फोन स्नैचिंग रोकने के लिए दिल्ली पुलिस IMEI नंबर करेगी ब्लॉक

 


दिल्ली की सड़कों पर अपराध बढ़ता जा रहा है। आए दिन अपराध की खबरें पढ़ने को मिलती हैं। इन अपराधों में फोन स्नैचिंग के मामलों में विशेष वृद्धि देखी जा रही है। दिल्ली पुलिस इसपर काबू पाने के लिए अब इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी (IMEI) नंबर को ब्लॉक करने की योजना बना रही है। इसके लिए वह इंटरनेट सेवा प्रदाताओं और दूरसंचार विभाग के साथ मिलकर काम करेगी।

IMEI ब्लॉक होने के बाद फोन किसी काम का नहीं
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि चोरी किए हुए मोबाइल फोन का IMEI नंबर नोट कर पुलिस उसे सर्वर के माध्यम से ब्लॉक कर देगी। ब्लॉक करने के बाद फोन किसी काम का नहीं रहेगा।

फोन स्नैचिंग के ज्यादातर मामले महिलाओं और बुजुर्गों के साथ
पुलिस ने बताया कि फोन स्नैचिंग का मामला अमूमन बुजुर्गों और महिलाओं के साथ घटता है। आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में इस साल जनवरी से लेकर जून तक कुल 4,660 फोन स्नैचिंग के मामले दर्ज किए गए हैं। फोन स्नैचिंग के मामले में पिछले साल के मुकाबले 15 % की बढ़त हुई है। फोन चोरी करने के बाद चोर उस फोन को कम कीमत में दिल्ली या दिल्ली के आसपास के इलाकों में बेच देते हैं।

फोन स्नैचिंग केस में आएगी गिरावट
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि हमने प्रयोग के तौर पर एक महीने में कुल 950 फोन का IMEI नंबर ब्लॉक किया। इस तरह वो फोन किसी काम के नहीं रहे। फोन ब्लॉक हो जाने के बाद चोर उसे बेच ही नहीं सकते हैं। पुलिस ने बताया कि हम जल्द ही सभी चोरी हुए फोन का IMEI नंबर अपने सर्वर पर अपलोड करेंगे।

सर्वर मजबूत करने की है जरूरत
एक पुलिस अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि अक्सर जिन लोगों का फोन चोरी हो जाता वो अपना फोन ब्लॉक नहीं करवाते हैं। एक बार फोन ब्लॉक हो गया तो उसे दोबारा खोला नहीं जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि इस बात को ध्यान में रखते हुए हम यह कोशिश कर रहें हैं कि हम अपने सर्वर को ही इतना मजबूत कर लें कि फोन को आसानी से ट्रेस किया जा सके। इससे चोरी का फोन मिल जाएगा और फोन को इस्तेमाल भी किया जा सकेगा।