्रवाई को रोकने के लिए विभिन्न पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों तथा प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तियों का संरक्षण प्राप्त किया गया’. अब सवाल यह है कि जब इन विभिन्न लोगों में किसी का नाम नहीं है तो छत्तीसगढ़ पुलिस को मेरा ही नाम दर्ज करने की क्यों सूझी?

अगर ईओडब्लू के पास इन विभिन्न लोगों के नाम थे तो उनके नाम एफ़आईआर में क्यों नहीं हैं?

और अगर मेरा नाम है तो विभिन्न लोगों के नाम क्यों नहीं हैं?


बयानों से खुली ईडी की पोल


विधानसभा चुनाव के दौरान दो बयानों के आधार पर ईडी ने एक प्रेस रिलीज़ जारी की थी और मेरा नाम उसमें घसीट लिया था.

इसमें एक नाम असीम दास नाम के व्यक्ति का था और दूसरा नाम शुभम सोनी नाम के किसी व्यक्ति का है.

असीम दास के पास से कथित रुप से करोड़ों रुपए बरामद हुए थे और ईडी के अनुसार उसने यह बयान दिया था कि वह पैसा किसी राजनीतिक व्यक्ति के पास जाना था.

बाद में इसी असीम दास ने अदालत में ईडी को दिया अपना बयान वापस ले लिया और विवरण दिया कि उसे इस जाल में किस तरह से फंसाया गया.

यह भी कम दिलचस्प नहीं है कि पैसों के साथ जो कार पकड़ी गई वह भाजपा नेता अमर अग्रवाल के भाई की थी और उसकी फ़ोटो रमन सिंह और प्रेम प्रकाश पांडे के साथ मिली हैं.

दूसरा बयान शुभम सोनी नाम के व्यक्ति का है, जो अपने आपको महादेव ऐप का असली संचालक बताता है.

इस शुभम सोनी का एक वीडियो बयान अज्ञात सूत्रों के हवाले से जारी किया गया था. यह बयान किसने दिया यह अब तक स्पष्ट नहीं है पर इसे भाजपा के कार्यालय में चलाकर मीडिया को दिखाया गया था.

शुभम सोनी ने कथित तौर पर दुबई के काउंसलेट जनरल के सामने अपना बयान दिया था. लेकिन दिलचस्प बात यह है कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सामने प्रस्तुत एक दस्तावेज़ में काउंसलेट जनरल ने लिख दिया है कि वह इस बयान की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता.

सवाल यह है कि जब दोनों ही बयान प्रामाणिक नहीं हैं तो किस आधार पर ईडी मेरा नाम इस मामले से जोड़ने की कोशिश कर रही है?


सूप बोले तो बोले छन्नी क्या बोले जिसमें छप्पन छेद


सुप्रीम कोर्ट की फ़टकार के बाद एसबीआई को चुनावी बॉण्ड के विवरण जारी करने पड़े.

इस विवरण से पता चलता है कि देश की कम से कम 14 कंपनियां ऐसी हैं जिन पर ईडी, आईटी या सीबीआई के छापे पड़े और इसके बाद कार्रवाई को रोकने के लिए भाजपा ने सैकड़ों करोड़ की राशि चुनावी बॉण्ड के माध्यम से ली.

ईडी, आईटी और सीबीआई का डर दिखाकर कितने ही लोगों को भाजपा में शामिल कर लिया गया और भ्रष्टाचार के मामलों को भाजपा ने रफ़ा दफ़ा कर दिया.

यह वही भाजपा है जिसने ऑन लाइन सट्टे को क़ानूनी रुप दे दिया है और उस पर बाक़ायदा 28 प्रतिशत जीएसटी और चार प्रतिशत सरचार्ज वसूल रही है.

केंद्र में भाजपा की सरकार है और महादेव ऐप के संचालकों को दुबई से गिरफ़्तार करके लाने का काम केंद्र की सरकार ही कर सकती है. तो क्यों वह संचालकों को गिरफ़्तार नहीं कर रही है?

यदि शुभम सोनी दुबई के काउंसलेट जनरल के सामने बयान देने हाज़िर हुआ था तो उसे गिरफ़्तार क्यों नहीं किया गया.

कहीं भाजपा महादेव ऐप के संचालकों से चुनावी चंदा वसूल करके संचालकों को क्लीन चिट देने के फ़िराक में तो नहीं है?


भूपेश बघेल डरने वाला नहीं है


अगर भाजपा को लगता है कि मेरा नाम एफ़आईआर में डालकर वह मुझे डरा लेगी या मेरी राजनीति को प्रभावित कर लेगी तो उसे भ्रम में नहीं रहना चाहिए.

पहले भी भाजपा ऐसा करके देख चुकी है. अगर उसका हश्र भाजपा को याद नहीं है तो कांग्रेस के हमारे सिपाही फिर से याद दिलाने को तैयार हैं.

न मैं डरने वाला हूं और न मैदान से हटने वाला हूं.

इसके लिए जो भी राजनीतिक और क़ानूनी क़दम उठाने हैं वो मैं उठाउंगा.


सुशील आनंद शुक्ला

अध्यक्ष कांग्रेस संचार विभाग

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी