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विश्व जनसंख्या दिवस के उपलक्ष्य पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दुर्ग जिले में विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में जागरूकता शिविर का आयोजन

  दुर्ग । असल बात न्यूज।   जिला विधिक प्राधिकरण दुर्ग के अध्यक्ष व जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश श्रीवास्तव के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में द...

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दुर्ग । असल बात न्यूज।

 जिला विधिक प्राधिकरण दुर्ग के अध्यक्ष व जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश श्रीवास्तव के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में दुर्ग जिले में स्थित समस्त स्थित स्वास्थ्य केंद्रों में पैरा लीगल वालंटियर द्वारा लोगों को जनसंख्या वृद्धि में हो रही परेशानी और उससे बचाव हेतु विशेष जागरूकता शिविर कुल 55 स्थानों में किया गया।

दुनिया भर में बढ़ती जनसंख्या परेशानी का कारण बन गई है। इसकी वजह से अशिक्षा, बेरोजगारी, भुखमरी और गरीबी अनियंत्रित होती जा रही है। बढ़ती जनसंख्या से निपटने के लिए परिवार नियोजन जैसे समाधान मौजूद है, लेकिन इसमें लोगों में इसकी जागरूकता की कमी दुनिया भर में इसकी बढ़ती आबादी के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य यह है कि दुनिया के प्रत्येक व्यक्ति बढ़ती जनसंख्या की और अवश्य ध्यान दें जनसंख्या को कंट्रोल करने में अपना योगदान भी अवश्य करें। इस दिन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई क्रियाकलाप किए जाते हैं, ताकि जनता जागरुक हो सके और जनसंख्या पर कंट्रोल कर सके जनसंख्या वृद्धि विश्व के कई देशों में के सामने सबसे बड़ी समस्या का रूप ले चुकी है। खासकर विकासशील देशों में जनसंख्या विस्फोट गहरी चिंता का विषय है,  में इस मौके पर आइए अपने आसपास के लोगों को जागरूक करते हैं।

अधिक जनसंख्या के कारण पानी की समस्या भी लगातार बढ़ रही है। कई लोगों तक पीने का पानी नहीं पहुंचता और दूषित जल के सेवन से भी सेहत पर बुरा असर पड़ रहा था दूषित पानी से होने वाली बीमारियों के कारण भी कई लोगों की मौत हो जाती है। क्योंकि घनी आबादी में वायरस तेजी से फैलता और म्यूटेशन के कारण नए घातक वरिएंट देखने को मिलते है। आबादी के बढ़ने से अपने वाहन से यात्रा करने वाले लोगों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही इस वजह से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे लोगों का ताजी हवा में सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में सड़क पर यातायात के कारण होने वाले सास प्रभाव के बारे में चिंता बढ़ी हवा में जहरीली गैस वयस्कों की तुलना में बच्चों की सेहत पर अधिक नेगेटिव प्रभाव डाल रही है। मौजूदा दौर में खराब गुणवत्ता वाली हवा से अधिकांश लोग सांस की समस्याओं से पीड़ित है जिसके बारे में नीचे जिक्र है। अधिक जनसंख्या की समस्या को हल करने के लिए लोगों में जागरूकता लानी होगी ग्रामीण और शहरी लोगों को चाहिए कि वे गर्भनिरोधक के तरीके के बारे में पढ़ें,  परिवार नियोजन शिक्षा के बारे में जागरूकता फैलाना, जन्म नियंत्रण उपाय और नियमों को लागू करना जो संख्या जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रण करने में मदद करें।