एक आधे हाथ वाला है झारखंड का सौरभ सिंह, सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लाया जा रहा है

 रायपुर, दुर्ग।

 असल बात न्यूज़।। 

दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के अमलेश्वर गांव में हुई लूट और हत्या की घटना सबकी जुबान पर है और निश्चित रूप से इस घटना में वह एक आधे हाथ वाला सबसे अधिक चर्चाओ में हैं जोकि  वीडियो फुटेज में आधा हाथ होने के बावजूद उल्टे हाथ से दो बार गोलियां दागता नजर आया है। लोग उसके बारे में जानना चाहते हैं। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर कि वह इतना दुर्दांत कैसे बन गया। एक निहत्थे पर इतनी बार गोलियां दागने में उसे संकोच क्यों नहीं हुआ। उल्टे हाथ से गोलियां दागने के बावजूद उसका हाथ कांपने क्यों नहीं लगा। तो अब बहुत जल्द इन सब का खुलासा होने वाला है। पुलिस ने मामले में चार अपराधियों को पकड़ लिया है। इन सभी को ट्रांजिट रिमांड लेकर यहां लाया जा रहा है। यह आरोप यहां पहुंचेंगे तो और भी बहुत कुछ खुलासा हो सकेगा।

अभी हमारे पास जो जानकारी मिली है, हम बता रहे हैं कि आधे हाथ वाला सौरभ कुमार सिंह पिता अर्जुन सिंह है। उसकी उम्र भी सिर्फ 24 साल है।वह  ग्राम दंडीबाग थाना गया जिला गया का निवासी है। लेकिन वह इतने अल्प समय में दुर्दांत अपराधी बनता दिख रहा है। संभवत जिस माहौल में वह पला बढ़ा है उससे वह ऐसा हो गया है। हत्याकांड का वीडियो सामने जाने के बाद यहां वह सबसे अधिक चर्चा में रहा है और लोग उसके बारे में जानना चाहते हैं कि आखिर आधा हाथ होने के बावजूद वह पेशेवर अपराधी के रूप में कैसे काम कर रहा है। कैसे गोलियां दागने में एक्सपर्ट हो गया ? हमारी जिला पुलिस अधीक्षक डॉ अभिषेक पल्लव से इस मामले में बातचीत हुई है तो उन्होंने बताया है कि यह सौरभ सिंह हैं। उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ में पूर्व से को तो कोई अपराधिक मामला नहीं है लेकिन झारखंड में चार-पांच संगीत मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। जानकारी के अनुसार वह गोलियां दागने में एक्सपर्ट हो गया है और उसका निशाना भी अचूक बताया जाता है। संभवत वह आप शूटर के रूप में स्वयं को स्थापित करने की कोशिश में लगा हुआ है। और बेहिचक गोलियां दागता है। झारखंड और बिहार के बारे में यह कहा जाता है कि वहां घर-घर में बंदूके बनाई जाती हैं। ट्रेनों के दरवाजे पर जो हाथ पकड़ने वाले लोहे के हैंडल लगे होते हैं उसे काफी मजबूत माना जाता है और उसे ही ही काट कर बंदूक की नली बनाई जाती है। यह कहा जाता है कि इसी वजह से बिहार और झारखंड में ज्यादातर ट्रेनों में खास तौर पर लोकल ट्रेन में दरवाजे पर हाथ पकड़ने वाले हैंडल कटे हुए मिलते हैं। वीडियो फुटेज में सभी ने देखा है कि सौरभ सिंह पहले तो कोई बात नहीं कर रहा था। ना ही ज्वेलरी सामान देख रहा था। संभवत उसे हिंदी और छत्तीसगढ़ी अधिक नहीं आती रही होगी इसलिए उसने अधिक बात करना उचित नहीं समझा होगा। वह ज्यादातर समय तक चुपचाप ही बैठा रहा लेकिन जब दुकान संचालक पर उसके दूसरे साथी ने हमला कर दिया और गोली चला दी और वह गिर पड़ा तो सौरव से अपने साथी से भी आगे बढ़कर  दो गोलियां दागी। इस खतरनाक रूप के दिखने के कारण वह अधिक चर्चाओं में है।

जिला पुलिस अधीक्षक डॉ पल्लव से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार सभी अपराधियों को यहां लाने वाला अभिषेक कुमार झा है। मामले में जो आरोपी पकड़े गए हैं उनमें से अभिषेक ही यहां मुजगहन रायपुर का एकमात्र निवासी है। वह पिछले लगभग एक साल पहले रायपुर कोर्ट में पेशी लाए जाने के दौरान फरार हो गया था तब से अभी तक पकड़ा नहीं गया है।  अब इस अपराध को अंजाम देने के बाद पकड़ मे आया  है। आशंका है कि अभिषेक ही ने वारदात की योजना बनाई थी और सभी अपराधियों के साथ लेकर आया था। सौरव सिंह के खिलाफ झारखंड में कई मामले हैं लेकिन बताया जा रहा है कि वह अभी छत्तीसगढ़ आना शुरू किया था। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है कि क्या वह भी पूर्व में भी छत्तीसगढ़ में किसी अपराध में शामिल रहा है।