Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

CM विष्णुदेव साय ने PM मोदी का जताया आभार, कहा- इससे भारत में न्याय का एक नया अध्याय होगा प्रारंभ

  रायपुर । संसद की शीतकालीन सत्र में हाल ही में पारित हुए तीन संशोधित आपराधिक कानून विधेयकों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 25 दिसंबर को मं...

Also Read

 रायपुर। संसद की शीतकालीन सत्र में हाल ही में पारित हुए तीन संशोधित आपराधिक कानून विधेयकों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 25 दिसंबर को मंजूरी दे दी है. तीनों बिल को मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री का आभार जताया है.सीएम विष्णुदेव साय ने ट्वीट कर लिखा है, भारत की राष्ट्रपति महोदया ने भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य संहिता को मंजूरी प्रदान की गई है. इससे भारत में न्याय का एक नया अध्याय प्रारंभ होगा.मैं इस ऐतिहासिक अवसर पर मान. प्रधानमंत्री जी एवं मान. गृह मंत्री जी का हृदय से धन्यवाद करना चाहूंगा. उनकी दूरदर्शी सोच से आज हमें अंग्रेज़ शासनकाल से चले आ रहे कानूनों के स्थान पर सशक्त संहिताएं प्राप्त हुई हैं जिससे निश्चित ही भारत की न्याय व्यवस्था सुदृढ़ होगी.



भारत की महामहिम राष्ट्रपति महोदया द्वारा भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य संहिता को मंजूरी प्रदान की गई है। इससे भारत में न्याय का एक नया अध्याय प्रारंभ होगा।

मैं इस ऐतिहासिक अवसर पर मान. प्रधानमंत्री जी एवं मान. गृह मंत्री जी का हृदय से…

— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) December 26, 2023

तीन संशोधित आपराधिक कानूनों को राष्ट्रपति की मंजूरी

20 दिसंबर को भारतीय न्याय संहित, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य विधेयकों को लोकसभा से ध्वनिमत के जरिए पारित कर दिया गया था. इसके बाद तीनों विधेयकों को राज्यसभा में भेजा गया, जहां से उसे 21 दिसंबर को पारित कर दिया गया. राज्यसभा में विधेयकों को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की ओर से पेश किए जान के बाद ध्वनि मत से पारित किया गया था. 25 दिसंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी तीनों बिलों को मंजूरी दे दी है. अब इन बिलों के कानून बनने का रास्ता साफ हो चुका है. ऐसे में अब भारतीय दंड संहिता को भारतीय न्याय (द्वितीय) संहिता से, दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) को भारतीय नागरिक सुरक्षा (द्वितीय) संहिता से और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को भारतीय साक्ष्य (द्वितीय) संहिता से बदल जाएगा.