कार ड्राइवर को पैसा लाने का काम दिया गया तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे हड़पने की प्लानिंग बना ली, लूट का शिकार होने की थाने में झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी, आखिर में पुलिस की पकड़ में आ ही गए

 दुर्ग,भिलाई।

असल बात न्यूज़।।  

एक प्रॉपर्टी डीलर ने किराए पर कार चलाने वाले लड़के को रायपुर से अपना पैसा लाने का काम दे दिया तो, आरोपी लड़के ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस पैसे को हड़पने कीयोजना बना ली। आरोपी लड़के ने पूरी झूठी कहानी तैयार की और इस कहानी के हिस्से में  पैसा लाने के दौरान उसके लूट का शिकार हो जाने की उसने झूठी रिपोर्ट पुलिस थाने में  दर्ज करा दी। पुलिस ने गंभीरता पूर्वक जांच शुरू की तो पूरे मामले का खुलासा हो गया। मामले में शामिल तीनों आरोपी पकड़े गए हैं। लूट का शिकार हो जाने की झूठी रिपोर्ट दिखाकर पांच लाख रुपए हड़प जाने की उन आरोपियों की पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। पुलिस आरोपियों के पास से वह नगदी पांच लाख रुपए की राशि बरामद करने में सफल हो गई है तथा उनके पास से कार सहित मोबाइल और दूसरे सामान को भी जब्ती बनाया है। पुलिस ने आरोपियों को 24 घंटे के भीतर ही पकड़ने में सफलता प्राप्त कर ली।

लोगों को अब सोचना पड़ेगा कि कहीं से पैसा लाने का काम किसी कार ड्राइवर को देना उचित रहेगा कि नहीं।उक्त मामले में अमानत में खयानत करने के आरोपी का नाम दिलशाद अली पिता अजनश अली उम्र 28 साल निवासी मौदहापारा रायपुर  बताया गया है। उसने अपने साथियों शेख सिकंदर उम्र 27 साल मौदहापारा और शफात खान उम्र 22 साल मौदहापारा के साथ मिलकर उक्त पैसा हड़पने की योजना बनाई। घटना के बारे में प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी दिलशाद अली, प्रार्थी युवराज वर्मा के यहां अपनी कार सीजी 09 MP4194 को किराए पर चलाता था। प्रार्थी ने उसे 19 जनवरी को खैरागढ़ निवासी अशोक उर्फ विक्की बरडिया से पैसा लाने भेजा था। दिलशाद ने 20 जनवरी को पुलिस थाने धमधा में लिखित आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह 19 जनवरी को खैरागढ़ से पैसे लेकर आ रहा था कि दिशा मैदान लगने पर वह करीब 10:00 बजे ठेलका चौक बरहापुर के बीच रुक गया और खेत में चला गया। इसी दौरान दो लड़के बाइक से आए और उनमें से एक लड़का कार चला कर भाग गया। कार में पांच लाख रुपए नकदी, एक रेडमी मोबाइल फोन, एक विवो कंपनी का मोबाइल फोन, तीन ए टी एम, आधार कार्ड, पैन कार्ड इत्यादि सामान था। पुलिस ने मामले में गंभीरता पूर्वक जांच शुरू की तथा आसपास के सीसीटीवी कैमरे को खंगाला तो उन्हें कुछ तथ्य नजर आए।

शक की सुई दिलशाद की तरफ जा रहे थे तो पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की। इस पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर वह पैसा हड़पने की साजिश तैयार करना स्वीकार कर लिया।