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लापरवाही बरतने पर 120 कर्मियों थमाया नोटिस, अभियान में अब पुलिस की भी हुई एंट्री

  गरियाबंद. ओडिशा से होने वाले धान के अवैध परिवहन को रोकने अब प्रशासन और सख्त हो गया है. गुरुवार को राजस्व विभाग ने 3 तो पुलिस ने 2 पिकअप स...

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 गरियाबंद. ओडिशा से होने वाले धान के अवैध परिवहन को रोकने अब प्रशासन और सख्त हो गया है. गुरुवार को राजस्व विभाग ने 3 तो पुलिस ने 2 पिकअप समेत अवैध परिवहन में लगे 5 गाड़ियों को 300 बोरा धान के साथ जब्त किया है. एसडीएम अर्पिता पाठक ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी परिवहन के दौरान किसी भी पिकअप में चालक ने लोड धान से संबधित कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखाया है.

एसडीएम ने कार्रवाई में भेदभाव के आरोपों को भी सिरे से खारिज करते हुए कहा कि गड़बड़ी रोकने की जिम्मेदारी सभी की है. छोटे हो या बड़े कारोबारी, जो भी अवैध कारोबार करते पकड़े जाएंगे उन पर कार्रवाई होगी, जो आगे भी जारी रहेगी. एसडीएम ने उन किसानों से भी ओड़िशा के धान नहीं खरीदी करने की अपील की है जो मात्रा की भरपाई के लिए बिचौलियो को बढ़ावा दे रहे हैं.

 

15 चेक पोस्ट के 120 कर्मियों को शो काज नोटिस थमाया

दो दिन पहले एसडीएम पाठक ने ओडिशा सीमा पर लगे सभी 15 चेक पोस्ट का निरीक्षण किया था. ड्यूटी और टाइमिंग तय कर सभी पोस्ट में 8-8 कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी.लेकिन इनमें एक भी कर्मी दो दिन पहले तक ड्यूटी करते नहीं दिखे थे. सभी को शो कॉज नोटिस जारी करने के बाद टीम ड्यूटी में नजर आए. उपस्थिति प्रमाणित करने एसडीएम ने उपस्थिति की फोटो अपने बनाए प्रशासनिक ग्रुप में शेयर करने कहा है.

तस्करी रोकने पुलिस की एंट्री

बुधवार से धान का अवैध परिवहन रोकने के लिए अभियान में पुलिस की भी एंट्री हो गई है. 13 चेक पोस्ट में 24 घंटे की तैनाती करने एक एक पुलिस के जवान लगाए गए हैं. इतना ही नही क्राइम ब्रांच की टीम भी अब सीमाओं पर हो रही आवाजाही पर नजर रखी हुई है.

सरेंडर कराया गया रकबा

एसडीएम को धौराकोट में निरीक्षण के दरम्यान किसान लोकपाल का टोकन परीक्षण कराया. जांच पाया गया कि किसान के पट्टे में कूल धारित रकबा 1.22 हेक्टेयर का जिक्र है. ऑपरेटर ने गिरदावरी रिपोर्ट के आधार पर खरीदी का मात्रा जारी किया था. पर पटवारी जांच में फसल उत्पादन का रकबा .25 हेक्टेयर कम पाया गया. अतरिक्त रकबे को सरेंडर कराया गया. एसडीएम पाठक ने कहा कि आगे अब इसी तरह रकबे की जांच के लिए निर्देश दिया गया है. अतरिक्त रकबे को सरेंडर कराने का काम तेजी से किया जाएगा.

खरीदी का दायरा बढ़ाया, इसलिए मांग बढ़ गई

शासन ने इस वर्ष धान खरीदी रकबे का दायरा बढ़ा दिया है. प्रति एकड़ 20 क्विंटल कर दिया है. जबकि औसत उत्पादन 10 से 12 क्विंटल है. ज्यादातर इलाका अल्प वर्षा से प्रभावित है. वहां की उत्पादन 7 क्विंटल से भी कम है. हालांकि प्रभावित इलाके में अब तक किसानों ने धान बेचना शुरू नहीं किया है. लेकिन बिचौलिए से खरीदी कर धान डंप कराना शुरू कर दिया है. एसडीएम ने टीम बना कर डंप धान पर भी जल्द कार्रवाई करने की बात कही है.