आई दरार के बाद बचाव कार्य के लिए उतरी सेना, गठित की जांच कमेटी, बांध के दूसरी तरफ से निकाला जा रहा है पानी

 


मध्य प्रदेश के धार में कोरवा डैम को फूटने से बचाने के लिए अब सेना ने कमान आपमे हाथों में ली है। जानकारी के अनुसार बचाव कार्य हेतु सेना के जवान शुक्रवार को लगभग रात 2 बजे धार पहुंचे। और मेजर समेत आर्मी के 40 सेना के जवान बांध पहुंच गए। बताया जा रहा है कि कुछ और जवान भी पहुंच सकते है।

दरअसल NDRF की सूरत, वडोदरा, दिल्ली और भोपाल से  भी टीम रवाना कर दी गई है। हर टीम में 30 से 40 जवान शामिल हैं। ACS गृह राजेश राजौरा ने बताया कि डैम को लेकर एक हाईलेवल मीटिंग मंत्रालय में बुलाई गई थी। जिसमें यह निर्णय लिया गया था कि सेना की मदद लेनी चाहिए।

बता दें कि जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, कमिश्नर, कलेक्टर और एसपी भी अब दुबारा मौके पर पहुंचे हैं। और उनकी ही मॉनिटरिंग में डैम के दूसरे छोर से दूसरी नहर बनाने की कोशिश की जा रही हैं। बताया जा रहा है कि इस नहर से एक बार पानी का फ्लो शुरू हो जाएगा, तो डैम में पानी का दबाव कम होता चला जाएगा। और इससे नुकसान को कम करने में बहुत मदद मिलेगी।

 वहीं तुलसीराम सिलावट ने बताया, विशेषज्ञों की जांच समिति गठित कर दी गई है। जांच के दौरान लापरवाही पाए जाने पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि रातभर बांध के दूसरी तरफ पहाड़ से करीब पानी निकालने के लिए खुदाई होती रही। लगातार काम जारी और स्थिति नियंत्रण में है। साथ ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर यहां कैंप किए हुए हैं।

उक्त बांध की लम्बाई 590 मीटर और ऊँचाई 52 मीटर है और वर्तमान में 15 MCM पानी उक्त बांध में संचयित है। इसके साथ ही कमिश्नर, IG इंदौर, कलेक्टर और SP धार, EnC और CE जलसंसाधन और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर उपस्थित हैं।

वहीं ऐहतियातन शुक्रवार को धार जिले के 12 गांव और खरगोन जिले के 6 गांवों को खाली कराके सुरक्षित स्थानों पर राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया। अभी भी लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास जारी है। उस दौरान पुलिस कहती हुई नजर आई कि जितनी जल्दी हो सके यहां से निकलने का प्रयास करिए। अपने सामान की चिंता मत करिए। अपने परिवार और बच्चों को लेकर सुरक्षित निकालिए।

धार जिले के धरमपुरी तहसील में स्थित कारम नदी पर बन रहे करीब 305 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे डैम में लीकेज की सूचना सामने आई है। इस परियोजना में 8 गांव की जमीन डूब में आई थी। साथ ही इसके करीब 8000 से 11000 हेक्टेयर में सिंचाई के लिए उक्त डैम से पानी मिलना था।

इसे लेकर एमपी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा, 'मध्य प्रदेश के धार जिले में करम नदी पर बने नवनिर्मित कोठीडा-भरुदपुरा बांध में रिसाव की खबर बेहद चिंताजनक है। आदिवासी क्षेत्रों में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। मैं सरकार से मांग करता हूं कि बांध में लीकेज को देखते हुए सरकार तत्काल सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय करें ताकि किसी भी तरह की क्षति व जानमाल की क्षति को रोका जा सके और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।