पैर के इस हिस्से को दबाकर पा सकते हैं डायबिटीज पर कंट्रोल, जानें...


 

 नई दिल्लीडायबिटीज (Diabetes) एक आजीवन रहने वाली बीमारी है। यह एक मेटाबॉलिक डिसॉर्डर है, जिसमें रोगी के खून में ग्लूकोज का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है। आसान शब्दों में समझे तो डायबिटीज तब होता है जब आपका अग्न्याशय पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन करने में असमर्थ होता है या उस समय होता है जब शरीर अपने द्वारा उत्पादित इंसुलिन का प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर पाता है। एक क्रोनिक बीमारी है जो आपके पूरे शरीर को प्रभावित करती है। ऐसे में डा‍यबिटीज को नियंत्रित रखना बेहद जरूरी होता है। अगर आप डा‍यबिटीज रोगी हैं और अपने मधुमेह को कंट्रोल रखना चाहते हैं तो रोजाना अपने पैरों के ये 3 प्वांइट्स दबाकर या फिर कहे एक्यूप्रेशर विधि का प्रयोग करके अपनी डा‍यबिटीज को नियंत्रित कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे। 

पैरों के ये 3 प्वांइट्स दबाने से शुगर को कर सकते हैं कंट्रोल-
पहला प्वांइट-

यह प्वाइंट पैर के निचले हिस्से के अंदरूनी भाग में होता है। यह प्वाइंट पिंडली की हडि्यों और टखने की हडि्यों के उपर की चार अंगुलियों के पीछे की साइड पर होता है। इस जगह हल्के से दबाव बनाते हुए घेरा बनाकर क्लॉकवाइज रोजाना 3 मिनट दोनों पैरों में घुमाइए। इस उपाय को लगभग 8-12 हफ्ते तक कीजिए। ऐसा करने से किडनी, लीवर और प्लीहा से संबंधित विकार दूर होते हैं।

दूसरा प्वाइंट-
यह प्वाइंट पैर के निचले हिस्से के सामने की तरफ बाहरी मेलीलस से 4 इंच उपर की तरफ होता है। इसे स्टमक-40 एक्यूप्रेशर प्वाइंट भी कहते हैं। इस प्वाइंट पर हल्का दबाव बनाते हुए क्लॉकवाइज 3 मिनट तक रोजाना 8-12 हफ्ते तक करें। इस उपाय को करने से शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलने में मदद मिलती है।  

तीसरा प्वाइंट-
यह प्वाइंट पैर के अंगूठे और उसके बगल की छोटी उंगली के बीच में होता है। इसे लीवर-3 प्रेशर भी कहते हैं। इस बिंदु को दबाकर धीरे से एंटी-क्लॉकवाइज घेरा बनाकर 3 मिनट तक रोजाना लगातार 8-12 हफ्ते तक  करें। ऐसा करने से व्यक्ति को तनाव से मुक्ति मिलती है।

डायबिटीज कंट्रोल रखने के ये उपाय भी हैं कारगर-
-अपने पानी/चाय/कॉफी में एक चुटकी दालचीनी मिलाएं।
- खाने से 1 घंटे पहले या बाद में 10-20 मिली ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर लें।
- हफ्ते में एक या 15 दिन में एक बार नमक, डेयरी और अनाज से फास्ट करें।
- रोजाना खाली पेट 1 चम्मच भीगी हुई मेथी/मेथी के बीज की चाय बनाकर पी लें।