खुर्सीपार भिलाई के लगभग ढाई साल पुराने हत्या के मामले में तीन आरोपियों को आजन्म कारावास की सजा

 हत्याकांड के सामाजिक पहलू, जो है ज्वलंत मुद्दा --

शराब बेचने की बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पिछले 6 महीने से अक्सर होता था विवाद

मृतक के परिवार वालों पर दुकान में शराब बेचने का आरोप 

स्थानीय पुलिस में शराब बेचने के मामले में 6 महीने पहले की थी कार्रवाई 

मृतकों के नाबालिग बेटे ने भी न्यायालय के समक्ष बयान दिया है कि शराब बेचने के नाम पर विवाद होता था

दुर्ग।

असल बात न्यूज़।। 

    00  विधि संवाददाता 

खुर्सीपार भिलाई में लगभग ढाई साल पहले घटित दोहरे हत्याकांड के मामले में तीन अभियुक्तों को आजन्म कारावास की सजा सुनाई गई है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश दुर्ग संजीव कुमार टामक के न्यायालय ने दोष सिद्ध पाए जाने पर अभियुक्तों को यह सजा सुनाई है। खुर्सीपार भिलाई की यह बहुचर्चित घटना थी, जिसमें शराब के नाम पर विवाद होने के चलते यह हत्या कर देने की जानकारी सामने आई थी। 

आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 302/ 34 एवं 307 के अंतर्गत आरोप है कि उन लोगों ने 10 मार्च 2020 को रात्रि लगभग 8:30 बजे पुलिस थाना खुर्सीपार क्षेत्र के अंतर्गत के एल सी क्वार्टर मछली मार्केट में माधवी अवस्थी एवं राजेश अवस्थी की हत्या करने के सामान्य आशय के अग्रसरण में आरोपी जगतपाल शर्मा ने राजेश अवस्थी को पकड़ा तथा आरोपी आकाशदीप शर्मा ने उस पर तलवार से वार कर उपहती कारित किया। इसी प्रकार आरोपियां  आशा शर्मा ने माधवी शर्मा को पकड़ा जिस पर आरोपी आकाशदीप शर्मा ने तलवार से वार कर उपहती कारित कर राजेश अवस्थी व माधवी अवस्थी की मृत्यु कारित कर हत्या किया। आरोपी गणों पर यह भी आरोप है कि उन्होंने सत्यनारायण अवस्थी की हत्या करने का सामान्य से बनाया, जिसके अग्रसरण में उसे साआशय एवं ज्ञान सहित आरोपी आकाशदीप शर्मा ने धारदार तलवार से उपहती कारीत कर  हत्या का प्रयास किया। 

मामले में यह स्वीकृत तथ्य है कि घायल तथा अन्य साक्षी, अभियुक्त गणों को पहचानते हैं। सतनारायण अवस्थी उम्र 14 वर्ष में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि घटना के लगभग 2 महीने पहले उसकी मां माधवी उर्फ बधीया को पुलिस ने शराब बेचने के आरोप में पकड़ा था। इसके बाद से मोहल्ले में रहने वाले आकाशदीप उसके पिताजी जगतपाल शर्मा और उसकी मां आशा शर्मा  उन लोगों को डराते धमकाते रहते थे कि तुम लोग अपनी दुकान में शराब बेचते हो, तुम लोगों को इस मोहल्ले में रहने नहीं देंगे। इसी बात पर दोनों के बीच में बीच-बीच में विवाद होते रहता था। प्रार्थी ने अभियुक्तों को हमला करते देखा और मारो मारो चिल्लाते सुना वह बचाव के लिए चिल्लाया तो मोहल्ले के कई लोग आ गए थे। 


मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक छन्नूलाल साहू ने पैरवी की।