वाके मस्जिद की जमीन होने का दावा निरस्त, तहसील न्यायालय दुर्ग का फैसला, सुनवाई में आवेदक रहा अनुपस्थित

00 मामले में की गई है 1,711 आपत्तियां

दुर्ग।

असल बात न्यूज़।। 

तहसीलदार दुर्ग ने तकिया पारा दुर्ग में विभिन्न खसरा नंबर पर वाके मस्जिद की जमीन होने के छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के दावे वाले आवेदन को निरस्त कर दिया है। तहसील न्यायालय के द्वारा मामले में फैसला सुनाते हुए कहा गया है कि सक्षम दस्तावेजों के अभाव में नियमानुसार भूमि का नामांतरण नहीं किया जा सकता। प्रकरण को नास्ति बंद करने का आदेश जारी किया गया है। 

उल्लेखनीय है कि यह मामला अभी सिर्फ दुर्ग जिले ही नहीं पूरे प्रदेश में चर्चित है। प्रकरण में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के द्वारा दावा किया गया है कि तकिया पारा दुर्ग के नाम पर दुर्ग शहर के पटवारी हल्का नंबर 24 पर स्थित खसरा नंबर 21/2 , 21/3,29/2,146/4 रकबा क्रमशः 0.809,1.368,0.688,1.283,तथा0.040 है, के नाम पर दर्ज है। वक्फ बोर्ड के अनुसार वक्फ अधिनियम 1995 यथा संशोधित 2013 की धारा 51 के अनुसार वकफ संपत्ति का कोई भी विक्रय, दान, विनिमय बंधक, या अंतरण प्रारंभ से ही शून्य होगा। अतएव आवेदित भूमि को वक्फ बोर्ड के पक्ष में हंस्तारित किया जाए। 

तहसीलदार न्यायालय दुर्ग को इस मामले में 1,711 आपत्तियां प्राप्त हुई थी। सुनवाई के दौरान आवेदक, आवेदन प्रस्तुत करने के बाद से लगातार अनुपस्थित रहा है। राजस्व रिकार्ड में वर्तमान में उक्त आवेदित भूमि अलग-अलग लोगों के नाम पर दर्ज है। तहसीलदार न्यायालय ने आदेश दिया कि ऐसी तमाम परिस्थितियों के मद्देनजर छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 109/110 के अनुसार उक्त आवेदित भूमि का सक्षम दस्तावेजों के अभाव में नामांतरण नहीं किया सकता है और मामले को नस्तीबद्ध करने का आदेश दिया गया है।


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