स्वामी श्री स्वरूपानंद महाविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन

 

भिलाई ।

असल बात न्यूज़।। 

स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय के आई.क्यू.ए.सी. द्वारा ‘‘स्टूडेंट ओरिएंटेशन प्रोग्राम’’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ‘‘कम्यूनिकेट टू फैसिलिटेट’’ विषय पर प्रेरक वार्ता के लिए वक्ता के रूप में प्रोफेसर जी.ए. घनश्याम, विशेष कर्त्तव्य अधिकारी, उच्च शिक्षा रायपुर उपस्थित थे । 

कार्यक्रम के आरंभ में  डॉ. शिवानी शर्मा संयोजक आई.क्यू.ए.सी. ने अतिथियों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस कार्यक्रम से विद्यार्थी संप्रेषण संबंधी हिचक को दूर कर सकेंगे क्योंकि वर्तमान में अच्छे संप्रेषण से सफलता हासिल किया जा सकता है। कार्यक्रम में प्रोफेसर जी.ए. घनश्याम ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने हेतु अरूणिमा सिंह, भारत की जानी मानी पर्वतारोही तथा निक वुजिसिस एक सफल प्रेरक वक्ता एवं लेखक का उदाहरण दिया जिन्होंने अपने जीवन के तमाम मुश्किलों के बाद भी कभी हार न मानकर अपने लक्ष्य को पूरा किया।

श्री घनश्याम ने विद्यार्थियों को समझाया कि जैसे हमारी मातृभाषा हिंदी हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है उसी तरह आज के इस नए युग में अंग्रेजी भाषा भी हमारे लिए बहुत अहम है तथा उन्हें ये सिखाया कि अंग्रेजी सीखने के साथ-साथ इसका प्रयोग भी हमारे रोजमर्रा के जीवन में उतना ही आवश्यक है। इसके साथ ही ये बताया कि आज भी हम अंग्रेजी शब्दों से अवगत होने के बाद भी उनका सही उच्चारण करने में गलती करते हैं तथा हमें आज के इस बदलते युग के साथ हमारे मन में स्थित नई बातों को सीखने की इच्छाशक्ति को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि अंग्रेजी भाषा के व्याकरण की जानकरी होना तो आवश्यक है ही परंतु इससे ज्यादा महत्वपूर्ण है भाषा को बहुत सरलता और शुद्धता से बोल पाना क्योंकि भाषा ही वो साधन है जो समाज को जोड़ने का काम करता है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर इंग्लिश-विंग्लिश फिल्म के कुछ विडियो क्लिप्स भी दिखाए साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को ये समझाया कि किसी भी नए कार्य को करने से हमें डरना नहीं चाहिए और हमारे जीवन में आने वाली मुश्किलों को सुलझाने के लिए हमारा जिंदगी को देखने का नजरिया भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि जिंदगी के हर पहलू को जीना।

इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए महाविद्यालय के मुख्य कार्यकारिणी अधिकारी डॉ. दीपक शर्मा ने बधाई दी व कहा कि आज की युवा पीढ़ी खुद में ही बहुत योग्य है तथा उन्हें मोबाइल फोन एवं कम्प्यूटर जैसी नई तकनीकों और साधनों का उपयोग कर खुद को और सक्षम बनाने का प्रयास करना चाहिए।

 कार्यक्रम के विषय में प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने भी अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि भाषा का सही ज्ञान एवं उसे प्रस्तुत करने की कला एक व्यक्ति के व्यक्तित्व को और बेहतर बनाता है। 

कार्यक्रम के अंत में वर्ल्ड एड्स डे के तहत आयोजित की गई प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए गए तथा पुरस्कार वितरण भी किया गया। प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार हैं-

क्विज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान- अद्विती सोनी बी.एस.सी. बायोटेक्नोलॉजी, तृतीय वर्ष, निकिता बिश्वाल एम.एस.सी. बायोटेक्नोलॉजी प्रथम सेमेस्टर और प्रतिष्ठा मिश्रा एम.एस.सी. बायोटेक्नोलॉजी प्रथम सेमेस्टर ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान पर पायल साहू एम.एस.सी. बायोटेक्नोलॉजी प्रथम सेमेस्टर, कृति गुप्ता एवं दीपिका मरकाम बी.एस.सी. बायोलॉजी तृतीय वर्ष की छात्राएं रहीं। तृतीय स्थान पर प्रिया त्रिपाठी एम.एस.सी. बायोटेक्नोलॉजी प्रथम सेमेस्टर, सात्विका एवं दामिनी नेताम बी.एड. की छात्राओं ने प्राप्त किया।

रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर कंचन मारकंडे, अंकिता राय और स्वाति बी.एड. प्रथम सेमेस्टर की छात्राएं रही। द्वितीय स्थान प्रियंका साहू, शिल्पा यादव और दीक्षा सेन बी.एस.सी. बायोटेक्नोलॉजी तृतीय वर्ष की छात्राओं ने प्राप्त किया तथा तृतीय स्थान रितिका ताम्रकर, रीतिका सिंह, काजल ठाकुर बी.एस.सी. बायोटेक्नोलॉजी प्रथम वर्ष और प्रीति पटेल बी.एस.सी. बायोलॉजी प्रीति पटेल बी.एस.सी. बायोलॉजी प्रथम वर्ष की छात्राओं ने प्राप्त किया।

पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पंकज कुमार बी.एड., तृतीय सेेमेस्टर, द्वितीय स्थान रोमिका मनकर बी.एड. तृतीय सेमेस्टर एवं तृतीय स्थान रितिका ताम्रकर बी.एस.सी. बायोटेक्नोलॉजी प्रथम वर्ष ने प्राप्त किया।

कार्यक्रम में मंच संचालन सहायक प्राध्यापक अपूर्वा शर्मा सहायक प्राध्यापक बायोटेक्नालॉजी विभाग व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शिवानी शर्मा विभागाध्यक्ष बायोटेक्नोलॉजी ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी संकायों के प्राध्यापक व विद्यार्थी सम्मलित हुए।