कृषि सुधार विधेयक को लागू करने को लेकर देशभर में जमकर हो हल्ला बचा हुआ है। विपक्ष के लोग इसको लागू नहीं होने देने जमकर आंदोलन प्रदर्शन कर ...
कृषि सुधार विधेयक को लागू करने को लेकर देशभर में जमकर हो हल्ला बचा हुआ है। विपक्ष के लोग इसको लागू नहीं होने देने जमकर आंदोलन प्रदर्शन कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी इस कृषि सुधार विभाग से होने वाले फायदों की जानकारी किसानों, पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों पहुंचा रही है। राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत भी इसकी वास्तविकता और खूबियों को जन जन तक पहुंचाने कहा गया है। यहां दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल ने पार्टी कार्यालय में किसानों और कार्यकर्ताओं की बैठक ली जिसमें बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किसानों के हित, कल्याण के लिए कदम उठाया है तो मुनाफाखोरी, पूंजीपति बिचौलियों और साहूकारों को बड़ी पीड़ा हो रही है। ये लोग किसानों का जो शोषण करते थे उसका रास्ता बंद हो गया है। इन लोगों को हमारे अन्नदाताओ का शोषण करने की छूट देश में कहीं नहीं दी जा सकती।
दुर्ग भिलाई। असल बात न्यूज़।
इस मौके पर बोलते हुए सांसद विजय बघेल ने कहा कि आजादी के बाद से देश में किसानों का शोषण हो रहा था। एक तो उन्हें अपनी फसल का लागत मूल्य भी बड़ी मुश्किल से मिल पाता है दूसरे साहूकारों, पूंजी पतियों ने उन्हें अपने चंगुल में दबोच रखा था। ऐसी नीतियां बना दी गई थी कि किसान अपनी फसल कहीं बाहर नहीं बेच सकते थे। किसान अपनी फसल का भंडारण नहीं कर सकता था। आखिर यह सुविधा उसे क्यों नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्षा नहीं होती, फसल नहीं होती जो किसान लाचार हो जाता है। हमारे छत्तीसगढ़ राज्य के आदिवासी, बहुल इलाकों में आज भी लाचार किसानों की फसल साहूकार, पूंजीपति औने पौने दाम में खरीद लेते हैं। किसानों को अपनी फसल, समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए शोषक साहूकारों के द्वारा मंडियों में ले जाने नहीं दिया जाता।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार , हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने,किसानों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का कदम उठाया है। किसानों को पूंजी पतियों, शोसकों से मुक्ति दिलाने और उनकी आमदनी दोगुना करने का संकल्प किया है तथा इस दिशा में योजनाएं बनाई जा रही है। तो यह अफवाह फैलाया जा रहा है की फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी बंद की जा रही है। हमें पहचाना होगा की ऐसी झूठी बातें अफवाह फैलाने वाले कौन लोग हैं और वह लोग आखिर चाहते क्या हैं। । सभी किसान भाई देख रहे हैं कि पूरे देश में कई सारी फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू हो गई है। समर्थन मूल्य पर धान की खरीदने पर कहीं कोई पाबंदी लगाई गई है।देश में कई राज्यों ने न्यूनतम समर्थन पर धान की खरीदी शुरू कर दी है। वास्तविकता यह है कि छत्तीसगढ़ राज्य में पीछे हो गया है। झूठी अफवाह फैलाई जा रही है लेकिन किसानों का धान समर्थन मूल्य पर खरीदने की शुरुआत नहीं की जा रही है। ऐसा लगता है कि किसानों पर दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने, हमारे प्रधानमंत्री जी ने छत्तीसगढ़ राज्य को समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के लिए देश में दूसरे राज्यों की तुलना में सबसे अधिक 9 हजार करोड़ प्रदान करने की मंजूरी दे दी है। लोग अफवाह फैला रहे हैं की समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी बंद की जा रही है और केंद्र सरकार ने अभी से इतना अधिक पैसा समर्थन मूल्य पर धान की खरीद के लिए दे दिया है। यह वास्तविकता है सच्चाई है। विडंबना तो यह है कि छत्तीसगढ़ राज्य में धान की खरीदी पर अभी तक निर्णय लिया गया है। धान की फसल कटने जा रही है। दूसरे राज्यों ने धान की खरीदी शुरू कर दी है। लेकिन छत्तीसगढ़ में इस सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं किया है। केंद्र सरकार से पैसा मिलने की मंजूरी हो गई है उसके बाद भी।
कृषि सुधार विधेयक की वास्तविकता से अवगत कराने के लिए जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित किसान चौपाल में जिला भाजपा की अध्यक्ष श्रीमती उषा टावरी , जिला महामंत्री देवेन्द्र चंदेल , पूर्व विधायक जागेश्वर साहू , किसान नेताश रत्नेश चंद्राकर , ललित चंद्राकर ,शंकर लाल ताम्रकार , न पा अहिवारा अध्यक्ष नटवर ताम्रकार ,सांसद प्रतिनिधि प्रमोद सिंह, रविशंकर सिंह, मनोज शर्मा, रितेश शर्मा एवम् भा ज पा के पदाधिकारी, किसान तथा कार्यकर्ता गण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।





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