श्रद्धा के खून से सने कपड़े MCD के कूड़े वाले ट्रक में फेंके

 


श्रद्धा हत्याकांड में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। आफताब ने 18 मई की रात को श्रद्धा से झगड़ा होने पर पहले उसे पटका, फिर पीट-पीटकर उसे बेसुध किया और उसके बाद उसकी छाती पर बैठकर मुंह और गला दबाकर हत्या कर दी। महरौली पुलिस ने सोमवार देर रात छतरपुर स्थित फ्लैट में पूरे क्राइम सीन को दोहराया। इसी दौरान इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जनाक्रोश से बचाने के लिए सोमवार रात को आफताब को घटनास्थल पर लेकर गए। पुतले को श्रद्धा बताकर आफताब से सीन रिक्रिएट कराया। वहीं, पुलिस मंगलवार सुबह आफताब को महरौली-छतरपुर के जंगल में ले गई जहां उसने शव के टुकड़ों को फेंकने की बात की थी। करीब दो घंटे तक जांच की, लेकिन कोई महत्वपूर्ण सबूत नहीं मिल सका। सोमवार को 12 मानव कंकाल के टुकड़े मिले थे, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

कूड़े वाले ट्रक में फेंके खून से सने कपड़े

आफताब ने बताया कि उसने शव काटने के लिए आरी और चापड़ का इस्तेमाल किया था। टुकड़े करते वक्त उसका हाथ भी कट गया था। उसने जहां से हथियार खरीदा था, उसके बगल में अस्पताल है। वह वहां गया और फल काटने के दौरान घाव होने की बात बताई और इलाज कराया। वारदात के बाद श्रद्धा और उसके खून से सने कपड़ों को एमसीडी की कूड़े वाली गाड़ी में फेंक दिया था।

वहीं घटना के बाद आफताब महाराष्ट्र भी गया था। रास्ते में उसने श्रद्धा का फोन और सामान फेंक दिया। आफताब ने हत्या के बाद वेम्बले डेटिंग ऐप पर फिर एक युवती से दोस्ती की। वारदात के 10-12 दिन के भीतर ही उसने युवती को फ्लैट पर बुला लिया था। उसने शारीरिक संबंध बनाने की बात भी कबूली है। इस दौरान श्रद्धा के शव के टुकड़े फ्रिज में रखे हुए थे।

फ्रिज को केमिकल से कई बार धोया 

सबूत आफताब देर रात शव को ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने के उपाय गूगल के जरिए ढूंढता रहा। उसे जानकारी थी कि सल्फर हाइपोक्लोरिक एसिड से फर्श का पोछा लगाने पर कोई भी फॉरेंसिक सबूत नहीं मिलेंगे। उसने बाजार से केमिकल खरीदा। फिर पूरे घर में उसका पोछा लगाया। फ्रिज को भी कई बार केमिकल से धोया।

संजय वन में श्रद्धा के अंगों को ढूंढ रही पुलिस

दक्षिणी दिल्ली के वसंत कुंज और महरौली के आसपास मौजूद यह घना जंगल संजय वन नाम से जाना जाता है। यह करीब 43 एकड़ में फैला है। इसमें कई तरह के पेड़ और एक झील है। पुलिस इसी जंगल में श्रद्धा की लाश के टुकड़े तलाश रही है। यह जंगल पहले भी चर्चा में रहा है। जब जेएनयू का छात्र नजीब गायब हो गया था। 

पुलिस ने इस जंगल को भी खंगाला था। इस दौरान उन्हें कई तरह के जानवरों के कंकाल मिले थे। स्थानीय निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि इस जंगल में लोग दिन में भी जाने से बचते हैं, क्योंकि नशा करने वाले यहां पड़े रहते हैं। पुलिस को 18 अक्तूबर को यहां दो सगे भाइयों की लाश भी मिली थी। जांच में मालूम हुआ था कि भिवाड़ी से तीन सगे भाइयों का अपहरण कर लाया गया था और जिसमें से दो की गला घोंटकर हत्या कर दी थी।

दोस्तों से पूछताछ के बाद जुड़ेंगी कड़ियां

श्रद्धा के दोस्त लक्ष्मण और सचिन ने इनके तल्ख रिश्तों के बारे में बताया। वहीं हिमाचल प्रदेश में घूमने के दौरान श्रद्धा और आफताब की छतरपुर निवासी बद्री से मुलाकात हुई थी। आफताब ने बताया कि वह बद्री के कहने पर छतरपुर में रहने के लिए आया था। पुलिस घटना की कड़ियां जोड़ने के लिए सभी दोस्तों के बयान दर्ज कर रही है।

फ्लैट पर दूसरी महिला मित्र को बुला बनाए संबंध

आफताब ने हत्या के बाद वेम्बले डेटिंग ऐप पर फिर एक युवती से दोस्ती की। वारदात के 10-12 दिन के भीतर ही उसने युवती को फ्लैट पर बुला लिया था। उसने शारीरिक संबंध बनाने की बात भी कबूली है। इस दौरान श्रद्धा के शव के टुकड़े फ्रिज में रखे हुए थे।