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स्वरूपानंद महाविद्यालय में “फिजिको कैमिकल एंड मास्कोबायोलॉजिकल पैरामीटर्स ऑफ ड्रिंकिंग वाटर” विषय पर वैल्यु एडेस कोर्स का शुभारंभ

  भिलाई। असल बात न्यूज़।।      स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय के सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग द्वारा द्वारा “फिजिको कैमिकल एंड मास्क...

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 भिलाई।

असल बात न्यूज़।।     

स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय के सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग द्वारा द्वारा “फिजिको कैमिकल एंड मास्कोबायोलॉजिकल पैरामीटर्स ऑफ ड्रिंकिंग वाटर” विषय पर पन्द्रह दिवसीय वैल्यू एडेड कोर्स का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि तथा अतिथि वक्ता डॉ. ए. के. श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष वनस्पतिविज्ञान, दानवीर तुलाराम महाविद्यालय ऊतई थे।

कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. शमा ए. बैग, विभागाध्यक्ष, सूक्ष्मजीवविज्ञान ने कोर्स की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कार्यक्रम हाइब्रिड मोड में संचालित होगा। प्रतिभागियों को  सैद्धांतिक व प्रायोगिक जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आज भी देश के कई हिस्सों में लोगों को स्वच्छ पीने योग्य पानी मुहैया नहीं है। इस कोर्स के द्वारा हम सभी प्रतिभागियों को पानी के गुणवत्ता के विश्लेषण से संबंधी मूलभूत जानकारी प्रदान करेगे जिससे छात्र लाभान्वित होंगे। 24 अप्रैल 2022 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने अमृत सरोवर मिशन का शुभारंभ किया है, जिसमें प्रत्येक जिले में 75 अमृत सरोवरों का निर्माण व रखरखाव सुनिश्चित करना है। इसी को ध्यान में रखते हुए हम अपने जिले के विभिन्न जल स्त्रोतों का परीक्षण करेंगे।

महाविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. दीपक शर्मा व डॉ. मोनिशा शर्मा ने इस वैल्यू एडेड कोर्स की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कोर्स से पानी की गुणवत्ता व महत्ता के प्रति जागरुकता उत्पन्न करेगें तथा उन्हें पानी की जाँच करने के लिए सरल विधियों की से भी अवगत कराएगें।

प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने कहा कि जल ही जीवन हैं, पृथ्वी पर एक तिहाई जल होने के बाद भी स्वच्छ जल की कमी है। जल की स्वच्छता की परखने की विधि इस कोर्स में बताई जाएगी जो बहुत लाभकारी सिद्ध होगा। इससे छात्र पानी की मॉनीटरिंग, प्रबंधन, गुणवत्ता जाँच करना सीखेगे जो भविष्य में रोजगार के मार्ग भी प्रशस्त करेगा।

मुख्य अतिथि डॉ. ए. एम. देशमुख, अध्यक्ष, माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसायटी इंडिया ने आयोजको को बधाई देते हुए कोर्स की सराहना की व कहा कि इस कोर्स से छात्रों को जल परीक्षण व संरक्षण की एक नई दिशा मिलेगी।  

विशिष्ट अतिथि व वक्ता डॉ ए. के श्रीवास्तव जी ने कहा कि पीने लायक पानी पृथ्वी पर बहुत कम मात्रा में है, तथा प्रदूषण के कारण वह भी दूषित हो रहा है। घर में निजी कार्यों में उपयोग होने वाले जल को एकत्रित कर उसे बागवानी में या इसे शुद्धिकरण कर अन्य कार्यों में उपयोग कर सकते है तथा छात्रों की पानी के संरक्षण के लिए वृक्ष लगाने, के लिए कहा। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों तेलांगाना, पंजाब, पश्चिम बंगाल से प्रतिभागी जुड़े है।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन सचिव स. प्रा. योगिता लोखंडे व समीक्षा मिश्रा, सूक्ष्मजीवविज्ञान विभाग का विशेष योगदान रहा।

कार्यकम का मंच संचालन समीक्षा मिश्रा तथा धन्यवाद ज्ञापन योगिता लोखंडे ने दिया।