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अच्छी बात, चुनाव प्रचार एक दूसरे के खिलाफ लेकिन कहीं आपसी वैमनस्य का जहर, मतभेद, तनाव नहीं

  भिलाई।   असल बात न्यूज़।।        00  Special report   लोकतंत्र का निष्पक्ष चुनाव महत्वपूर्ण अंग है और चुनाव के दौरान प्रत्याशियों के द्वार...

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 भिलाई।

 असल बात न्यूज़।। 

      00  Special report


 लोकतंत्र का निष्पक्ष चुनाव महत्वपूर्ण अंग है और चुनाव के दौरान प्रत्याशियों के द्वारा एक दूसरे के खिलाफ किस तरह से जहर उगला जाता है, किस तरह से विरोध में बातें की जाती हैं, किस तरह से एक दूसरे की कमियां गिनाई जाती हैं, किस तरह से दूसरों पर आरोपों की बौछार की जाती है यह सबको मालूम है।  लोकतंत्र के लिए यह अच्छी बात है कि इतने सारे विरोध के बावजूद कहीं कोई आपसी दुश्मनी, आपसी वैमनस्य पनपने, फैलने के जैसी स्थिति नहीं है। मतदाता भी समझते हैं कि यह सब विरोध आरोप-प्रत्यारोप चुनाव तक सीमित है, इसके बाद कहीं कोई विरोध नहीं रहने वाला।

चुनाव प्रचार का दौर शुरू होता है तो आम मतदाताओं के समक्ष भी कई सारी कठिनाइयां संकोच की स्थिति निर्मित होती है।आम मतदाताओं को समझ नहीं आता कि वह प्रत्यक्ष तौर पर किस का साथ दें और किस का साथ नहीं दे। सबसे बड़े संकोच और निर्णय लेने की कठिन परिस्थिति तब  पैदा होती है जब कोई प्रत्याशी आम मतदाता के घर उसकी दीवार पर बैनर पोस्टर लगाने दीवार लेखन के लिए पहुंचता है। ऐसे में मतदाताओं को समझ नहीं आता कि वह किस प्रत्याशी को मना करें , किसे वाले खनके अनुमति दे और किसे अनुमति ना दे। निर्वाचन आयोग ने अभी मकान मालिक की अनुमति के बिना किसी के भी घर पर, दीवार लेखन, बैनर पोस्टर लगाने की मनाही कर दी है।

अभी चुनाव प्रचार के दौरान आप देखेंगे तो अच्छी स्थिति नजर आएगी। जिस घर में भी बैनर पोस्टर लगा है कई सारे प्रत्याशियों  का बैनर पोस्टर लगा है, दीवार लेखन किया गया है। इससे यह समझ में आता है कि किसी भी प्रत्याशी को किसी घर में बैनर पोस्टर लगाने दीवार लेखन करने से मना नहीं किया गया। अभी जिन क्षेत्रों में स्थानीय निकाय का चुनाव हो रहा है उसमें कई क्षेत्र ग्रामीण परिवेश वाले भी हैं।  चुनाव के चलते कोई आपसी संबंध न बिगड़े, सामाजिक सौहार्द में कमी ना आए, कहीं तनाव की स्थिति निर्मित ना हो तो इससे बेहतर और क्या हो सकता है।

ग्रामीण परिवेश वाले वालों में लोगों के आपसी संबंध काफी अधिक मजबूत होते हैं यह संबंध है  सामान्य तौर पर पारिवारिक होते हैं। ऐसे में चुनाव प्रचार के दौरान यहां लोगों को और अधिक संकोच की स्थिति निर्मित होती है।