सांसद विजय बघेल ने नौकरी में राष्ट्रीय कौशल अहर्ता प्रमाण पत्र धारकों को योजना का फायदा नहीं मिलने का लोकसभा में उठाया मुद्दा

 नई दिल्ली।

असल बात न्यूज़।। 

दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल ने, कई नीतिगत विसंगतियों की, वजह से, देश में शिक्षित बेरोजगारों, को रोजगार नहीं मिलने,  के मुद्दे को आज लोकसभा में उठाया है। उन्होंने इस मुद्दे की ओर संसद का ध्यान लाया  कि भारत सरकार व राज्य सरकार के सरकारी उपक्रमों उद्यमों की भर्ती में पात्रता मापदंडों को संशोधित नहीं करने की वजह से राष्ट्रीय कौशल अहर्ता के धारक शिक्षित बेरोजगारों को इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के  युवाओ को अधिक से अधिक रोजगार देने के विजन पर काम नहीं हो पा रहा है। 

सांसद श्री बघेल ने लोकसभा में आज शून्य काल के दौरान इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने इस पर बोलते हुए कहा कि राष्ट्रीय कौशल अहर्ता प्रिवर्ग की राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) को जारी होने की हम तीसरी वर्षगांठ मना रहे हैं। लेकिन इसकी जो मूल सोच थी, राष्ट्रीय कौशल प्रमाण पत्र धारक युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार दिलाने की दिशा में काम करना है वह नहीं शुरू हुआ है। देश  और राज्य सरकार के सरकारी उपक्रमो में भर्तियां निकल रही है,इसमें राष्ट्रीय कौशल प्रमाण पत्र धारक कुशल बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए प्रोत्साहित किया जाना है। लेकिन इसके पात्रता मापदंड में संशोधन का प्रस्ताव है,जोकि अभी भी लंबित है।इससे राष्ट्रीय कौशल प्रमाण पत्र धारक कुशल शिक्षित बेरोजगारों को इस योजना का फायदा नहीं मिल रहा है। ऐसे कुशल युवाओं को नौकरी से वंचित होना पड़ रहा है।

सांसद विजय बघेल ने अपने उद्बोधन में आसंदी का कुशल युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर दिलाने की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों से अपने मंत्रालय में इस योजना में दर्शित नियमों का कड़ाई से पालन करने हेतु निर्देश देने का आग्रह किया।