न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने ली भारत के 50वें मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ

 

 


नयी दिल्ली, न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ ने बुधवार को भारत के 50 वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वरिष्ठतम न्यायाधीश को राष्ट्रपति भवन में मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ दिलाई।
राष्ट्रपति मुर्मू ने 17 अक्टूबर को उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायधीश न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ को मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया था।
न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ (धनंजय यशवंत चंद्रचूड.) का जन्म 11 नवंबर 1959 को हुआ था। वह 10 नवंबर 2024 को शीर्ष अदालत के न्यायाधीश पद लिए निर्धारित 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होंगे।
भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश यू. यू. ललित ने 11 अक्टूबर को न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ को अपना उत्तराधिकारी बनाने की सिफारिश केंद्र सरकार से की थी।
शीर्ष अदालत की परंपरा के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में वरिष्ठतम न्यायाधीश को मुख्य न्यायाधीश बनाने की परंपरा रही है। इस क्रम में न्यायमूर्ति ललित के बाद में न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ आते हैं।
न्यायमूर्ति ललित ने 27 अगस्त 2022 को भारत के 49वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली थी। वह मुख्य न्यायाधीश के रूप में 74 दिनों के अपने संक्षिप्त कार्यकाल के बाद आठ नवंबर 2022 को 65 साल की उम्र में सेवानिवृत्त हो गए।
न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ के पिता न्यायमूर्ति वाई. वी. चंद्रचूड़ सबसे अधिक समय - लगभग सात साल और चार महीने- तक भारत के मुख्य न्यायाधीश रहे।
न्यायमूर्ति वाई. वी. चंद्रचूड़ 22 फरवरी 1978 से 11 जुलाई 1985 तक मुख्य न्यायाधीश के पद पर रहे।
मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और एलएलबी की पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका के हार्वर्ड लॉ स्कूल से एलएलएम की डिग्री और न्यायिक विज्ञान में डॉक्टरेट (एसजेडी) प्राप्त करने के बाद बॉम्बे उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में वकालत की।
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ को 13 मई 2016 को शीर्ष अदालत का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। इससे पहले 29 मार्च 2000 से इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (31 अक्टूबर 2013) नियुक्त होने तक मुंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश रहे।