हत्याकांड में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद, मोटरसाइकिल में है झारखंड का नंबर, एक संदेही की पहचान हो जाने की उम्मीद

00 सीसीटीवी फुटेज में अपराधियों का चेहरा दिख रहा है स्पष्ट, पूरी घटना का आया सामने, अपराधिक गोली चलाते और मारपीट करते भी दिख रहे हैं

00 एक लंबे कद का और दूसरा उससे थोड़ा छोटा दिख रहा है, छोटे कद वाले का बाया हाथ कटा हुआ लग रहा है 

00 दोनों ने पिस्टल रखी थी, और दोनों ने ही गोलियां दागी

00 दोनों युवक बड़ी देर तक ज्वेलरी का सामान देखते रहे, अचानक एक युवक टूट पड़ा दुकान संचालक पर 

00 आरंग से जुड़ता दिख रहा है कुछ

00 एक हाथ आधा है लेकिन गोली दागने में कहीं पीछे नहीं रहा

 पाटन, दुर्ग, रायपुर।

असल बात न्यूज़।। 

     00  अमलेश्वर अपडेट continue

अमलेश्वर लूट और  हत्याकांड की घटना में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। जिस तरह से सबूत मिल रहे हैं उससे उम्मीद की जा रही है कि पुलिस अपराधियों तक जल्द से जल्द पहुंच जाएगी। पुलिस को घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल मिल गई है। इस मोटरसाइकिल में झारखंड का नंबर है जो कि फर्जी भी हो सकता है। यह नंबर प्लेट गुमराह करने के लिए भी लगाया गया हो सकता है। वैसे वीडियो फुटेज में अपराधियों का जो हुलिया दिख रहा है , उनमें से एक छत्तीसगढ़ का नहीं लग रहा है। अपराधियों ने पिस्टल से गोली चलाई थी जिससे ज्वेलरी दुकान संचालक की हॉस्पिटल में उपचार के दौरान मौत हो गई। अपराधी बड़े पैमाने पर सोना लूट कर ले गए हैं। जिस बैग में वे सोना ले गए हैं संभवत उसी में वारदात में प्रयुक्त पिस्टल भी रख कर निकल गए हैं। 

जिला पुलिस अधीक्षक डॉ अभिषेक पल्लो ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि अपराधी घटना को अंजाम देने के बाद मोटरसाइकिल से भागे हैं। यह मोटरसाइकिल रायपुर में मिल गई है।अभी जिस तरह के तथ्य सामने आ रहे हैं उससे लग रहा है कि दो अपराधियों ने ही इस घटना को अंजाम दिया है। लेकिन यहां यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि बाहर भी उनके सहयोगी हो सकते हैं जिन्होंने उन अपराधियों को भगाने में मदद की है। 

घटना के जो कई तथ्य सामने आ रहे हैं उससे कई चीजें स्पष्ट हो रही हैं। सबसे पहली बात है कि अपराधी हथियार से लैस होकर आए थे। उनके पास पिस्टल थी और उन्हें मालूम था कि इससे  डरा धमकाकर काम नहीं बनने पर जान भी ली जा सकती है। यहां सवाल यह उठ रहा है कि अपराधियों ने अपराध को अंजाम देने का जो समय चुना वह सुनियोजित तरीके से चुना गया था अथवा अचानक ही हुआ। यह तो कतई संयोग नहीं हो सकता कि घटना के समय दुकान के संचालक श्री सोनी दुकान में अकेले थे। इससे ऐसा लगता है कि आरोपियों को पूरी जानकारी चाहिए की दुकान संचालक इस निर्धारित समय में अकेले रहते हैं।हो सकता है कि घटना को अंजाम देने वाले लोगों ने इसके पहले से बार-बार रेकी की होगी अथवा आसपास का कोई सूत्र हो सकता है जिसने उसे इस समय के बारे में जानकारी दी होगी। अभी हमारे पास इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं है कि दुकान में क्या कुछ कर्मचारी भी काम करते थे ? और वे सब क्या घटना के समय एक साथ लंच पर चले गए थे अथवा कहीं दूसरी जगह गए थे ? आमतौर पर अगर दुकान में 2 कर्मचारी होते हैं तो दोनों को एक साथ लंच की छुट्टी नहीं दी जाती है। 

पुलिस को इस घटना के संबंध में कुछ और फुटेज मिले हैं जिसमें अपराधियों को दुकान संचालक के साथ मारपीट करते उसे दबोचते और सीधे  गोली चलाते देखा जा सकता है। अपराधियों ने इतने पास से गोली चलाई है कि किसी का भी बच पाना मुश्किल था। संभवत इसीलिए दुकान संचालक श्री सोनी की भी हॉस्पिटल में मृत्यु हो गई। फुटेज देख कर लग रहा है कि अपराधियों को गोली चलाने में कतई हिचक नहीं हुई बल्कि गोली लगने से श्री सोनी गिर पड़े तब भी उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें मार-मार कर नीचे गिरा दिया गया। इसके बाद एक अपराधी युवक उनके गल्ले की तरफ आ गया और इस तरह से दिख रहा है कि वही दुकान का संचालक है और सामान दिखाने का काम करता है। यह  दिल दहलाने वाली फुटेज है।

फुटेज में इसी घटना के दौरान एक और अन्य व्यक्ति भी दुकान में आता दिखता है और कुछ पूछता है जिसे उक्त दोनों युवक इशारे से दूसरी तक भेज देते हैं। पुलिस यह भी पता कर रही है कि मृतक के परिवार में किसी का हाथ तो नहीं कटा हुआ है। 

अभी यह जानकारी सामने आई है कि अपराधी यहां घटना को अंजाम देने के बाद रायपुर से आरंग की तरफ भागे हैं। आरंग में टोल नाका पर उनके फुटेज मिले हैं। मृतक का परिवार भी आरंग से ताल्लुक रखता है। इसमें कुछ कड़ियां जुड़ सकती है क्या ? पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।