कांग्रेस के विधायकों को राजधानी के आसपास रहने का निर्देश

 


राज्य में राजनीतिक हालात को देखते हुए विधायकों को राजधानी के आसपास ही रहने का निर्देश मिला है. राजनीतिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार अलर्ट मोड पर है. मुख्यमंत्री शनिवार को सभी यूपीए विधायकों के साथ बैठक करेंगे. इसे लेकर कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने पार्टी विधायकों के साथ बुधवार को बैठक की थी. इसमें विधायकों से कहा था कि वे रांची के आसपास रहें. ऐसी जगह रहें, जहां से दो-चार घंटे के अंदर किसी सूचना पर राजधानी पहुंच जायें.

रांची में कैंप कर रहे विधायक

कांग्रेस के कई विधायक फिलहाल रांची में ही कैंप कर रहे हैं. कांग्रेस विधायकों का इस मामले में कहना है कि राजनीतिक हालात को देखते हुए ऐसा निर्देश आया है. झामुमो विधायक भी संपर्क में हैं. इधर, स्पीकर रबींद्रनाथ महतो और झामुमो विधायक निरल पूर्ति ने अपनी कनाडा यात्रा रद्द कर दी है. हालांकि श्री महतो ने कहा कि उनकी तबीयत थोड़ी खराब है और क्षेत्र में सुखाड़ को देखते हुए उन्होंने अपनी यात्रा रद्द की है.

तीन विधायकों के पकड़े जाने के बाद सत्ता पक्ष चौकस

पिछले दिनों कोलकाता में विशेष चेकिंग अभियान में कांग्रेस के तीन विधायक कैश के साथ पकड़े गये थे़ इसके बाद राज्य की राजनीति में हड़कंप मच गया था. कांग्रेस के विधायकों पर आरोप है कि वे राज्य में हेमंत सोरेन सरकार पलटने की तैयारी में थे.इन विधायकों पर लगे आरोप की जांच कोलकाता सीआइडी कर रही है. देश के कई ठिकानों पर छापेमारी हुई है. कोलकाता पुलिस पूरे मामले को असम से जोड़ कर देख रही है. तीन विधायकों की गिरफ्तारी के बाद सत्ता पक्ष चौकस हुआ है़ आने वाले समय में किसी भी परिस्थिति से निपटने की रणनीति बनायी गयी है.

सीएम कल विधायकों के साथ करेंगे बैठक

कांग्रेस विधायकों के झारखंड नहीं छोड़ने के सवाल पर आलमगीर आलम ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 20 अगस्त को विधायकों के साथ बैठक करेंगे. इसमें कांग्रेस विधायकों को मौजूद रहने को कहा गया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायकों को झारखंड नहीं छोड़ने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है. मैं उनके संपर्क में हूं.

निर्वाचन आयोग में सीएम के मामले की सुनवाई पूरी

भारत निर्वाचन आयोग में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मामले की सुनवाई गुरुवार को पूरी हो गयी. दोनों पक्षों ने लिखित बहस आयोग के समक्ष जमा कर दी है, जिसके बाद अब फैसले का इंतजार है. निर्वाचन आयोग किसी भी दिन फैसला सुना सकता है. बताया गया कि निर्वाचन आयोग अपने फैसले से राज्यपाल को अवगत करायेगा, जिसके आधार पर राज्यपाल कार्रवाई करेंगे. गौरतलब है कि भाजपा नेताओं की शिकायत पर राज्यपाल ने निर्वाचन आयोग से नाइन-ए के मामले में मंतव्य मांगा था. भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम पत्थर खदान लीज लेने के आधार पर उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की है. इसके बाद राज्यपाल ने मामला निर्वाचन आयोग को भेज दिया था. बसंत सोरेन के मामले की सुनवाई 22 को : दुमका से विधायक बसंत सोरेन के मामले में भी नाइन-ए के तहत भाजपा ने शिकायत की है और उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की है. यह मामला भी निर्वाचन आयोग के पास है. 22 अगस्त को निर्वाचन आयोग बसंत सोरेन की मामले की सुनवाई करेगा.