स्वरूपानंद महाविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवियों द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव 'आईकॉनिक वीक' का भव्य शुभारंभ

 भिलाई ।

असल बात न्यूज़।।

8 अगस्त 2022 से आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आईकॉनिक वीक पूरे भारतवर्ष में बहुत हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत प्रस्तावित गतिविधियों का क्रियावयन स्वरूपानंद महाविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवियो ने भी किया । कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए  एनएसएस नोडल अधिकारी श्रीमती संयुक्ता पाढ़ी ने बताया कि इस कार्यक्रम के ज़रिये देश के युवाओं को आगे आने , हमारे लोकतंत्र की सच्ची भावना को आत्मसात करने तथा भारत की आजादी के 75 साल पूरे जोश के साथ मनाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया है। साथ ही  देश की उन्नति के लिए विद्यार्थियों द्वारा किए गए प्रत्येक कार्य का सोशल मीडिया के जरिए भरपूर प्रचार प्रसार करना है। 

कार्यक्रम प्रभारी डॉ मंजू कनौजिया ने बताया की भारत सरकार द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के अन्तर्गत एनएसएस के विद्यार्थियों का योगदान हर क्षेत्र पर देखकर आज के युवा प्रभावित अवश्य प्रेरित होगी तथा देश की उन्नति व प्रगति मैं अपना भरपूर योगदान देगी। 

सात दिवसीय इस कार्यक्रम में प्रथम दिवस में  एनएसएस स्वयं सेवकों ने सार्वजनिक स्थानों जैसे अस्पताल ,महापुरुषों की मूर्तियां, रेलवे स्टेशन ,बस स्टॉप आदी जगहों की साफ सफाई की।  इनमे कुछ मुख्य स्थान हैं - सेंचुरी सीमेंट चौक , महाराणा प्रताप प्रतिमा सेक्टर सात ,नेहरू प्रतिमा  सेक्टर नौ  हॉस्पिटल , भिलाई नगर रेलवे स्टेशन  सेक्टर सात, पेट्रोल पंप, डीपीएस बस स्टॉप , साथ ही  हुडको , दुर्ग , पंथी चौक  बस स्टॉप , सुनीति उद्यान सेक्टर आठ इत्यादि शामिल हैं। स्वयंसेवियों ने लोगों को स्वछता लिए भी जागरूक किया।

मुख्य कार्यकारिणी अधिकारी डॉ दीपक शर्मा ने बताया कि की आजादी के अमृत महोत्सव अर्थात स्वतंत्रता का उत्सव जिसमे आइकोनिक वीक के अंतर्गत इन गतिविधियों के माध्यम से आज की युवा पीढ़ी न केवल प्रेरित होगी बल्कि वे आत्मनिर्भरता तथा स्वाभिमान की भावना से भी पोषित होंगे। 

प्राचार्य डॉ हंसा शुक्ला ने बताया की एक एनएसएस स्वयंसेवी 'स्वयं' से पहले 'समुदाय' को स्थान देता है।  छात्र और राष्ट्रीय स्वयंसेवी समाज के सबसे गतिशील वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं। आइकोनिक सप्ताह में होने वाले विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से छात्रों के व्यक्तिव और चरित्र दोनों का विकास संभव है।  

राष्ट्र निर्माण एवंम प्रगति की ओर उन्मुख  स्वयं सेवकों को समस्त स्वरूपानंद परिवार ने बधाईयां दी।