7 बार के विधायक गंगूराम का टिकट काटा, निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर किया नामांकन

 

 

भाजपा, कांग्रेस सहित आप में बगावती तेवर थमने हुए नजर नहीं आ रहे हैं। विधानसभा क्षेत्र पच्छाद से कांग्रेस पार्टी की तरफ से टिकट कटने के बाद सात बार के विधायक गंगू राम मुसाफिर ने मंगलवार को निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया है। गंगू राम मुसाफिर के साथ नामांकन भरने गए समर्थकों ने राजीव शुक्ला के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के  लिए नामांकन का आज आखिरी दिन था। पच्छाद के सराहां से करीब 40 साल बाद फिर से गंगूराम मुसाफिर बतौर निर्दलीय चुनावी मैदान में उतर गए हैं। मंगलवार को उन्होंने सराहां में एसडीएम के समक्ष नामांकन दाखिल किया। 

नामांकन भरने के दौरान भरी संख्या में उनके समर्थक मौजूद रहे। गंगूराम का टिकट काटने को लेकर उनके समर्थकों में भरी रोष देखने को मिला। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला के खिलाफ आक्रोश जताते हुए उनके खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। 
गंगूराम मुसाफिर ने शनिवार को राजगढ़ में अपने समर्थकों के साथ बैठक कर पार्टी हाईकमान को 25 अक्टूबर तक टिकट बदलने का अल्टीमेटम दिया था। जब हाईकमान ने टिकट नहीं बदला तो मंगलवार को नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन गंगूराम मुसाफिर ने 40 वर्षों के बाद एक बार फिर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन दाखिल किया। इससे पहले मुसाफिर 1982 में कांग्रेस के प्रत्याशी को हराकर निर्दलीय विधायक चुने गए थे। उसके बाद वह लगातार 6 बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बने।