रायपुर के TMT प्लांट में हादसा

 


रायपुर के एक TMT प्लांट में हुए हादसे में क्रेन ऑपरेटर की मौत हो गई। प्लांट में काम करने वाले 2 कर्मचारी इस हादसे में घायल भी हो गए। इस मामले में पुलिस ने पीएमटी प्लांट प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामला रायपुर के उरला इलाके का है। ग्रेविटी फैरो यूनिट-2 नाम की कंपनी टीएमटी बनाने का काम करती है।

इस प्लांट में रजनीश गुप्ता बतौर क्रेन ऑपरेटर काम किया करता था। उरला थाने से मिली जानकारी के मुताबिक पिघला हुआ लोहा जब प्लांट से निकला तो छिटक कर कर्मचारियों की तरफ चला गया, पास ही पानी था। इससे तेज भाप उठी। इसकी तपिश इतनी तेज थी कि तीन कर्मचारी झुलस गए। इनमें रजनीश गुप्ता भी था। सबसे करीब रजनीश था,जिससे वह बुरी तरह झुलस गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान गुरुवार की सुबह रजनीश की मौत हो गई। अन्य दो कर्मचारियों को मामूली चोटें आई हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है।

कर्मचारी की इलाज के दौरान हो गई मौत।
कर्मचारी की इलाज के दौरान हो गई मौत।

प्रबंधन की लापरवाही से हादसा
पुलिस ने ग्रेविटी फैरो यूनिट-2 नाम की कंपनी के खिलाफ इस मामले में केस दर्ज किया है। कंपनी के सुरक्षा अधिकारी या मैनेजर का नाम FIR में नहीं है। फिलहाल जांच में पुलिस ने पाया है कि, कंपनी प्रबंधन ने कर्मचारियों के लिए सुरक्षा के पर्याप्त उपाय नहीं किए थे। इसलिए कंपनी को जिम्मेदार मानते हुए केस दर्ज किया गया है।

पहले भी कई हादसे

4 महीने पहले सिलतरा के स्टील प्लांट में टायर में हवा भरने के दौरान एयर प्रेशर में आई गड़बड़ी की वजह से 2 कर्मचारियों की मौत हो गई थी । इससे पहले पिछले साल सार्थक टीएमटी में भी हादसा हुआ पिघला हुआ लोहा कर्मचारियों पर गिरा जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 6 कर्मचारी घायल हो गए थे।

उरला और सिलतरा इलाके में मौजूद स्टील और टीएमटी की कंपनियों में इसके बाद भी सुरक्षा मानकों को लेकर किसी तरह की कोई जांच या कार्रवाई नहीं हुई। बीते एक साल में इसी तरह के हादसों में 5 कर्मचारियों की मौत हुई है, लेकिन कभी कंपनी प्रबंधन के किसी कर्मचारी या जिम्मेदार सुरक्षा अधिकारी या कंपनी के मालिकों को न ताे पकड़ा गया और न कोई कार्रवाई हुई।