प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच लंबी मुलाकात

 

*केन्द्र के पास लंबित है  जीएसटी के 1375 करोड़ और कोल लेवी के 4170 करोड़ रूपए

*कोयले की निर्बाध आपूर्ति के लिए एसईसीएल को राज्य की नोडल एजेंसी से शीघ्र अनुबंध करने के निर्देश देने का भी अनुरोध

*यात्री ट्रेनों का नियमित परिचालन बाधित होने से छत्तीसगढ़ के लोगों को हो रही असुविधाओं की भी जानकारी दी

*मुख्यमंत्री ने कहा पर्याप्त और समुचित वैकल्पिक व्यवस्था के बिना प्रदेश में चलने वाली ट्रेनों को निरस्त न किया जाए 

*श्री बघेल ने केंद्र के पास लंबित छत्तीसगढ़ की राशियों के शीघ्र भुगतान का किया अनुरोध*

नई दिल्ली, छत्तीसगढ़।

असल बात न्यूज़।।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के बीच आज लंबी मुलाक़ात हुई है । यह मुलाकात लगभग 1 घंटे तक चलने की जानकारी आ रही है। इस दौरान प्रधानमंत्री श्री मोदी से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कई मुद्दों पर बातचीत की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की माताजी के निधन पर शोक व्यक्त किया है तथा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने  उन्हें छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र सहित अन्य क्षेत्रों में हो रही प्रगति से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य में संचालित मिलेट मिशन के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में मिलेट्स का प्रचुर मात्रा में उत्पादन होता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मिलेट मिशन की तारीफ करते हुए कहा कि राजधानी रायपुर में मिलेट कैफे शुरू करें। इस दौरान श्री बघेल ने उन्हें केन्द्र के पास लंबित छत्तीसगढ़ की राजस्व राशियों के बारे में भी अवगत कराया और शीघ्र प्रदायगी का अनुरोध किया। श्री बघेल ने राज्य में विभिन्न नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए केन्द्र से सहायता का भी अनुरोध किया। 

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में मिलेट का उत्पादन बड़ी मात्रा में होता है। राज्य में कोदो कुटकी का समर्थन मूल्य 3000 रुपये क्विंटल घोषित किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को जानकारी दी देश का पहला मिलेट बैंक की शुरूआत छत्तीसगढ़ में की गई है। जहां 22 प्रकार के मिलेट का उत्पादन होता है। प्रधानमंत्री ने मिलेट मिशन की सराहना करते हुए रायपुर में मिलेट कैफे शुरू करने की सलाह दी। 

मुलाकात के दौरान श्री बघेल ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को बताया कि जी.एस.टी. लागू होने के बाद अन्य उत्पादक राज्यों की तरह ही छत्तीसगढ़ को भी वाणिज्यिक कर राजस्व में कमी का सामना करना पड रहा है। जी.एस.टी. लागू होने के दिनांक से 30 जून, 2022 तक छत्तीसगढ़ राज्य को देय जी.एस.टी. क्षतिपूर्ति राशि में से 1375 करोड़ रूपए राज्य को प्राप्त होना शेष है। यह राशि राज्य को शीघ्र प्रदाय की जाए। 

श्री बघेल ने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा 2014 में निरस्त कोल ब्लाकों से एडीशनल लेवी की वसूली केन्द्र शासन द्वारा प्राप्त की गयी है। छत्तीसगढ़ राज्य के कोल ब्लाकों से इस मद से की गयी वसूली की राशि लगभग 4170 करोड़ रूपए राज्य को अंतरित करने के लिए केन्द्र शासन से अनेक बार अनुरोध किया गया है, किन्तु राशि अप्राप्त है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि राशि शीघ्र राज्य को अंतरित की जाए। 

श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित स्पंज आयरन और स्टील उद्योगों का ईंधन आवश्यकता के लिये साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) से कोयले की आपूर्ति में विगत 06 माह में लगातार समस्या आ रही है। इस कारण से राज्य के उद्योगों के संचालन में लगातार कठिनाई बनी हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि राज्य के उद्योगों को कोयला प्रदाय के लिए SECL को राज्य नोडल एजेंसी से शीघ्र अनुबंध तथा कोयला आबंटन करने के निर्देश देवें। 

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिये हावड़ा-मुम्बई ट्रेन रूट जीवन रेखा की तरह है, परन्तु इस वर्ष रेलवे द्वारा समय-समय पर बहुत अधिक संख्या में यात्री ट्रेनों का परिचालन बंद किया जाता रहा है। इस प्रकार के ट्रेनों का परिचालन बंद करने के पूर्व कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की जाती हैं। ट्रेनों का परिचालन बंद करने के कारण मध्यम एवं निम्न वर्ग के लोगों को बहुत ज्यादा असुविधा का सामना करना होता है तथा रोजगार व्यवसाय के लिए उन्हें असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। शीत ऋतु के दौरान यात्रा के लिए आम नागरिकों के लिए रेल माध्यम ही सहज तथा सुगम है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में प्रदेश में पर्याप्त और समुचित वैकल्पिक व्यवस्था के बिना ट्रेनों को निरस्त नहीं करने के संबंध में संबंधितों को आदेश देने की कृपा करें।