बांधों से पानी छोड़ने की फिर नौबत , शिवनाथ नदी में छोड़ा जाएगा कुल 22135 cusecs

 

अभी भी रुक रुक कर हो रही है बारिश

रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर।

 असल बात न्यूज़।। 

छत्तीसगढ़ राज्य में विभिन्न इलाकों में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से नदी नाले फिर उफान पर आ गए हैं। वही केचमेंट एरिया से बांधों में भी लगातार जल पहुंच रहा है और  ज्यादातर बांध अब पूर्ण क्षमता तक  भर गए हैं। ऐसे में बांधों से पानी छोड़ने की फिर से नौबत आ गई है। बांधों से पानी छोडे जाने पर नदियों का जलस्तर काफी बढ़ सकता है और ऐसे में कुछ क्षेत्र के जलमग्न हो जाने की भी आशंका पैदा हो गई है। 

नदियों में ज्यादातर बार बाढ़ आने की नौबत अति वर्षा की बजाय बांधों से पानी छोड़ने की वजह से आ जाती है। दुर्ग संभाग के विभिन्न बांधों से  पानी छोड़े जाने की फिर से नौबत आ रही है। राज्य में पिछले 3 दिनों से लगातार बारिश हो रही है कहीं रुक रुक कर तो कहीं लगातार रिमझिम बारिश। बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान उठने की वजह से यह बारिश हो रही है और इसके आगे भी जारी रहने की संभावना है।बारिश से बैराजों में जल की आवक लगातार बढ़ रही है। इसके चलते बैराजों से पानी छोड़ना जरूरी होता जा रहा है। इसके बाद शासन के द्वारा शिवनाध नदी में कुल 22135cusec पानी छोडने का निर्णय ले लिया गया है और यहां पानी छोड़ा जा रहा है। 

ताजा जानकारी के अनुसार दुर्ग जिले और राजनांदगांव जिले में लगातार बारिश हो रही है।यह बारिश अभी थमी नहीं है बल्कि रात में और तेज बारिश होने  की संभावना है। बारिश से हर क्षेत्र में जल भराव बढ़ गया है। बांधों में लगातार पानी आ रहा है जिससे उसमें पूर्ण क्षमता तक पानी भर गया है और जल की आवक लगातार जारी है। ऐसे में उस से पानी नहीं रिलीज किया गया तो खतरा पैदा हो सकता है। इसे देखते हुए शासन के द्वारा पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मोंगरा जलाशय में सत प्रतिशत जलभराव हो गया है और यहां से लगभग  18000 cusec पानी छोड़ा जाएगा। राजनांदगांव जिले में आज भी दिन भर  रुक-रुक कर बारिश होती रही,। इससे यहां स्थित बांधों में जल की आवक और बढ़ गई है।घूमरिया जलाशय में  90%. तक जल भराव होने की जानकारी मिली है जिसके बाद यहां से लगभग  2575 cusecs पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया है। इसी तरह से सूखानाला जलाशय में  90%. तक जल भराव हो जाने की जानकारी मिली है जिससे लगभग 1660 cusecs पानी छोड़ा जाना शुरू कर दिया गया है।बैराजो से यह पानी शिवनाथ नदी में छोड़ा जा रहा है।



हमें जो जानकारी मिली है उसके अनुसार जलाशयों से पानी छोड़े जाने के बाद शिवनाथ नदी का जलस्तर लगातार  बढ़ रहा है। लेकिन अभी कहीं खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है।