एड्स जागरूकता अभियान के तहत स्वरूपानंद महाविद्यालय के NSS और रेड रिबन क्लब के विद्यार्थियों की अनूठी पहल

 भिलाई ।

असल बात न्यूज़।।

स्वरूपानंद महाविद्यालय में NSS तथा रेट रिबन क्लब के संयुक्त तत्वावधान में स्किट (नाटक) का आयोजन किया गया। यहाँ विशेष रूप से यह उल्लेखनीय है की विद्यार्थियों ने एड्स जागरूकता पर अपना यह नाटक रिसाली के झोपड़पट्टी इलाके में जाकर किया। इस दौरान एड्स से बचाव के बारे में विशेष तौर पर जानकारी दी गई।

 नोडल अधिकारी, NSS  श्रीमती संयुक्ता पाढ़ी ने इस कार्यक्रम के उद्देश्य पर  प्रकाश डालते हुए कहा की एड्स  संक्रमण हर उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है और इसका मुख्य कारण जानकारी का आभाव होना है, नाटक एक बेहतरीन तरीका है जिसके जरिए पिछड़े  इलाकों में एड्स संक्रमण के लिए लोगों को जागरूक किया जा सकता है।  कार्यक्रम प्रभारी, NSS  डॉ मंजू कन्नोजिया ने बताया की एचआईवी संक्रमण से होने वाली महामारी एड्स के प्रति हर एक व्यक्ति को जागरूक होना ही चाहिए, और यह नाटक उसी के लिए एक पहल है।  रेड रिबन क्लब अधिकारी डॉ शिवानी शर्मा ने बताया की एड्स का संक्रमण बहुत ही बड़े पैमाने पैर फ़ैल रहा है। महाविद्यालय के विद्यार्थियों का यह योगदान अतुलनीय है और सराहनीय है जो समाज को एड्स मुक्त करने में एक मिल का पत्थर साबित हो सकता है।  

संवाद तथा गीत के माध्यम से एड्स होने के अलग-अलग तरीकों के बारे में विद्यार्थियों ने बड़ी ही मनमोहक प्रस्तुति दी।  इस नाटक के जरिए विद्यार्थियों यह स्पष्ट सन्देश दिया की किसी व्यक्ति को एड्स होने का अर्थ यह नहीं है की वह छुआछूत की बीमारी से ग्रस्त है , एड्स के प्रति हर एक व्यक्ति का जागरूक होना अति आवश्यक है, सत्तर्क रहना और बचाव ही एकमात्र तरीका है। इसी तरीके से हम पूरे भारत  को एड्स मुक्त बना सकते है।

    मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ दीपक शर्मा ने बताया की जब तक एड्स का कोई स्थाई इलाज नहीं निकल जाता, इस तरह के जन जागरूकता अभियान से इसकी रोकथाम की जा सकती है, और इस क्षेत्र में विद्यार्थियों की यह पहल अनूठी है।

प्राचार्य डॉ  हंसा शुक्ला हे इस आधुनिक युग की सबसे बड़ी स्वस्थ्य समस्याओं में से एक है। इस वर्ष की थीम 

'असमानताओं को समाप्त करें तथा एड्स का अंत करें" , विद्यार्थियों द्वारा किया गया नाटक इस थीम के उद्देश्यों की पूर्ति भली भांति करता है  इस सराहनीय कार्यक्रम के लिए NSS नोडल अधिकारी , कार्यकारी प्रभारी तथा सभी विद्यार्थी बधाई के पात्र हैं , नाटक मे संवाद लेखन से लेकर प्रदर्शन तक दीक्षापाल ,पुरुषोत्तम ,यशस्वी साहू ,अंशु ,प्रीती सिंह ,युक्ति,आरती,कृति,इंन्दु ,पेमेश्वरि,वन्दना अश्वनी, पंकज ,विवेक का सराहनीय योगदान रहा.