स्थानांतरण से पाटन में स्वास्थ्य विभाग में बिगड़ी व्यवस्था ?कई पद रिक्त, विभागीय लोगों में भी असंतोष

 पाटन, दुर्ग।

असल बात न्यूज़।। 

प्रदेश में स्थानांतरण का प्रतिकूल और अनुकूल दोनों असर दिख रहा है। विभिन्न विभागों की जिस तरह से स्थानांतरण सूची सामने आ रही है उससे लग रहा कि स्थानांतरण का काम काफी जल्दबाजी में किया गया है, और उसने कई खामियां पैदा हो गई हैं। युक्तियुक्त व्यवस्था नहीं बनाने से स्थानांतरण से कई विभागों में स्थानांतरित की जगह किसी अन्य की पदस्थापना नहीं की गई है,उससे  कई पद रिक्त हो गए हैं । दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड में भी स्थानांतरण का प्रतिकूल असर दिख रहा है। यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन फार्मासिस्ट का स्थानांतरण कर दिया गया है और विभाग उनकी जगह किसी की पदस्थापना करना भूल गया। अब ये पद रिक्त रह जाने से यहां विभागीय व्यवस्था बिगड़ रही है। 

विभिन्न विभागों में स्थानांतरण की नई लिस्ट लोगों को अभी भी मिल रही है। इसके बाद स्थानांतरितों को आनन-फानन में रिलीव किया जा रहा है। राज्य शासन की नई स्थानांतरण नीति के तहत यह स्थानांतरण हो रहा है। हालांकि स्थानांतरण की अंतिम लिस्ट जारी करने की तिथि 30 सितंबर घोषित की गई थी लेकिन कुछ विभागों में दबे छुपे तौर पर इसकी लिस्ट आज की तारीख में भी जारी की जा रही है। बहुत सारे विभागों में स्थानांतरण की अंतिम सूची निर्धारित समय पर जारी नहीं की जा सकी है। स्थानांतरण में बड़े विभागों में कई सारी खामियां सामने आ रही हैं और लग रहा है कि इस स्थानांतरण सूची को बिना किसी प्लानिंग के,पूरी व्यवस्था को समझे बिना जल्दबाजी में जारी कर दिया गया है। स्थानांतरण विभागों की एक रूटीन प्रक्रिया है लेकिन स्थानांतरण  करने में जिस तरह से कमियां सामने आई है उससे लोगों में आक्रोश  फैल रहा है। कई जगह एक ही पद पर दो-दो लोगों को स्थानांतरित कर दिया गया है। कई जगह जिस पद पर पूर्व से ही दो व्यक्ति पदस्थ हैं वहीं दूसरे की भी पदस्थापना कर दी गई है। तो वहीं कई स्थानों से स्थानांतरित करने के बाद वहां किसी की नई पदस्थापना नहीं की गई है जिससे वे पद खाली हो गए हैं। 

पाटन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी ऐसा हुआ है। यहां से तीन फार्मासिस्ट ओ का स्थानांतरण कर दिया गया है। इनकी जगह किसी की नई पदस्थापना नहीं की गई है। इससे यहां स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था बिगड़ रही है। स्थानांतरण आदेश मिलने के बाद विभाग के द्वारा  स्थानांतरितों को यहां से रिलीव कर दिया गया है। 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन में पिछले वर्षों में स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार किया गया है। मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के इस स्वास्थ्य केंद्र में सभी अत्याधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही है। फार्मासिस्ट, के दवाई वितरण, मेडिसिन स्टोर को हैंडल करना, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक में सेवाएं देना जैसे महत्वपूर्ण काम हो गए हैं। अभी covid की वैक्सीन, पल्स पोलियो की वैक्सीन तथा बच्चों को समय-समय पर लगाई जाने वाली वैक्सीन को संभालने के काम में फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका हो गई है। राज्य सरकार ने गांव गांव में तथा दूरस्थ इलाकों मे स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना शुरू की है जिसमें भी फार्मेसिस्ट की सेवाएं जाती हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार पाटन विकासखंड में एक सप्ताह में 14 स्थानों पर मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक लगाया जा रहा है। अब यहां से  फार्मेसिस्ट का स्थानांतरण कर देने से इस क्लीनिक में फार्मासिस्ट की सेवाएं संभवत नहीं मिल पाएगी। पाटन, मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र है तो यहां समझा जा सकता है कि  वीआईपी ड्यूटी में भी अपेक्षाकृत फार्मासिस्ट की अधिक जरूरत पड़ती है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस विकासखंड के बटरेल  प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से चिकित्सक का भी स्थानांतरण कर दिया गया है। अब वहां किसी डॉक्टर का अटैचमेंट कर काम चलाना पड़ रहा है। 

कहा जा रहा है कि खासतौर पर स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग में दुर्ग जिले में जो स्थानांतरण हुए हैं उसमें कई सारी खामियां सामने आ रही हैं। मुख्यमंत्री का गृह जिला होने के बावजूद यहां स्थानांतरण में कई खामियां उजागर हो रही हैं जिससे विभाग के लोगों में भी असंतोष दिख रहा है। व्यवस्था बिगड़ रही है तो लोग भी आक्रोश जता रहे हैं। वहीं स्थानांतरण के बाद विभागों का कामकाज भी बिगड़ रहा है।