आरोपी संदीप जैन क्या फंसा रहा राहु के कुचक्र में, रावल मल जैन हत्याकांड मामले में 4 अंक की दिख रही है बड़ी भूमिका

 दुर्ग ।

असल बात न्यूज़।।  

      00 विशेष संवाददाता 

संदीप जैन। जी, हां, हम रावलमल जैन हत्याकांड के मुख्य आरोपी संदीप जैन की बात कर रहे हैं जिसे न्यायालय के द्वारा इस मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर फांसी की सजा सुना दी गई है। यह घटना कैसे हुई ? क्यों हुई ?क्या इस घटना को अंजाम देने के लिए बड़ी साजिश की गई थी ?इन सब मुद्दों पर तो किस तरह की, कई सारी बातें हो चुकी हैं और अब इस पर माननीय न्यायालय का फैसला भी आ गया है। इस मामले में एक नई बात शुरू हुई है कि क्या संदीप जैन, राहु के कुचक्र भ्रमजाल  में फंसा रहा है। कुंडली में राहु-केतु दोष का होने से व्यक्ति के जीवन में कई समस्याएं उत्पन्न होती है। राहु और केतु को छाया ग्रह कहा जाता है। माना जाता है कि जब किसी की कुंडली पर राहु केतु की छाया पड़ती है तो उससे बनते काम बिगड़ने लगते हैं। यह भी कहा जाता है कि राहु का दोष होने पर व्यक्ति भ्रम के जाल में फंस जाता है। इस प्रकरण में भी कई बार लगा कि संदीप जैन भी भ्रमजाल में फंसा रहा है। वह भ्रम के जाल में फंसता गया और अंततः इस अंजाम तक पहुंच गया। आप प्रकरण के विभिन्न तथ्यों को देखेंगे, तो पता चलेगा कि पूरे प्रकरण में चार अंक का बड़ा साया रहा है। ज्योति शास्त्रियों का कहना है कि अगर आपके भाग्यांक या मूलांक में 4 है तो इसका अर्थ यह है कि आपका जीवन राहु के प्रभाव में है। हर व्यक्ति की अपनी-अपनी कुछ विशेषताएं होती हैं लेकिन राहु के प्रभाव में जो व्यक्ति अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं, अर्थात जिनका अंक 4 हैं, उनका जीवन कैसा होता है या रहने वाला है, इस पर ज्योतिष शास्त्री लगातार रिसर्च करते रहे हैं। रावलमल जैन हत्याकांड के इस पूरे मामले में चार अंक की बड़ी भूमिका दिखती है। 

सबसे पहले आप इस घटना की तारीख को देखिए। यह घटना हुई है एक जनवरी 2018 को। हम इसके एफआईआर में जो तारीख दर्ज है उसका उल्लेख कर रहे हैं। हम इस तारीख का मिलान हैं तो इसका जोड़ 4 अंक ही आता है।

1 जनवरी 2018 के अंकों का जोड़

1+1+2+0+1+8 = 13=1+3 =4 

इस तरह से हम देख रहे हैं कि घटना का जो दिन था वह कहा जा सकता है कि 4 अंक के प्रभाव में था। 

इसके बाद हम देखेंगे जिस तारीख को यह प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत हुआ उस तारीख का जोड़ भी 4 अंक ही आता है। यह प्रकरण न्यायालय के समक्ष 16 अप्रैल 2012 को प्रस्तुत हुआ। 

16 अप्रैल 2018 के अंकों का जोड़ 

1+6+4+2+0+1+8= 22=2+2,=4 

अब एक तथ्य और देखिए जो इस प्रकरण से जुड़ा हुआ है। प्रकरण के केस संख्या भी जो है वह 56 / 2018 

प्रकरण संख्या 56 / 2018 के अंकों का जोड़ 

5+6+2+0+1+8= 22,=2+2=4 

कितनी महत्वपूर्ण बात है कि इसके अंकों का जोड़ भी चार ही आता है। 

अब देखिए। प्रकरण में फैसला आज आया है। आज की तारीख देखिए। आज है 23 जनवरी 2023

फैसला के अंको की तारीख 23 जनवरी 2023 का जोड़ देखिए

2+3+1+2+0+2+3=13=1+3=4 

बहुत चौंकाने वाली बात है कि इसके अंकों को जोड़ विचार ही आ रहा है।

अब हम प्रकरण से जुड़े दो महत्वपूर्ण बिंदुओं से जुड़े अंक के बारे में आपको बता रहे हैं। 

मामले में न्यायालय के द्वारा जो फैसला सुनाया गया है जो उसने इंडेक्स है, विवरण है उसकी कुल संख्या भी 13 है

इस तरह से इंडेक्स के अंकों 13, का जोड़ 1+3=4 ही आता है। 

इसमें हम एक और महत्वपूर्ण बात देखेंगे कि न्यायालय के द्वारा जो फैसला सुनाया गया है उसके कॉपी के अंकों की संख्या का जोड़ भी चार ही आता है। 

इस तरह से रावलमल जैन हत्याकांड में 4 अंक की महत्वपूर्ण भूमिका दिख रही है। भारत में अंकशस्त्र का काफी वहां चल रहा है। यहां भी अंक शास्त्र का महत्व दिख रहा है। भारतीय ज्योतिष शास्त्र में मान्यता है कि न्यूमरोलॉजी Numerology जिसे सामान्य भाषा में अंक ज्योतिष के रुप में भी जाना जाता है, यह बिंदु के माध्यम से व्यक्ति के जीवन की अनेक वस्तुओं पर अपना प्रभाव डालने में सक्षम होता है। 

इस तरह से कहीं ना कहीं लगता है कि संदीप जैन, राहु के दोष से ग्रसित रहा है। वह कहीं ना कहीं भगवान राहु के भ्रमजाल में फंसता रहा है। कभी कभी कहीं ना कहीं हमारे सामने ऐसे तथ्य आ जाते हैं जिसे देखकर हमें सोचने पर मजबूर हो जाना पड़ता है कि हम इस पर विश्वास करें कि ना करें। लेकिन  जो तथ्य होते हैं उन से लगता है कि हमें इन पर विश्वास करना ही चाहिए। अंको का हमारे जीवन में क्या महत्व है, महत्व है अथवा नहीं है ? इस बारे में जो भी दावे किए जाते हैं, उसे हम भले ही स्वीकार करें अथवा स्वीकार ना करें लेकिन कभी-कभी ऐसा लगता है कि इन अंकों का महत्व जरूर है। रावलमल जैन हत्याकांड में चार अंक का महत्व सीधे-सीधे नजर आता है।